दक्षिण चीन सागर में चीन ने भेजे और जंगी जहाज, अमेरिका-ताइवान को सीधी चेतावनी
नई दिल्ली- ताइवान और अमेरिका में बढ़ती दोस्ती ने ड्रैगन को और तिलमिला दिया है। उसने ताइवान को धमकाने के लिए दक्षिण चीन सागर में अपने और जंगी जहाज भेज दिए हैं। कहने के लिए तो वह युद्धाभ्यास के नाम पर ये सब कर रहा है, लेकिन अमेरिका की ओर से उसी इलाके में युद्धाभ्यास की घोषणा के बाद चीन की यह हरकत उसके खतरनाक मंसूबे जाहिर कर रहे हैं। इसबार चीन ने युद्धाभ्यास के लिए हॉन्गकॉन्ग स्थित अपने समुद्री बेड़े से जहाज तैनात किए हैं और उनसे लगातार तोपों के गोले और टारपीडो दागे जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि अगर चीन ने अमेरिकी जंगी जहाज रोनाल्ड रीगन की मौजूदी के दौरान अगर कोई उकसावे वाली कार्रवाई की तो परिस्थितियां तीसरे युद्ध की ओर मुड़ने में देर भी नहीं लगेगी।

दक्षिण चीन सागर में चीन ने भेजे और जंगी जहाज
चीन ने दक्षिण चीन सागर में युद्धाभ्यास के नाम पर अपने और जंगी जगाज उतार दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन सीधे तौर पर ताइवान को धमकाने की कोशिश कर रहा है कि उसने अमेरिका के साथ यदि हाथ मिलाया तो इसके अंजाम भुगतने पड़ सकते हैं। चीन की हरकत खतरनाक इसलिए मानी जा रही है, क्योंकि एक दिन पहले ही अमेरिकी नेवी ने इस बात की पुष्टि की है कि उसका जंगी जहाज यूएसएस रोनाल्ड रीगन उसी इलाके में चल रहे युद्धाभ्यास की अगुवाई कर रहा है। चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी ने ताइवान को निशाना बनाकर अमेरिका तक चेतावनी पहुंचाने के लिए कुछ तस्वीरें जानबूझकर जारी की है, जिसमें हॉन्ग कॉन्ग से आया उसका जंगी जहाज हुइझोउ (Huizhou) तोपों से गोले और टारपीडो दाग रहा है।

ताइवान को धौंस दिखाने की कोशिश में है चीन
इस बीच पीएलए के हॉन्गकॉन्ग स्थित सेना की ओर से कहा गया है कि एंटी-सबमरीन ट्रेनिंग इस युद्धाभ्यास का एक अहम हिस्सा होगा। हुइझोउ नाम का जो जंगी जहाज दक्षिण चीन सागर में ताइवान को धमकाने के इरादे से भेजा गया है, वह पूर्व के ब्रिटिश उपनिवेश में तटीय सुरक्षा के मकसद से रखे गए दो युद्ध पोतों में से एक है। बड़ी बात ये है कि इस युद्ध पोत पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें भी तैनात हैं। बीजिंग के एक मिलिट्री एक्सपर्ट झोउ चेनमिंग ने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट से कहा है कि यह ड्रिल एक प्रतिकात्मक कार्रवाई है, ताकि ताइवान में आजादी मांग रही ताकतों को एक संदेश दिया जा सके। यह कदम अमेरिकी स्वास्थ्य मंत्री एलेक्स अजार के ताइवान दौरे के दूसरे दिन ही उठाया गया है।

ताइवान पर अपना कब्जा चाहता है चीन
चाइनीज सेना का ऐक्शन मुख्य तौर पर ताइवान की राष्ट्रपति साइ इंग-वेन पर निशाना है। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही साइ ने ऐलान किया है कि अमेरिका और ताइवान के संबंध ऐतिहासिक बुलंदियों को छू रहे हैं। हालांकि, झोउ चेनमिंग का दावा है कि 'इस कार्रवाई में शामिल पारंपरिक हथियार के आधार पर यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि चीन ने अमेरिका को उकसाने की कोशिश नहीं की है।' गौरतलब है कि चीन वन चाइना पॉलिसी के तहत ताइवान को आधिकारिक तौर पर अपने आधिकारिक नाम पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना का हिस्सा होने का दावा करता रहा है।

