ऑस्ट्रेलियन बैंक ने कहा, भारत की तरह यहां भी हो नोट बंदी
ऑस्ट्रेलिया के एक बैंक का मानना कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह एक कठोर फैसला जरूरी। बैंक ने कहा देश में 100 डॉलर के नोट को बैन कर देना चाहिए।
सिडनी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोट बैन से प्रभावित होकर अब हो सकता ऑस्ट्रेलिया में भी नोट को बैन कर दिया जाए। ऑस्ट्रेलिया के एक मशहूर बैंक ने सलाह दी है कि भारत की राह पर चलते हुए यहां पर भी अब कुछ नोटों को बैन कर देना चाहिए।

100 डॉलर के नोट को बंद करने की मांग
ऑस्ट्रेलिया के यूबीएस बैंक ने देश में 100 डॉलर के नोट को बैन करने की मांग की है।सोमवार को यूबीएस बैंक ने कहा कि अगर 100 डॉलर के नोट को बंद किया जाता है तो यह काफी सकारात्मक कदम होगा।
बैंक का मानना है कि बैंकों में काफी तेजी से रकम जमा करने के काम में तेजी आ रही है। ऐसे में डिजिटल और कैशलैस पेमेंट को बढ़ावा देने और ब्रांच पर बोझ कम करने के लिए ऐसा कर देना चाहिए।
बैंक का कहना है कि एक ऐसे देश में जहां पर सिर्फ एक प्रतिशत लोग ही टैक्स देते हैं, वहां पर भारत जैसा ही कोई कदम उठाना चाहिए ताकि ब्याज दरों में कमी आई और छिपे हुए टैक्स की भी अदायगी हो सके।
हालांकि कैश इकॉनमी के तौर पर ऑस्ट्रेलिया की चिंताएं भारत जितनी गहरी नहीं हैं।
100 डॉलर के कितने नोट
ऑस्ट्रेलिया में इस समत 100 डॉलर के 300 मिलियन नोट ही चलन में हैं और जिन्हें कभी-कभी ही प्रयोग किया जाता है।
पांच डॉलर की तुलना में 100 डॉलर के नोट तिगुना चलन में हैं। 92 प्रतिशत की करेंसी ऐसी है जो या तो 100 डॉलर में है या फिर 50 डॉलर में है।
यूएसबी का कहना है कि डिजिटल ट्रांजैक्शन जिस तेजी से ऑस्ट्रेलिया में बढ़ रहा है उसके बाद यहां पर डिमॉनेटाइजेशन जैसा कदम जल्द उठाने की जरूरत है।
बैंक की ओर से ऑस्ट्रेलिया के रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (आरबीए) के आंकड़ों की जानकारी दी गई।
लेन-देन में कैश का कम प्रयोग
यूएसबी ने बताया कि आरबीए की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक ट्रांजैक्शन में कैश का प्रयोग अब और कम हो गया है।
वर्ष 2009 से एटीएम के जरिए होने वाले लेन-देन में 3.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं क्रेडिट कार्ड के जरिए लेन-देन में 7.3 प्रतिशत की दर से हर वर्ष इजाफा हो रहा है।












Click it and Unblock the Notifications