डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा, मैक्सिको और चीन के खिलाफ शुरू किया टैरिफ युद्ध, ट्रूडो सरकार के हाथ-पांव फूले

Donald Trump: अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए शथ लेंगे और पहले ही दिन उन्होंने कनाडा, मैक्सिको और चीन को जोरदार झटका देने का फैसला कर लिया है। अवैध आव्रजन और ड्रग्स पर नकेल कसने के कोशिश में मैक्सिको, कनाडा और चीन पर भारी भरकम टैरिफ लगाने का फैसला लिया गया है।

डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा है, कि 20 जनवरी को पदभार संभालने के बाद वह अपने पहले कदमों में से एक के रूप में कनाडा और मैक्सिको से आने वाले हर उत्पाद पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाएंगे। सोमवार को अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, कि टैरिफ तब तक लागू रहेगा, जब तक अमेरिका में अवैध आव्रजन को रोकने के लिए मैक्सिको और कनाडा के साथ सीमाएं बंद नहीं हो जातीं।

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अगर टैरिफ लागू किए गए तो गैस से लेकर ऑटोमोबाइल तक हर चीज की कीमतें नाटकीय रूप से बढ़ सकती हैं। सबसे हालिया जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका दुनिया में वस्तुओं का सबसे बड़ा आयातक है, जिसमें मैक्सिको, चीन और कनाडा इसके शीर्ष तीन आपूर्तिकर्ता हैं।

लेकिन, ट्रंप ने कहा, कि "जैसा कि सभी जानते हैं, हजारों लोग मैक्सिको और कनाडा से होकर आ रहे हैं, और अपने साथ अभूतपूर्व स्तर का अपराध और नशीले पदार्थ लेकर आ रहे हैं।"

कनाडा, मैक्सिको और चीन को झटका

ट्रंप ने कहा, "फिलहाल, मैक्सिको से आने वाला एक कारवां, जिसमें हजारों लोग शामिल हैं, हमारी वर्तमान खुली सीमा के जरिए देश में आ रहे हैं।" उन्होंने कहा, कि "20 जनवरी को, मेरे कई पहले कार्यकारी आदेशों में से एक के रूप में, मैं मेक्सिको और कनाडा से संयुक्त राज्य अमेरिका और इसकी हास्यास्पद खुली सीमाओं में आने वाले सभी उत्पादों पर 25% टैरिफ़ लगाने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेजो पर हस्ताक्षर करूंगा।"

उन्होंने कहा, कि "यह टैरिफ तब तक प्रभावी रहेगा जब तक ड्रग्स, विशेष रूप से फेंटेनाइल और सभी अवैध विदेशी हमारे देश पर इस आक्रमण को रोक नहीं देते! मेक्सिको और कनाडा, दोनों के पास इस लंबे समय से चली आ रही समस्या को आसानी से हल करने का पूर्ण अधिकार और शक्ति है।"

उन्होंने कहा, कि "हम मांग करते हैं कि वे इस शक्ति का उपयोग करें, और जब तक वे ऐसा नहीं करते, तब तक उन्हें बहुत बड़ी कीमत चुकानी होगी।"

चीन पर 10 प्रतिशत एक्स्ट्रा टैरिफ

इसके अलावा, चीन पर भी उन्होंने अपना गुस्सा जाहिर किया और कहा, कि उन्होंने चीन के साथ कई बार बातचीत की है, जिसमें कहा गया है, कि अमेरिका में ड्रग्स, खास तौर पर फेंटेनाइल की भारी मात्रा भेजी जा रही है - लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने लिखा, "जब तक वे इसे बंद नहीं करते, हम चीन से अमेरिका में आने वाले सभी उत्पादों पर किसी भी अतिरिक्त टैरिफ से ऊपर 10% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाएंगे।"

फिलहाल यह साफ नहीं है, कि क्या ट्रंप वास्तव में धमकियों को लागू करेंगे या वे नए साल में पदभार ग्रहण करने से पहले बातचीत की रणनीति के रूप में टैरिफ धमकियों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

हाल ही में यूएस के आंकड़ों के अनुसार, मेक्सिको से अवैध रूप से सीमा पार करने के लिए गिरफ्तारियां कम हो रही हैं और अक्टूबर में चार साल के निचले स्तर पर रहीं। बॉर्डर पैट्रोल ने अक्टूबर में 56,530 गिरफ्तारियां कीं, जो पिछले अक्टूबर की संख्या का एक तिहाई से भी कम है।

