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अगर मर गया है तो बगदादी तो फिर अब कौन बनेगा ISIS का कैप्‍टन

वाशिंगटन। सोमवार को खबरें आईं कि आईएसआईएस के मुखिया अबु बकर अल बगदादी अमेरिकी हमलों में बुरी तरह घायल होने के बाद मारा गया है। खुद को खलीफा साबित करने वाले बगदादी की मौत की खबरों ने इस संगठन के सामने नेतृत्‍व से जुड़ा एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। बगदादी आईएसआईएस के लिए वह नाम है जिसने इस संगठन को दुनिया के नक्‍शे पर दहशत के बादशाह का खिताब दिलाया है।

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सिर्फ इतना ही नहीं बगदादी के नाम पर ही दुनिया भर के युवा संगठन में भर्ती होने के लिए आगे आए। बगदादी ने वह कर दिखाया है जो दूसरे आतंकी संगठनों के नेता नहीं कर सके हैं।

कौन संभालेगा आईएसआईएस की जिम्‍मेदारी

मंगलवार को अमेरिका की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि फिलहाल उनके पास बगदादी के मौत की कोई सूचना या पुष्टि नहीं है। लेकिन जो खबरें मीडिया में आई हैं उनके मुताबिक बगदादी को काफी चोटें आईं हैं। इन खबरों के बीच ही संगठन के नेतृत्‍व से जुड़ी बातें भी होने लगी हैं।

संगठन में बगदादी के अलावा कोई और ऐसा नहीं है, जो बगदादी के ही अंदाज में इस आतंकी संगठन को आगे बढ़ा सके। इस एक बात की वजह से इस आतंकी संगठन में कई तरह का संकट पैदा हो गया है।

आईएसआईएस का नेतृत्‍व यह कतई नहीं चाहता है कि इस संगठन की हालत बिल्‍कुल वैसी ही हो, जैसी अल कायदा की ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद हुई।

अगर अबु अयमान अल-इराक हवाई हमलों में मारा नहीं जाता तो फिर वही इस संगठन की जिम्‍मेदारी संभालता। ऐसे में अब इस बात पर कयास लगाए जा रहे हैं कि या तो अबु अली अल अनबारी या फिर अबु मुस्लिम अल तुर्कमानी तो स‍ीरिया में भी संगठन का जिम्‍मा संभाले हुए हैं, बगदादी के बाद आईएसआईएस के नेता बन सकते हैं।

क्‍या होनी चाहिए आईएसआईएस कैप्‍टन की खूबियां

  • अलकायदा की तरह ही आईएसआईएस भी अपने कैप्‍टन को लेकर काफी सख्‍त है।
  • नेतृत्‍व की जिम्‍मेदारी सिर्फ उसे मिलेगी जो इस ऑर्गनाइजेशन की सभीशर्तों पर खरा उतरेगा।
  • नए नेता का मिलिट्री खूबियों में खरा उतरना जरूरी नहीं है लेकिन उसे अपने धर्म से जुड़ी बातों को लेकर कट्टर सोच वाला होना चाहिए।
  • बगदादी की ही तरह यह नया नेता भी सिर्फ संगठन का मुखिया नहीं होगा बल्कि उसे भी बगदादी की ही तरह खलीफा बनाया जाएगा।
  • नए नेता को खलीफा के तौर पर घोषित करना संगठन के लिए ट्रंप कार्ड की तरह होगा।
  • यह कदम उसे बाकी चरमपंथी संगठनों की तुलना में श्रेष्‍ठ साबित करेगा।
  • पहले आईएसआईएस की ओर से उमर अल शिंशासी को बगदादी के उत्‍तराधिकारी बनाने का फैसला किया गया था
  • उमर भले ही विदेशी लड़ाकों के साथ बेहतर तालमेल बैठा लेता हो लेकिन धर्म से जुड़ी बातों में उसका ज्ञान सीमित था।
  • ऐसे में आईएसआईएस की ओर से सिर्फ संगठन की सेना का ही मुखिया बनाया जाएगा।
  • उमर आईएसआईएस के मुखिया से जुड़ी धर्म की बातों के ज्ञान पर खरा नहीं उतर सका था।

गलत हो सकती हैं बगदादी की मौत की खबरें

वहीं इस बात की भी संभावना है कि बगदादी की मौत या फिर उसकी चोट से जुड़ी सभी खबरें गलत हो सकती हैं। बगदादी के फॉलोअर्स की ओर से इस तरह की बासंग तों को दुनिया में फैलाने की कोशिशें हो रही हैं।

वहीं आईएसआईएस के कैडर्स का मनोबल जिस तरह का नजर आ रहा है, उसके बाद मौत की खबरें सिर्फ झूठ से ज्‍यादा कुछ और नजर नहीं आती हैं। अगर बगदादी की मौत हो गई होती तो फिर संगठन के काम करने के तरीकों पर भी असर पड़ता और इसकी साजिशों पर भी कुछ दिनों तक लगाम लगती। फिलहाल ऐसा कुछ भी नजर नहीं आ रहा है।

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