CDS बिपिन रावत की मौत के पीछे चीन ने बताया अमेरिका का हाथ, ग्लोबल टाइम्स ने दिए अजीब तर्क
सीडीएस बिपिन रावत हेलीकॉप्टर हादसे के पीछे चीन ने अमेरिका को घसीट लिया है और अजीब तर्क दिए हैं।
नई दिल्ली/बीजिंग, दिसंबर 09: भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत की बुधवार को दर्दनाक हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई। जिसको लेकर पूरी दुनिया से शोक संदेश आ रहे हैं। अमेरिका, इजरायल, रूस, जापान और पाकिस्तान जैसे देशों ने जनरल बिपिन रावत की मौत पर शोक संदेश दिया है और उन्हें एक सच्चा योद्धा बताया है। लेकिन, कई लोग हादसे के पीछे चीन को संदिग्ध मान रहे हैं, जिसके बाद अब चीन ने अमेरिका की बीच में घसीट लिया है और अमेरिका की हादसे के पीछे की वजह बताने की कोशिश कर दी है।

चीन पर उठ रहे सवाल
दरअसल, जनरल बिपिन रावत की मौत की तुलना सोशल मीडिया पर लोगों ने ताइवान के उस जनरल की मौत से करनी शुरू कर दी है, जो चीन के सबसे बड़े विरोधी थी और जिनका पिछले साल हेलीकॉप्टर हादसे में ही निधन हो गया था। ताइवान के शीर्ष सैन्य अधिकारी जनरल शेन यी-मिंग का हेलीकॉप्टर पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में मिलिट्री चीफ के साथ साथ 8 और सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई थी। जनरल शेन यी-मिंग बेहद शक्तिशाली माने जाने वाले अमेरिकी ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर में सवार थे। राजधानी ताइपे के पास खराब मौसम की वजह से हेलीकॉप्टर के इमरजेंसी लैंडिंग करते वक्त हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया था। जनरल की मौत के बाद कई लोगों ने शक जताया कि, हादसे के पीछे चीन का हाथ हो सकता है।

काफी अनुभवी थे शेन यी-मिंग
भारतीय सीडीएस जनरल बिपिन रावत की तरह ही ताउवान शेन यी-मिंग काफी ज्यादा अनुभवी सैन्य अधिकारी थे और हादसे के दौरान वो हेलीकॉप्टर के टुकड़ों में बुरी तरह से फंस गये थे। जनवरी 2020 में ताइवान के शीर्ष सैन्य अधिकारी शेन यी-मिंग का हेलीकॉप्टर उस वक्त हादसे का शिकार हुआ था, जब देश में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने वाला था और पूरा देश वोट देने में लगा हुआ था। लिहाजा कई रक्षा विशेषज्ञों ने ताइवान के रक्षा प्रमुख के निधन के पीछे शक जताया था, क्योंकि वो चीन के सबसे बड़े विरोधियों में से एक माने जाते थे और कई बार चीन के खिलाफ आक्रामक बयान दे चुके थे।

भारतीय रक्षा विशेषज्ञ ने उठाए सवाल
सीडीएस जनरल रावत की हेलीकॉप्टर हादसे में मौत के बाद भारत के रक्षा विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी ने उनकी मौत की तुलना ताइवान के सेना प्रमुख की मौत से की है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि, ''ऐसे वक्त में जब चीन के साथ पिछले 20 महीनों से सीमा पर भारी तनाव चल रहा है, उस वक्त में भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 सैन्य कर्मियों की हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो जाना, इससे खराब वक्त कुछ और नहीं हो सकता है।'' चेलानी ने आगे लिखा है कि, ''जनरल रावत की मौत और 2020 की शुरुआत में ताइवान के सैन्य प्रमुख की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत, दोनों घटनाओं में एक गहरी समानांतर है। दोनों हेलीकॉप्टर दुर्घटना में पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चायना के खिलाफ आक्रामक अंदाज रखने वाले अधिकारियों को 'हटा' दिया।

