Colombia Plane Crash: 40 दिन बाद अमेजन के जंगलों में मिले थे 4 बच्चे, मरने से पहले मां ने दी ये सीख
1 मई को सेसना नामक कंपनी का एक सिंगन-इंजन प्रोपेलर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह विमान सात लोगों को अमेजन प्रांत में सैन जोस डेल शहर में ले जा रहा था। इंजन में खराबी के कारण विमान रडार से बाहर हो गया था।
दक्षिणी अमेरिकी देश कोलंबिया के अमेजन जंगलों में शुक्रवार को 40 दिन बाद 4 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। ये बच्चे उस विमान में सवार थे जो अमेजन के जंगल में क्रैश हो गया था।
1 मई 2023 को ये बच्चे अपनी मां और दो अन्य लोगों के साथ एक विमान में यात्रा कर रहे थे। ये विमान जंगल में क्रैश हो गया और इसमें सवार सभी वयस्कों की मौत हो गई।

इस हादसे में 13, 9, 4 और 1 साल की उम्र के चार बच्चे बच गए और ये घने जंगल में अकेले रह गए। जंगल से बाहर निकालने के बाद इन बच्चों को सीधे आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
रविवार को एक इंटरव्यू में रेस्क्यू टीम के एक सदस्य ने बताया कि जब पहली बार वे बच्चे घने जंगल में बच्चों से मिले तो उनका पहला शब्द यही था कि 'मैं भूखी हूं, मेरी मां मर गई है'।
रेस्क्यू टीम के सदस्य निकोलस ऑर्डोनेज ने मीडिया से बताया कि जंगल में जैसे ही वो मेन प्वाइंट पर उतरे उनके पास सबसे बड़ी बेटी लेस्ली अपने गोद में अपने एक छोटी बच्ची को लेकर दौड़ी। पास पहुंचने के बाद लेस्ली ने उनसे कहा- "मुझे भूख लगी है।"
इस दौरान रेस्क्यू सदस्यों ने वहां दो लड़कों में से एक को लेटा हुआ पाया। लोगों को देख मदद की आस में वह उठा और बोला- 'मेरी मां मर चुकी है।' बच्चों के बिगड़ी स्थिति को देख रेस्क्यू टीम ने उन्हें साहस दिलाते हुए कहा उन्हें उनके परिवार, पिता और चाचा ने भेजा है।
बच्चों के पिता ने रविवार को हॉस्पीटल के बाहर प्रेस से बात करते हुए कहा कि उनकी पत्नी 1 मई की दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थी, लेकिन वह चार दिन बाद तक नहीं मरी। इस दौरान उसके बच्चे उसके बगल में थे।
बच्चों के पिता ने मासूमों के हवाले से कहा कि मरने से पहले मां ने अपने बच्चों से चले जाने के लिए कहा था। पत्नी ने बच्चों से कहा कि तुम लोग अब यह देखने जा रहे हो कि तुम्हारे पिता किस तरह के इंसान हैं। वह तुम्हें उसी तरह प्रेम करेंगे जैसा मैंने तुम्हारे साथ किया है।
आपको बता दें कि शुक्रवार को रेस्क्यू टीम को अमेजन के जंगल में जैसे ही बच्चे दिखे वे मिरैकल यानी चमत्कार, चमत्कार चिल्लाने लगे। दरअसल इसी शब्द को मिलिट्री ने बच्चे मिलने पर कोड की तरह इस्तेमाल करने को कहा था।
सबसे पहले राष्ट्रपति को बच्चों के मिलने की सूचना दी गई। उन्होंने कहा- ये ऐतिहासिक पल है जो किसी चमत्कार से कम नहीं है। ये पूरे देश के लिए जश्न मनाने का दिन है। बच्चे 40 दिन तक खुद उस जंगल में जिंदा रहे। ये पूरी दुनिया के लिए मुश्किल परिस्थिति में सर्वाइवल का सबसे बड़ा उदाहरण है।












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