रूस को G-20 से बाहर करना आसान नहीं, अमेरिका की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बना चीन
बीजिंग, 23 मार्च। चीन ने कहा है कि रूस जी-20 का एक 'महत्वपूर्ण सदस्य' है। बता दें कि अमेरिका ने ऐसा संकेत दिया है कि रूस को इस ग्रुप से बाहर किया जा सकता है।

यूक्रेन पर हमले के बाद से ही रूस को पश्चिमी देश अलग-थलग करने की कोशिश में जुटे हैं। पश्चिमी देशों ने रूस पर भारी-भरकम आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं लेकिन उनकी राह में सबसे बड़ी बाधा चीन है जो रूस को कूटनीतिक समर्थन दे रहा है।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने पत्रकारों को बताया जी-20 अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का प्रमुख मंच है। रूस इसका महत्वपूर्ण सदस्य है और किसी सदस्य के पास भी किसी दूसरे देश को बाहर करने का अधिकार नहीं है।
रूस और चीन के रिश्ते हालिया दिनों में बहुत तेजी से आगे बढ़े हैं। शीतकालीन ओलंपिक के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बीजिंग यात्रा के बाद दोनों देशों के नेताओं ने अपने संबंधों की "कोई सीमा नहीं" होने की घोषणा की थी।
अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कही थी ये बात
वांग की टिप्पणी मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलीवन की एक ब्रीफिंग के बाद आई है जिसमें संकेत दिया गया था कि अमेरिका रूस पर अपने पड़ोसी (यूक्रेन) के ऊपर हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों से अलग होने का दबाव बनाएगा।
सुलीवन ने कहा था "जी20 के सवाल पर, मैं बस यही कहूंगा: हमारा मानना है कि यह अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में रूस के लिए हमेशा की तरह व्यापार नहीं हो सकता है।"
यूक्रेन में जंग जारी
यूक्रेन पर रूसी हमले को एक महीने होने जा रहा है। रूस की शुरुआती बढ़त के बाद अब यूक्रेन में कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार कीव के पास एक उपनगर में रूसी सेना को पीछे हटने को मजबूर होना पड़ा है। यूक्रेनी सशस्त्र बलों के दावे के मुताबिक उन्होंने रूसी सेना को पीछे धकेल दिया है जबकि दक्षिण में भी एक बड़े घटनाक्रम में पुतिन के सैनिकों को काला सागर की तरफ पीछे हटना पड़ा है।












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