वहीं, अमेरिका में फेंटेनाइल मैक्सिको से तस्करी करके लाया जाता है। राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में सीमा पर इस दवा की जब्ती में तेजी से वृद्धि हुई और अमेरिकी अधिकारियों ने 2024 के सरकारी बजट वर्ष में लगभग 21,900 पाउंड (12,247 किलोग्राम) फेंटेनाइल जब्त किया, जबकि 2019 में जब ट्रम्प राष्ट्रपति थे, तब यह संख्या 2,545 पाउंड (1,154 किलोग्राम) थी।

यदि ट्रंप नॉमिनेट ट्रेजरी सचिव के लिए नामित स्कॉट बेसेंट सीनेट से चुन ली जाती हैं, तो वे अन्य देशों पर टैरिफ लगाने के लिए जिम्मेदार कई अधिकारियों में से एक होंगे। उन्होंने कई मौकों पर कहा है, कि टैरिफ अन्य देशों के साथ बातचीत का एक साधन है।

उन्होंने अपने नामांकन से पहले पिछले सप्ताह फॉक्स न्यूज के एक लेख में लिखा था, कि टैरिफ "राष्ट्रपति की विदेश नीति के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए एक उपयोगी उपकरण है। चाहे वह सहयोगियों को अपनी रक्षा पर ज्यादा खर्च करने के लिए प्रेरित करना हो, अमेरिकी निर्यात के लिए विदेशी बाजारों को खोलना हो, अवैध आव्रजन को समाप्त करने और फेंटेनाइल तस्करी को रोकने के लिए सहयोग सुनिश्चित करना हो या सैन्य आक्रमण को रोकना हो, टैरिफ एक केंद्रीय भूमिका निभा सकते हैं।"

कनाडा और मैक्सिकों पर होगा गंभीर असर

यदि डोनाल्ड ट्रंप वाकई टैरिफ लगाते हैं, तो कनाडा और मैक्सिको की अर्थव्यवस्था पर इसका गंभीर असर होगा। खासकर कनाडा मुसीबतों में फंस जाएगा, क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था पहले से ही गोता लगा रही है।

नये टैरिफ के लगने से 2020 के व्यापार सौदे की विश्वसनीयता पर भी संदेह पैदा होंगे, जिसे मुख्य रूप से ट्रंप ने ही आगे बढ़ाया था, जिसकी समीक्षा 2026 में होनी है।

वाशिंगटन में कनाडा के राजदूत और उप प्रधान मंत्री, क्रिस्टिया फ्रीलैंड के प्रवक्ता, जो ट्रंप के एक और राष्ट्रपति पद के बारे में चिंताओं को दूर करने के लिए कनाडा-अमेरिका संबंधों पर एक विशेष कैबिनेट समिति की अध्यक्षता करते हैं, उन्होंने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है।

लेकिन, ट्रंप के टैरिफ घोषणा से पहले एक वरिष्ठ कनाडाई अधिकारी ने कहा था, कि कनाडाई अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि ट्रंप पद संभालते ही व्यापार और सीमा पर कार्यकारी आदेश जारी करेंगे। अधिकारी को सार्वजनिक रूप से बोलने की अनुमति नहीं थी और उन्होंने नाम न बताने की शर्त पर बात की।

मेक्सिको के विदेश संबंध विभाग और अर्थव्यवस्था विभाग ने भी ट्रंप के बयानों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। आम तौर पर ऐसे गंभीर मुद्दों को राष्ट्रपति सुबह की प्रेस ब्रीफिंग में संभालती हैं।

ट्रंप के ऐलान से कनाडा में डर

कनाडा की न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (NDP) के नेता जगमीत सिंह ने मंगलवार को जस्टिन ट्रूडो के नेतृत्व वाली लिबरल सरकार से देश के लिए खड़े होने और अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कनाडा और मैक्सिको से आने वाले सामानों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के इरादे के खिलाफ लड़ने का आह्वान किया है।

टैरिफ की घोषणा के कुछ घंटों बाद, NCP नेता ने X पर लिखा, "खड़े हो जाओ और पूरी ताकत से लड़ो। कनाडा की नौकरियां खतरे में हैं।"

ट्रंप के पिछले कार्यकाल के दौरान भी जस्टिन ट्रूडो के साथ उनके संबंध कोई अच्छे नहीं थे और जब ट्रंप 2020 का चुनाव हार गये, तो ट्रूडो ने सार्वजनिक तौर पर उनका मजाक उड़ाया था। वहीं, ट्रंप पहले भी कई बार जस्टिन ट्रूडो की आलोचना कर चुके हैं।

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