आरोपों से बौखलाया चीन
भारतीय रक्षा विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी के आरोपों से चीन बुरी तरह बौखला गया है और चीन के भोंपू मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने ब्रह्मा चेलानी के आरोप का जवाब देते हुए अमेरिका को बीच में घसीट लिया है। ब्रह्ना चेलानी के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन ने कहा है कि, ''ब्रह्मा चेलानी के नजरिए से सोचे तो ऐसा पता चलता है कि हेलीकॉप्टर क्रैश के पीछे अमेरिका का हाथ है, जिसमें जनरल बिपिन रावत की मौत हुई है।''
एस-400 मिसाइल डील का जिक्र
चीन के भोंपू मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने अपने ट्वीट में अमेरिका के साथ साथ रूस के एस-400 मिसाइल सिस्टम का भी जिक्र किया है। ग्लोबल टाइम्स ने अपने ट्वीट में लिखा है कि, ''चेलानी के विचार की तरह विचार करें तो हादसे के पीछे अमेरिका की भूमिका नजर आती है, जिसमें भारतीय सीडीएम जनरल बिपिन रावत की मौत हुई है। क्योंकि, भारत ने अमेरिका के कड़े विरोध के बाद भी रूस से एस-400 मिसाइल सिस्टम खरीदने का फैसला नहीं बदला''। वहीं, चेलानी ने ग्लोबल टाइम्स पर उनके ट्वीट का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया और कहा कि, "दुख की बात है कि चायनीज कम्युनिस्ट पार्टी लोगों की भ्रष्ट मानसिकता को इंगित करता है"। चेलानी ने नोट किया था कि, "हिमालयी मोर्चे पर युद्ध जैसी स्थिति" और उस दौरान रावत की मृत्यु से "बदतर समय" कुछ और नहीं हो सकता है।

भारतीय सेना का आधुनिकिकरण
आपको बता दें कि, भारत के सीडीएस जनरल बिपिन रावत भारतीय सेना का आधुनिकिकरण कर रहे थे और भारत में थिएटर कमांड के निर्माण का काम भी तेजी से चल रहा था और ऐसी उम्मीद थी अगले कुछ सालों में अमेरिका और चीन की सेना की तरफ ही भारत में भी अलग अलग थिएटर कमांड होंगे, जिसके तहत थल सेना, वायु सेना और जल सेना एक साथ काम करेगी। थिएटर कमांड का निर्माण जरनल बिपिन रावत का ड्रीम प्रोजेक्ट था और इसके लिए वो लगातार तीनों सेनाओं के साथ बैठक कर रहे थे और सही स्थिति का निर्माण कर रहे थे। लेकिन, जनरल बिपिन रावत की मौत के बाद भारत के इस प्रोजेक्ट को गहरा धक्का लगा रहा है।

कई पदों पर रावत ने किया काम
भारतीय सेना के सर्वोच्च पद पर पहुंचे जनरल बिपिन रावत ने बतौर लेफ्टिनेंट अपने सैन्य कैरियर की शुरूआत की थी और फिर वो मिलिट्री ऑपरेशंस डायरेक्टोरेट में जनरल स्टाफ ऑफिसर ग्रेड टू अधिकारी बने। जिसके बाद उन्हें मिलिट्री ऑपरेशंस डायरेक्टोरेट में जनरल स्टाफ ऑफिसर ग्रेड टू में प्रमोशन दिया गया। और फिर जनरल रावत को कर्नल मिलिट्री सेक्रेटरी बनाया गया। सेना में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने की वजह से बाद में उन्हें डिप्टी मिलिट्री सेक्रेटरी, जूनियर कमांड विंग में सीनियर इंस्ट्रक्टर आर्मी कमांड चीफ बनाया गया और फिर वो थल सेनाध्यक्ष बने। 2019 में रिटायर होने के बाद जनरल रावत को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बनाया गया।












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