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दासू हादसे के बाद पाकिस्तान पर फूटा चीन का गुस्सा, CPEC की बैठक रद्द, खौफ में इमरान सरकार

दासू घटना के बाद पाकिस्तान में चीनी गुस्से से हाहाकार मचा हुआ है। शुरूआत में घटना को हादसा बताने वाली पाकिस्तान सरकार ने कदम पीछे खींच लिए हैं।

इस्लामाबाद/बीजिंग, जुलाई 16: 9 चीनी इंजीनियर्स की पाकिस्तान में मौत के बाद पूरे पाकिस्तान में हाहाकार मच गया है और इमरान खान सरकार बुरी तरह से कांप रही है। पाकिस्तान सरकार को समझ नहीं आ रहा है कि वो चीन के गुस्से का सामना कैसे करे। पहले पाकिस्तान ने चीनी इंजीनियरों की बस में मौत को सिर्फ एक हादसा बताया था, लेकिन चीन ने पाकिस्तान को भयानक फटकार लगाते हुए अपनी जांच टीम पाकिस्तान भेजने का फैसला लिया है। वहीं, इंजीनियरों की मौत के बाद आग बबूला हो चुके ड्रैगन ने सीपीईसी की बैठक भी रद्द कर दी है।

दहशत में इमरान सरकार

दहशत में इमरान सरकार

पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक पहले पाकिस्तानी सरकार ने बस में ब्लास्ट को एक हादसा बताया था लेकिन चीन के गुस्से से डरकर अब पाकिस्तान सरकार अपने आधिकारिक बयान से पीछे हट गई है। अब पाकिस्तान सरकार के सूचना मंत्री चौधरी फवाद हुसैन ने ट्वीट कर इसमें आतंकियों साजिश होने की आशंका जताई है। माना जा रहा है कि चीन के गुस्से के बाद पाकिस्तान सरकार में बुरी तरह से डर और चीनी गुस्से को शांत करने के लिए इमरान खान सरकार ने हादसे को ब्लास्ट बताना शुरू कर दिया है। वहीं, चीन ने कहा है कि वो पाकिस्तान में अपनी जांच टीम भेजेगा, जौ मौके पर जाकर पूरी घटना की तहकीकात करेगी। जिससे साफ जाहिर होता है कि चीन को पाकिस्तानी जांच पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है।

बार-बार बदलता पाकिस्तानी बयान

बार-बार बदलता पाकिस्तानी बयान

पाकिस्तानी अखबार डॉन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इमरान खान सरकार अपने ऑफिसियल बयान से पीछे हट चुकी है। सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने एक ट्विट में कहा कि, "दसु की घटना की प्रारंभिक जांच में अब विस्फोटकों के निशान की पुष्टि हुई है, आतंकवाद से इंकार नहीं किया जा सकता है।" जबकि, घटना के बाद से ही लगातार पाकिस्तान सरकार की तरफ से इसे गैस लीक की वजह से होने वाला हादसा बताया जा रहा था। डॉन के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार अपने आधिकारिक बयान से तब पीछे हटी है, जब चीन ने अपनी अलग जांच टीम पाकिस्तान भेजने का फैसला किया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने बीजिंग में कहा कि, "पाकिस्तान में क्या हुआ है, ये किसी भी हालत में पता लगाने की कोशिश चीन करेगा और हमने एक अलग जांच टीम पाकिस्तान भेजने का फैसला किया है, जो पाकिस्तान में रहकर हर एक एंगल से जांच करेगा और पता लगाने की कोशिश करेगा कि इसके पीछे कौन है'' उन्होंने कहा कि ''हम अपनी जांच में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे''

भयानक गुस्से में चीन

चीनी विदेश मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि ''हमने पाकिस्तान सरकार से कहा है कि बिना एक सेकेंड भी गंवाएं इस घटना की जांच शुरू करे, मौके पर जो भी सबूत मिलते हैं, वो सभी तत्काल चीन को सौंपे, घायलों की सही इलाज की व्यवस्था की जाए, चीनी नागरिकों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, जो भी खतरनाक तत्व हैं, उन्हें फौरन हटाया जाए और चीन के जितने भी लोग पाकिस्तान में हैं, जो भी चीनी प्रोजेक्ट हैं, उनकी सुरक्षा को पाकिस्तान फौरन सुनिश्चित करे''। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, चीन ने इमरान खान सरकार को काफी फटकार लगाई है और फौरन पूरे मामले पर जवाब मांगा है, जिसके बाद पाकिस्तान सरकार बुरी तरह से डरी हुई है। पहले पाकिस्तान ने घटना के मशीनों की गड़बड़ी की वजह से गैस लीक को हादसे की वजह बताया था, लेकिन चीनी गुस्से के बाद अब पाकिस्तान इसे आतंकी हमला बता रहा है।

सीपीईसी की बैठक कैंसिल

वहीं, चीन ने पाकिस्तान से बदला लेना भी शुरू कर दिया है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना के बाद चीन ने सीपीईसी की बेहद महत्वपूर्ण बैठक को कैंसिल कर दिया है। आपको बता दें कि आज यानि 16 जुलाई की सीपीईसी की ज्वाइंट कॉर्डिनेशन कमिटी की बैठक होने वाली थी, जिसे चीन ने कैंसिल कर दिया है। ये बैठक चायना पाकिस्तान इकोनोमिक कॉरिडोर के लिए बेहद महत्वपूर्ण थी। सीपीईसी अथॉरिटी के चेयरमैन लेफ्टिनेंट जनरल असीम बाजवा ने ट्वीट करके कहा कि ''सीपीईसी को लेकर जेसीसी-10 की बैठक को स्थगित कर दिया गया है, जो 16 जुलाई को होने वाली थी और अब ईद के बाद इसकी बैठक को लेकर आगे की तारीख रखी जाएगी। नई तारीख क्या होगी, ये बाद में बताया जाएगा''

पाकिस्तान से जवाब मांगता चीन

पाकिस्तान से जवाब मांगता चीन

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया है कि ''पाकिस्तान में बस हादसे को चीन काफी ज्यादा सीरियस होकर ले रहा है और इसे लेकर कम्यूनिस्ट पार्टी और चीन के शीर्ष नेताओं की तरफ से सख्त निर्देश दिए गये हैं''। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ''बीजिंग ने अतीत में कई मौकों पर पाकिस्तान में विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। इस्लामाबाद ने हमेशा चीन को आश्वासन दिया है कि चीनियों की रक्षा करना राष्ट्रीय जिम्मेदारी है''

पाकिस्तान में क्या हुआ था ?

पाकिस्तान में क्या हुआ था ?

आपको बता दें कि पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहिस्तान जिले में चीनी इंजीनियरों को लेकर एक बस जा रही थी और वो बस हादसे का शिकार हो गई। जिसमें 9 चीनी इंजीनियरों समेत 13 लोगों की मौत हुई है। चीनी इंजीनियर और कामगार यहां एक बांध बनाने के लिए आए हैं। ये प्रोजेक्ट चीन-पाकिस्तान इकोनोमिक कॉरिडोर के तहत बन रहा है। बस में बैठकर जब इंजीनियर और कामगार बांध पर जा रहे थे तभी विस्फोट हुआ और बस खाई में गिर गई। घटना के बाद बचाव दल मौके पर पहुंचा और शवों को निकाला और घायलों को नजदीक के अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि अभी तक ये पता नहीं चल सका है कि हमला किसने किया और इसका क्या मकसद था, लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों में इसे एक हादसा बताते हुए आतंकी घटना होने से इनकार कर दिया था।

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