चीन ने खूब दिखाए तेवर...उड़ाए 100 फाइटर जेट, दागे मिसाइल, टस से मस नहीं हुआ ताइवान
नई दिल्ली, 05 अगस्त। चीन और ताइवान के बीच बढ़ते टकराव और अमेरिका के कथित हस्तक्षेप से पूरी दुनिया में एक और युद्ध का अंदेशा लगाया जा रहा है। अपनी विस्तारवादी नीति को आगे बढ़ाते हुए चीन ताइवान के एक कदम आगे बढ़कर ये कह रहा है कि उस देश के लोग खुद चीन का हिस्सा बनना चाहते हैं। उनकी आस्था चीन में हैं। जबकि ताइवान किसी भी सूरत में अपनी संप्रभुता पर आंच बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

ताइवान की विदेश नीतियों से चीन परेशान
ताइवान की अमेरिका से बढ़ती नजदीकियां चीन की अखरती रही हैं। वहीं ताइवान के मामले में चीन जब अपने एजेंडे को जब धार नहीं दे पा रहा तो अब अमेरिकी राजनेताओं के दौरे को अपनी सैन्य अभियान का जिम्मेदार बता रहा। अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी कोई पहली अमेरिकी नेता नहीं हैं ताइवान पहुंची थी। उनके इस दौरान से ठीक पहले चीन ने अमेरिका को धमकी दी थी।

ताइवान पर सैन्य अभियान का बहाना ढूंढ रहा चीन
ताइवान को इससे पहले चीन ने कई बार अपने धौंस दिखाए हैं। ताइवान के मामले में विस्तारवादी एजेंडे पर आगे बढ़ने के लिए वो सिर्फ एक बहान ढूंढ रहा है। कई ऐसे मौके हैं जब उसने ताइवान को अपनी ताकत का भय दिखाने के लिए वो ये सब करता रहा है। लेकिन इस बार जो हुआ वो एक बड़े संघर्ष और विनाश का संकेत दे रहा है।

अमेरिका के रुख नरम नहीं
अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी ताइवान दौरे पर आई थीं। इस दौरे ने चीन के कान खड़े कर दिए। क्योंकि इससे ठीक पहले चीन ने अमेरिका को ताइवान के मामले में पड़ने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी डे डाली थी। लेकिन अमेरिका झुका नहीं और नैंसी पेलोसी ताइवान पहुंची।

चीन ने ताइवान को दिखाए तेवर
ताइवान को लेकर चीन के इरादे क्या हैं ये पूरी दुनिया जानती है। दोनों देशों के संभावित टकराव को की आशंका की चिंता पूरे विश्व को है। गुरुवार को अमेरिका संसद के नैंसी पेलोसी की ताइवान पहुंचने की खबर मिलते ही चीन बौखला गया और ताइवान के पास में 100 फाइटर जैट उड़ा दिए और 11 बैलिस्टिक मिसाइल भी ताइवान के आसपास वाले इलाकों पर दाग दीं। इससे पहले भी चीन के 27 लड़ाकू विमान ताइवान के एयर जोन में दाखिल हुए थे।

अपनी संप्रभुता के मिटने नहीं देगा ताइवान
चीन की धौंस के आगे ताइवान कभी नहीं झुका। हालांकि उस पर युद्ध का खतरा लगातार बना रहता है। चीन के मुकाबले उसकी सैन्य शक्ति काफी कम है लेकिन ये देश खुद के अस्तित्व की रक्षा के लिए चट्टान की तरह खड़ा है। हालांकि चीन ने ताइवान को डराने का सारा प्लान तैयार कर लिया है। लेकिने ताइवान झुकने को तैयार नहीं है। ताइवान के राष्ट्रपति ने एक बयान में कहा है कि ताइवान विवाद नहीं चाहता लेकिन हम हर कीमत पर अपनी संप्रभुता और अपने लोकतंत्र की रक्षा करेंगे।












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