अब ऑस्ट्रेलिया से बढ़ा चीन का विवाद, दक्षिणी चीन सागर में आमने-सामने आ गए थे दोनों के जंगी जहाज
नई दिल्ली: कोरोना को पूरी दुनिया में फैलाकर अब चीन दूसरे देशों की जमीन हड़पने की कोशिश कर रहा है। भारत, अमेरिका के अलावा चीन ऑस्ट्रेलिया से भी उलझ रहा है। पिछले हफ्ते दोनों देशों की नौसेना स्प्रैटली आईलैंड के पास आमने-सामने आ गई थीं। इस आईलैंड पर चीन के साथ-साथ फिलीफींस, ताइवान, वियतनाम भी दावा करता है। बाद में बातचीत के बाद दोनों देशों में हालात सामान्य हुए। कई बार इस इलाके को लेकर अमेरिका भी चीन को धमकी दे चुका है।
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युद्धपोतों की तैनाती के दौरान की घटना
एक रिपोर्ट के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया और चीन के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। पिछले हफ्ते दक्षिणी चीन सागर में दोनों देशों की नौसेना आमने-सामने आ गई थीं। ऑस्ट्रेलिया के रक्षा प्रवक्ता के बयान के मुताबिक युद्धपोतों की तैनाती के दौरान ये घटना घटी। बाद में सुरक्षित और पेशेवर तरीक से बातचीत कर मामला सुलझाया गया। उन्होंने कहा कि उनका देश सुरक्षित, खुले, समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए प्रतिबद्ध है। हम क्षेत्रीय साझेदारों के साथ सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए नियमित रूप से काम करते हैं।

क्यों जरूरी है दक्षिणी चीन सागर?
अमेरिका कई बार कह चुका है कि दक्षिणी चीन सागर में चीन को साम्राज्य स्थापित करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इसके बावजूद चीन अपने रुख पर कायम है। चीन के मुताबिक 1000 साल से उसका अधिकार दक्षिणी चीन सागर पर है, ऐसे में वो पीछे नहीं हटेगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक जिस इलाके पर चीन दावा करता है, वो खनिज और ऊर्जा संपदाओं का भंडार है। इस क्षेत्र के लिए चीन 'U' शेप की 'नाइन डैश लाइन' को आधार बताता है।

कई देशों के युद्धाभ्यास से बौखलाया चीन
आपको बता दें कि लद्दाख में सीमा विवाद के बीच इस हफ्ते भारतीय नौसेना ने अमेरिका के साथ अंडमान निकोबार द्वीप समूह में युद्धाभ्यास किया। जिसमें अमेरिका का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत यूएसएस निमित्ज शामिल हुआ था। इसके बाद अमेरिका ने जापान और ऑस्ट्रेलिया की नौसेना के साथ फिलीपींस सागर में युद्धाभ्यास किया। ये जगह दक्षिणी चीन सागर से 4 हजार किलोमीटर दूर थी। इतने सारे देशों के साथ आ जाने से चीन एकदम से बौखलाया हुआ है।












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