चीन का बड़ा स्पेस मिशन कामयाब, अंतरिक्ष में भेजे 3 अंतरिक्ष यात्री और एक आम नागरिक, अब चांद पर नजर

चीनी अंतरिक्ष एजेंसी को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से कम्युनिस्ट पार्टी के लिए काम करने के आरोप में बाहर कर दिया था, जिसके बाद चीन ने अपना खुद का स्पेस स्टेशन बना लिया है।

China in Space

China in Space: अंतरिक्ष की दुनिया में चीन ने बहुत बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है और चीन के अंतरिक्ष यात्रियों ने इतिहास रच दिया है।

चीन ने मंगलवार को Shenzhou-16 मानवयुक्त स्पेसक्राफ्ट को कामयाबी के साथ लॉन्च कर दिया है। इस मिशन के लिए चीन ने तीन अंतरिक्ष यात्रियों और एक आम नागरिक को पांच महीने के लिए अपने नये बनाए गये स्पेस स्टेशन में भेजा है।

कुछ घंटों के बाद चीन का ये अंतरिक्ष यान, उसके स्पेस स्टेशन तक पहुंच जाएगा और इसके साथ ही, अमेरिका के बाद चीन विश्व का दूसरा ऐसा देश बन गया है, जिसके पास अपना स्पेस स्टेशन है और उस स्पेस स्टेशन में उसके वैज्ञानिक हैं।

चीन का ये अंतरिक्ष स्टेशन धरती से 400 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जिसे चीन ने Tiangong स्पेस स्टेशन नाम दिया हुआ है।

अंतरिक्ष में चीन की बड़ी छलांग

चीन की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन की अंतरिक्ष एजेंसी 'चाइना मैन्ड स्पेस एजेंसी' जिसका शॉर्ट फॉर्म CMSA है, उसने एक आधिकारिक बयान में कहा है, कि उसका अंतरिक्ष यान 'लॉन्ग मार्च-2एफ कैरियर रॉकेट' के जरिए अंतरिक्ष यान को उत्तर-पश्चिम चीन में स्थित जियुक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर, जो गोबी रेगिस्तान के किनारे स्थित है, वहां से आज सुबह नौ बजकर 31 मिनट (चीन के समयानुसार) पर अंतरिक्ष में लॉन्च किया गया है।

China in Space

Shenzhou-16 के अंतरिक्ष यात्री Shenzhou-15 के तीन सदस्यीय चालक दल की जगह लेंगे, जो नवंबर के अंत में अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे थे।

चीन का ये मिशन इसलिए भी काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि चीन की कोशिश साल 2030 तक चंद्रमा पर अपने अंतरिक्षयात्रियों को भेजने की है, लिहाजा चीन अपने स्पेस स्टेशन से कई तरह के वैज्ञानिक अनुसंधान भी कर रहा है।

चीन का अपना अंतरिक्ष स्टेशन

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से बाहर किए जाने के बाद चीन ने अपना खुद का अंतरिक्ष स्टेशन बना लिया है। चीन को स्पेस स्टेशन से बाहर करने की सबसे बड़ी वजह, कम्युनिस्ट पार्टी की सैन्य शाखा पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के साथ चीनी अंतरिक्ष कार्यक्रमों के अंतरंग संबंधों पर कई चिंताजनक रिपोर्ट आई थी।

चीन ने अपने इस मिशन में इस बार चीन अंतरिक्ष यात्रियों और एक आम नागरिक को भेजा है। अंतरिक्ष यात्रियों में से एक प्रोफेसर गुई हाइचाओ हैं, जो बीजिंग में बेइहांग विश्वविद्यालय में पढ़ाते हैं। वहीं, चीन के इस अंतरिक्ष मिशन के कमांडर जिंग हैपेंग हैं, जो चौथी बार अंतरिक्षा जाकर एक रिकॉर्ड कायम कर रहे हैं।

वहीं, अंतरिक्षयात्री फ्लाइट इंजीनियर झू यांगझू भी इस मिशन का हिस्सा हैं, जो पहली बार अंतरिक्ष का उड़ान भर रहे हैं। ये चालक दल लगभग पांच महीने तक स्टेशन पर रहेगा, जिसके दौरान वे वैज्ञानिक प्रयोग और नियमित रखरखाव करेंगे।

China in Space

आपको बता दें, कि साल 2003 में चीन ने पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन लॉन्च किया था, जिसने इसे पूर्व सोवियत संघ और अमेरिका के बाद तीसरा देश बना दिया, जिसने किसी व्यक्ति को अपने संसाधनों के साथ अंतरिक्ष में भेजा। वहीं, माना जा रहा है, कि बीजिंग इस साल ऑर्बिटिंग चौकी के लिए एक और चालक दल के मिशन को लॉन्च करेगा।

इसके अलावा माना जा रहा है, कि इस साल के अंत तक चीन एक टेलीस्कोप को भी अंतरिक्ष में लॉन्च करेगा, जिसका आकार एक बड़े बस की तरह है। इसका नाम Xuntian रखा गया है, जिसका मतलब 'स्वर्ग की तलाश' होता है।

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