अमेरिका के प्रतिबंध के बाद चीन ने राजदूत को किया तलब
नई दिल्ली। चीन और अमेरिका के बीच चल रहे ट्रेड वॉर के बीच दोनो देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। रूस से हथियार खरीदने की वजह से अमेरिका ने चीन पर प्रतिबंध की घोषणा की है, जिसके बाद चीन ने अमेरिका के राजदूत को तलब किया है। चीन में अमेरिका के राजदूत टेरी ब्रांसटैड को चीन ने तलब करके अमेरिका की ओर से लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ आधिकारिक विरोध दर्ज किया है। अमेरिका के प्रतिबंध के बाद ना सिर्फ चीन बल्कि रूस ने भी अमेरिका के खिलाफ अपना सख्त रुख अख्तियार किया है।

प्रतिबंध के बाद रूस ने कहा कि जिस तरह से अमेरिका रूस विरोधी गतिविधि चला रहा है वह आग से खेलने जैसा है। रूस ने अमेरिका को दो टूक कहा है कि जिस तरह से चीन को अमेरिका अपना निशाना बना रहा है वह वैश्विक स्थिरता के लिए खतरनाक हो सकता है। रुस के उपविदेश मंत्री सरगेई रयाबकोव ने कहा कि 'उनके लिए (अमेरिका) यह याद रखना अच्छा होगा कि रूस से संबंध बिगाड़ कर वे वैश्विक स्थिरता के विचार को नष्ट कर रहे हैं। आग से खेलना मुर्खता है। यह खतरनाक हो सकता है। अमेरिका अपनी ब्लैक लिस्टों को दोहराता रहता है। यह हास्यास्पद है।'
गौर करने वाली बात यह है कि अमेरिका ने गुरुवार को कहा था कि वे चीन की मीलिट्री ऑफ डिफेंस को आर्थिक प्रतिबंधों की लिस्ट में रख रहे हैं, क्योंकि उन्होंने रूस से हथियार खरीदे हैं। अमेरिका का आरोप है कि चीन ने उनके काट्सा नियमों का उल्लंघन किया है। अमेरिका ने कहा कि हाल ही में चीन ने रूस से सूखोई एसयू-35 फाइटर जेट्स और और एस-400 जमीन से हवा में मारने वाली मिसाइलें खरीदी है।
इसे भी पढ़ें- मुकेश अंबानी की बेटी ईशा और आनंद पीरामल की रॉयल इंगेजमेंट का पहला VIDEO












Click it and Unblock the Notifications