ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी की कोरोना वैक्सीन का शुरुआती ह्यूमन ट्रायल रहा सफल, दावा- कोविड-19 वैक्सीन सुरक्षित

ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी को बड़ी कामयाबी, कोरोना वैक्सीन के पहले दो ह्यूमन ट्रायल में मिली सफलता

नई दिल्‍ली। कोरोना महामारी के बढ़ते कहर के बीच कई देशों के बीच कोरोना की संभावित वैक्‍सीन को पहले तैयार करने की होड़ मची है। अमेरिका, चाइना, रुस के साथ कोरोना वैक्‍सीन बनाने की प्रतिस्‍पर्धा में हमारा भारत देश भी शामिल है। भारत में तैयार की गई स्‍वदेशी कोरोना वैक्‍सीन का ह्यूमन ट्रायल शुरु हो चुका हैं। इसी बीच अमेरिका आक्‍सफोर्ड विवि द्वारा तैयार की गई वैक्‍सीन के बारे में बड़ी खबर सामने आई है।

ह्यूमन ट्रायल में सफल रही ऑक्‍सफोर्ड की वैक्‍सीन

ह्यूमन ट्रायल में सफल रही ऑक्‍सफोर्ड की वैक्‍सीन

यूके के मेडिकल जरनल 'द लैंसेट' के प्रधान संपादक रिचर्ड होर्टन ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि आक्सफोर्ड विवि द्वारा तैयार की गई वैक्‍सीन पहले और दूसरे चरण के ह्यूमन ट्रायल में सफल रही। मेडिकल जनरल द लैंसेट जरनल में प्रकाशित किया गया है कि वैक्सीन सुरक्षित है और मनुष्‍य के इम्यून सिस्टम के लिए बेहतर है। पहले और दूसरे चरण के परिणाम प्रकाशित करते हुए लिखा कि ये मनुष्‍य के लिए पूरी तरह "सुरक्षित और प्रतिरक्षात्मक" है। उन्‍होंने लिखा कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन ट्रायल सफल रहा और अगले फेज में पहुंच चुकी है।

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    अगले चरण का ट्रायल अभी जारी है

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    हालांकि इसमें ये भी कहा गया है कि वर्तमान ट्रायल के बाद ये कहना कि कोरोना के इलाज के लिए यह पूरी तरह से कारगर है ये कहना अभी जल्दबाजी होगी। बता दें इस नए ट्रायल में बिना कोविड-19 की बीमारी वाले 18-35 साल की आयु के स्वस्थ लोगों को शामिल किया गया और 23 अप्रैल से लेकर 21 मई 2020 तक ब्रिटेन के पांच अस्पतालों में चला। पेपर में जो आंकड़े प्रकाशित किए गए हैं वो पहले 56 दिनों के हैं और ट्रायल अभी जारी है। कुल मिलाकर ऑक्सफोर्ड की इस वैक्सीन ट्रायल अब तक सुरक्षित और इम्यून सिस्‍टम को मजबूत करने में सफल साबित हुआ है।

    वैक्‍सीन का ऐसे हुआ ट्रायल

    वैक्‍सीन का ऐसे हुआ ट्रायल

    बता दें इसमें ये जानकारी दी गई कि ट्रायल में शामिल सभी वाॅलेन्टियर्स ने अतिरिक्त खून का सैंपल दिया और क्लिनिकल असेसमेंट के दौर से गुजरे ताकि यह पता लगाया जा सके कि वैक्सीन सुरक्षित है कि नहीं और क्या इसने उनके अंदर प्रतिरोधक क्षमता को प्रेरित किया। उनसे यह भी कहा गया था कि पूरे ट्रायल के दौरान किसी भी प्रतिकूल प्रभाव को रिकॉर्ड करें। वैक्‍सीन के ट्रायल के बाद उनकी रेगुलर मॉनिटरिंग की गई। अब तक इस वैक्सीन का परीक्षण 1077 लोगों पर किया गया है। इस ट्रायल में पाया गया है कि इस वैक्सीन को देने के बाद से लोगों के शरीर में एंटीबॉडी और व्हाइट ब्लड सेल्स बने हैं,जो उनकी इम्यून सिस्टम को मजबूती देने और कोरोना वायरस से लड़ने में मजबूती देने में सक्षम है।

     कोरोना वैक्सीन को लेकर ये बड़ा दावा है

    कोरोना वैक्सीन को लेकर ये बड़ा दावा है

    इस ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया से लेकर दुनियाभर के देशों में चर्चा हो रही है। वैक्सीन के सफल परिणाम जो शेयर किए गए है उसके बाद सब लोग अब वैक्‍सीन आने का इंतजार कर रहे हैं। संपादक होर्टन द्वारा इस साक्षा की गई ये जानकारी ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में तैयार की जा रही कोरोना वैक्सीन को लेकर बड़ा एलान है। बता दें वर्तमान समय में, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) दुनियाभर में 140 वैक्सीनों की निगरानी कर रहा है। इनमें से करीब दो दर्जन मानव परीक्षण के विभिन्न चरणों में पहुंच गए हैं।

    भारत में भी दो वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल में हैं

    भारत में भी दो वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल में हैं

    गौरतलब है चाइना की कंपनी सिनोवैक बायोटेक ब्राजील में परीक्षण के तीसरे चरण में जाने को तैयार है। वहीं, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय/एस्ट्राजेनेका यूके में II/III और दक्षिण अफ्रीका-ब्राजील में तीसरे चरण में बताया जा रहा था। वैक्सीन निर्माण में लगी अन्य कंपनियों में जर्मन कंपनी बिनोटेक फिजर के साथ मिलकर वैक्सीन विकसित करने की तैयारी में हैं। भारत में भी दो वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल में हैं।

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