‘पनडुब्बी की घटिया हालत देख बदला मन’, टाइटैनिक देखने जाने वाला था ये शख्स, आखिरी समय पर टाली यात्रा
अटलांटिक सागर में डूबे टाइटैनिक के मलबे को दिखाने गई पनडुब्बी टाइटन में सवार सभी लोगों की मौत हो गई है। इस पर 5 लोग सवार थे। ये पनडुब्बी रविवार को लापता हो गई थी।
इस बीच टाइटन पनडुब्बी से जुड़ी एक विशेष कहानी है जिसने पूरी दुनिया में लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। ब्रिटेन के अरबपति व्यवसायी हामिश हार्डिंग जिनकी इस हादसे में मौत हो गई है, उनके करीबी दोस्त क्रिस ब्राउन किस्मत का शुक्रिया अदा कर रहे हैं।

दरअसल डिजिटल मार्केटिंग व्यवसायी क्रिस ब्राउन ने आखिरी समय में टाइटैनिक के मलबे को देखन के लिए न जाने का फैसला लिया था। अब क्रिस ब्राउन अंतिम समय में टाइटैनिक के मलबे को देखने का अपना फैसला बदलने के लिए अपनी किस्मत को धन्यवाद दे रहे हैं।
एक साक्षात्कार में क्रिस ब्राउन ने बताया कि वे अपने दोस्त और ब्रिटिश अरबपति हामिश हार्डिंग के साथ कई साहसिक यात्राओं पर जा चुके हैं। उन दोनों की दोस्ती दक्षिणी ध्रुप पर जाने के एक अभियान के दौरान हुई थी।
क्रिस ने बताया कि वे भी पनडुब्बी में जाने वाले थे। इसके लिए उन्होंने पर्याप्त पैसे देकर इस सफर का टिकट भी कटा लिया था। लेकिन आखिरी वक्त में उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। क्रिस ने बताया कि अगर ऐसा नहीं होता तो मरने वालों में एक और नाम शामिल हो सकता था।
ब्राउन ने बताया कि वे पहले टाइटैनिक के मलबे को देखने जाने के लिए तैयार हो गए थे क्योंकि वे एक साहसी व्यक्ति हैं और नई जगहों पर जाने और एक्सप्लोर करने में दिलचस्पी रखते हैं। टाइटैनिक का मलबा काफी प्रसिद्ध है, इसलिए इसे देखने के लिए वे उत्सुक थे।
क्रिस ब्राउन ने कहा कि जैसे-जैसे जाने का समय करीब आ रहा था, वैसे-वैसे उनका उत्साह चिंता में बदलने लगा। उन्होंने थोड़ी खोजबीन की तो चकित रह गए। क्रिस ने कहा कि पनडुब्बी में पेशेवर डाइविंग ऑपरेशन और सुरक्षा उपायों की घनघोर कमी थी।

क्रिस ने कहा, पायलट द्वारा उपयोग किए गए यंत्र किसी कंप्यूटर गेम में पाए जाने वाले यंत्रों से मिलते जुलते थे, न कि किसी गंभीर पानी के नीचे के अभियान में अपेक्षित परिष्कृत उपकरणों के जैसे थे।
ब्राउन ने सबमर्सिबल के निर्माण में उपयोग की गई प्रौद्योगिकी और सामग्रियों को भी स्तरहीन पाया। उन्होंने पाया कि पनडुब्बी में पुराने खंभे इस्तेमाल किए गए थे। इसके बाद उन्होंने वहां न जाने का मन बना लिया और मलबा दिखाने ले जाने वाली कंपनी ओशनगेट को ईमेल किया।
उन्होंने कहा कि कंपनी को किए गए मेल में मैंने लिखा था कि मैं इस यात्रा के लिए आगे नहीं बढ़ सकता। इसके बाद उन्होंने एडवांस के तौर पर कंपनी को जमा किए 10 हजार डॉलर का रिफंड भी मांगा। ब्राउन ने कहा कि मैं जोखिम से भागने वालों में से नहीं हूं, लेकिन इस यात्रा को पूरा करने का मतलब था कि जान जाने का खतरा होना।












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