दिल्ली में SCO की बैठक में शामिल हुए चीन, पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल
नई दिल्ली, 17 जूनः भारत की राजधानी नई दिल्ली में एससीओ के सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडल भारत द्वारा आयोजित समूह की तीनदिवसीय बैठक का आज आखिरी दिन था। इस अवसर पर सभी सदस्य राष्ट्रों ने 2023 में चीन को उसकी आयोजन की भूमिका के लिए समर्थन दिया। एससीओ राज्यों के सीमा प्रबंधन बलों के प्रमुखों की 8 वीं बैठक में बीएसएफ के डीजी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष संयुक्त सीमा अभियान 'मैत्री सीमा 2022' की तैयारी और संचालन की योजना की समीक्षा और अनुमोदन किया गया।
तस्वीर-एएनआई

चीन, पाकिस्तान और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के अन्य सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडल भारत द्वारा आयोजित समूह की एक बैठक में हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें आतंकवाद के खतरों सहित सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श किए जाने की उम्मीद है। नयी दिल्ली में यह तीन दिवसीय बैठक बुधवार को शुरू हुई और इसमें अफगानिस्तान की स्थिति सहित अन्य क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्यों पर व्यापक विचार-विमर्श होने की संभावना है।
इस बैठक में चीन और पाकिस्तान समेत एससीओ सदस्य देशों के सीमा प्रबंधन बलों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो रहे हैं। पूर्वी लद्दाख में दो साल से अधिक समय से भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच जारी सैन्य गतिरोध की पृष्ठभूमि में चीनी प्रतिनिधिमंडल इस बैठक में शिरकत कर रहा है। भारत एससीओ के क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी ढांचे (एससीओ-आरएटीएस) के अध्यक्ष के रूप में बैठक की मेजबानी कर रहा है। भारत ने पिछले साल 28 अक्टूबर को एक साल की अवधि के लिए एससीओ-आरएटीएस की अध्यक्षता संभाली थी।
भारत ने एससीओ-आरएटीएस के साथ अपने सुरक्षा संबंधी सहयोग को गहरा करने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है, जो विशेष रूप से सुरक्षा और रक्षा से जुड़े मुद्दों पर आधारित है। पिछले महीने, भारत ने एससीओ देशों के आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञों की एक बैठक की मेजबानी की थी। एससीओ एक प्रभावशाली आर्थिक औऱ सुरक्षा ब्लॉक है और सबसे बड़े अंतर क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय संगठनों में से एक के रूप में उभरा है। एससीओ के सदस्य देश रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान, किर्गिस्तान, कजाकिस्तान, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान हैं। अफगानिस्तान, एससीओ के पर्यवेक्षक राज्यों में से एक है।












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