डोनाल्ड ट्रंप के पाकिस्तान विरोधी NSA माइकल फ्लिन ने दिया इस्तीफा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) माइकल फ्लिन ने रूस के साथ अमेरिकी प्रतिबंधों की चर्चा करने के आरोपों के बीच दिया इस्तीफा। पाकिस्तान के बड़े अलोचक हैं फ्लिन।
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डाोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) माइकल फ्लिन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। फ्लिन पर आरोप लग रहे थे कि उन्होंने चुपचाप गुप्त तरीके से रूस के साथ अमेरिकी प्रतिबंधों पर चर्चा की थी। खबरें हैं कि फ्लिन ने ट्रंप के शपथ ग्रहण से पहले रूस से चर्चा की और फिर इस पूरी बातचीत को सबसे छिपाने की कोशिश की थी।

फ्लिन ने मांगी ट्रंप से माफी
फ्लिन का इस्तीफा अमेरिका के न्याय विभाग की ओर से ट्रंप को दी गई उस चेतावनी के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि फ्लिन ने रूस के राजदूत के साथ बातचीत पर प्रशासन के अधिकारियों को गुमराह किया था। चेतावनी में यह भी कहा गया था कि फ्लिन इस कदर कमजोर पड़ चुके थे कि रूस उन्हें ब्लैकमेल तक कर सकता था। 58 वर्ष के फ्लिन ने अमेरिकी चुनावों के शुरुआती दौर में ट्रंप का समर्थन किया था। वह सिर्फ तीन हफ्तों तक ही इस पद पर रहे। इस तरह से वह अमेरिका के ऐसे एनएसए बन गए हैं जिन्होंने सबसे कम समय तक बतौर एनएसए अपनी जिम्मेदारियां दी। रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल फ्लिन की जगह फिलहाल एक और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल जोसेफ कीथ केलॉग को कार्यवाहक एनएसए बनाया गया है। व्हाइट हाउस की ओर से यह जानकारी दी गई है। फ्लिन का जो इस्तीफा व्हाइट हाउस की ओर से जारी किया गया है उसमें साफ है कि फ्लिन ने राष्ट्रपति ट्रंप और उप-राष्ट्रपति माइक पेंस से माफी मांगी है। साथ ही उन्होंने रूस के राजदूत से हुई उनकी अधूरी बातचीत के बारे में उन्हें ब्रीफ किया है।
पाक के लिए बुरी खबर थी फ्लिन का आना
फ्लिन, ट्रंप के करीबी थे और जब ट्रंप ने नवंबर में उन्हें एनएसए बनाने का ऐलान किया था तो इसे पाकिस्तान के लिए एक बुरी खबर बताया गया था। फ्लिन हमेशा पाकिस्तान को मिल रही मदद को खत्म करने की वकालत करते आए हैं। 56 वर्षीय फ्लिन अमेरिका के उन टॉप मिलिट्री लीडर्स में से हैं जिनके पास इंटेलीजेंस की बहुत ज्यादा जानकारी है। थ्री स्टार जनरल फ्लिन अफगानिस्तान और इराक में आतंकियों के नेटवर्क से बखूबी वाकिफ हैं। फ्लिन की नियुक्ति को सीनेट की मंजूरी की जरूरत नहीं है और अगर वह अमेरिका के अगले एनएसए बनते हैं तो वह सुसान राइस की जगह लेंगे। माइकल फ्लिन अमेरिका की डिफेंस इंटेलीजेंस एजेंसी के पूर्व प्रमुख रह चुके हैं और वह पेंटागन के साथ काफी समय तक जुड़े रहे हैं। उनके पास अमेरिकी इंटेलीजेंस एजेंसी के साथ 9/11 को हुए आतंकी हमलों के साथ काम करने का काफी अच्छा अनुभव है। उन्हें माइक के नाम से भी जानते हैं। जुलाई 2004 से जून 2007 तक फ्लिन ज्वॉइन्ट स्पेशल ऑपरेशंस कमांडर के तौर पर अफगानिस्तान और इराक में तैनात रहे हैं। पढ़ें-एनएसए फ्लिन से ट्रंप का सवाल-'डॉलर कैसा है'












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