अमेरिका को भी लगातार धमका रहा है चीन
गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में चीन के सीनियर कर्नल रेन गुओक्वियांग इस बात पर भड़क गए थे कि अमेरिका-ताइवान के बीच सतह से हवा में मार करने वाली पैट्रॉयट मिसाइल के लिए 493 मिलियन डॉलर का करार किया है। उन्होंने इसे चीन के आंतरिक मामलों में दखलअंदाजी और ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता के लिए खतरा बताया था। उन्होंने कहा था, 'वे पूरी तरह से गलत और बहुत ही खतरनाक हैं। ' उन्होंने अमेरिका से कहा था कि उसे समझना चाहिए कि चीन और ताइवान को एकजुट होना ही चाहिए। उन्होंने अमेरिका से ताइवान के साथ सारे आधिकारिक और सैन्य संबंध तुरंत तोड़ लेने को भी कहा था। (ऊपर की तस्वीर-यूएसएस रोनाल्ड रीगन)

दक्षिण चीन सागर में तीसरे विश्व युद्ध की आहट ?
ऐसे में अगर चीन और अमेरिका के ताकतवर जंगी जहाज इसी तरह से एक ही इलाके में डटे रहे तो यह युद्धाभ्यास किस वक्त युद्ध का शक्ल अख्तियार कर लेगा अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। क्योंकि, विस्तारवादी चीन के नेता शी जिनपिंग का चेहरा जिस तरह से कोरोना वायरस के मामले में बेनकाब हुआ है, उसके बाद उनका बर्ताव बहुत ही गैर-भरोसेमंद हो चुका है; और इस स्थिति में अगर दक्षिण चीन सागर में हालात बेकाबू हुए तो तीसरे विश्व युद्ध की आशंका से इनकार भी नहीं किया जा सकता।

समंदर में अमेरिका को टक्कर दे सकता है चीन!
एक्सप्रेस अखबार के आंकड़ों के मुताबिक अमेरिकी फौज में इस वक्त 12,81,900 जवान हैं तो चीन के पास यह संख्या 26,93,000 है। लड़ाकू टैंक- अमेरिका के पास 6,287 और चीन के पास 13,050 है। जंगी जहाज- अमेरिका के पास 415, चीन के पास 714 है। फाइटर जेट- अमेरिका के पास 13,398 और चीन के पास- 3,187 है। यानि समंदर में चीन अमेरिका को जोरदार टक्कर देने की हैसियत रखता है और चीन के इतिहास को देखकर उसकी यह हैसियत पूरी मानवता के लिए खतरा पैदा कर रही है।
-
'पति ने दर्द में 15 घंटे खड़े कर जो किया', वड़ा पाव गर्ल Chandrika Dixit को युगम ने दिया धोखा, किया बुरा हाल -
Kerala Assembly Elections 2026: 'BJP वोट खरीद रही' , राहुल गांधी को पसंद करने वाली Shama Mohamed कौन हैं ? -
LPG Price Today: कमर्शियल सिलेंडर पर सरकार ने दी बड़ी राहत, आज क्या है आपके शहर में एलपीजी का रेट? -
Raghav Chadha कौन सी पार्टी करेंगे ज्वाइन? कैसे हुई 'धुरंधर' के असलम से मुलाकात? Viral तस्वीर पर उठे सवाल -
Radhikaraje Gaekwad को है बेटा ना होने का मलाल? 25000 करोड़ के महल में रहने वाली रानी ने खोला राज -
Ayesha Takia ने मुस्लिम से निकाह के बाद होठों पर सहा इतना दर्द, बदल गई सूरत, तस्वीरों ने खोला राज! -
Monalisa निकली नाबालिग, मुस्लिम पति पर POCSO केस दर्ज, 16 की उम्र में कैसे हुई महाकुंभ वायरल गर्ल की शादी? -
Iran US War Peace Talks: संकट में ईरान-अमेरिका शांति वार्ता, नहीं गया ईरान! धरी रह गई शरीफ की तैयारी! -
Gold Rate Alert: भारत में सोना खरीदना अब और होगा महंगा? रूस के फैसले से बढ़ सकते हैं दाम, 1 मई से दिखेगा असर -
Ayesha Takia Love Story: सलमान खान की हिंदू हीरोइन ने 23 साल की उम्र में इंटरफेथ लव मैरिज, क्या अपनाया इस्लाम? -
Yamuna Boat Capsized: यमुना में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी, 10 लोगों की मौत, कैसे हुआ इतना बड़ा हादसा? -
Silver Rate Today: चांदी में भारी गिरावट, 3671 गिरे दाम, अब 100 ग्राम से 1 किलो तक,किस भाव में मिल रहा सिल्वर












Click it and Unblock the Notifications