LAC से एयर डिफेंस मिसाइलों को नहीं हटा रहा है चीन, ड्रैगन की अकड़ पर भारत की नजर
चीन ने पूर्वी लद्दाख के पास वास्तविक नियंत्रण के पास अपनी सीमा में अभी भी एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम को तैनात कर रखा है, जिसपर भारत की नजर है।
नई दिल्ली, अप्रैल 13: पैंगोग सो में भले ही भारत और चीन के बीच डिसइंगेजमेंट हो गया है लेकिन एलएसी से अभी भी चीन एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम हटाने को तैयार नहीं है। जिसपर भारतीय सेना लगातार नजर बनाए हुई है। रिपोर्च के मुताबिक चीन ने अपनी सीमा के अंदर पूर्वी लद्दाख के पास वास्तविक नियंत्रण के पास एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम को तैनात कर रखा है, जो सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें हैं।
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ड्रैगन की अकड़
भारत सरकार की सूत्रों के मुताबिक भारत और चीन के बीच अभी भी तनाव खत्म नहीं हुआ है और चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी यानि पीएलए ने भारतीय सीमा की तरफ लक्ष्य करके अपनी मिसाइलों की तैनाती कर रखी है। ये मिसाइलें एचक्यू और एचक्यू-22 प्रकार की हैं, जिनका मुंह भारतीय सीमा की तरफ हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ये चीनी मिसाइलें एचक्यू और एचक्यू-22 रूस की एयर डिफेंस प्रणाली ए-300 की नकल हैं। इन मिसाइलों से करीब 250 किलोमीटर तक लक्ष्य के भेदा जा सकता है।

भारत की नजर
कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि चीन डिसइंगेजमेंट के नाम पर भारत को धोखा देने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इस बार इंडियन आर्मी पूरी तरह से चीन पर नजर बनाए हुए है और रिपोर्ट के मुताबिक इस बार चीन के हर धोखे का मुंहतोड़ जबाव उसी वक्त दिया जाएगा। भारत सरकार के सूत्र ने बताया है कि 'हमें पता चला है कि होतन और काशगर एयर फोर्स क्षेत्र में चीन ने अभी भी कई युद्धक विमान तैनात कर रखे हैं, हालांकि इन युद्धक विमानों की संख्या कम जरूर की गई हैं लेकिन चीन समय समय पर इनकी संख्या बदलता रहता है। दोनों देशों ने पैंगोग झील से अपनी अपनी सेना पीछे कर ली हैं लेकिन तैनाती दोनों ही तरफ से जारी हैं'।

चीन की नीयत में खोट
इंडिया टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सेना और चीन की सेना पीएलए के बीच हुई 11वें दौर की बातचीत के दौरान चीनी सेना ने फिर से अकड़ दिखानी शुरू कर दी है। इंडिया टूटे ने इंडियन आर्मी के सूत्रों के हवाले से लिखा है कि शनिवार को दोनों देशों की आर्मी के बीच बातचीत हुई है जिसमें चीन की तरफ से गोगरा और हॉट स्पिंग जोन से चीनी सेना ने पीछे हटने से मना कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों की सेना के बीच 11वें दौर की बातचीत करीब 13 घंटे तक चली। दोनों देशों के बीच होने वाली ये बातचीत काफी अहम मानी जा रही थी। ये बातचीत गतिरोध कम करने के लिहाज से विवादित पैंगोंग झील से आर्मी के पीछे हटने को लेकर दोनों देशों के तैयार होने के बाद की जा रही थी। ये बातचीत 20 फरवरी को हुई थी। वहीं, सैटेलाइट इमेज से पता लगा था कि विशालकाय झील के उत्तरी किनारे पर फिंगर्स कॉम्पलेक्स में चीनी सेना पीछे हटी है। लेकिन, अब रिपोर्ट आ रही है कि चीनी सेना ने गोगरा और हॉट स्पिंग से पीछे हटने से मना कर दिया है।












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