तो आईफोन के जरिए चीन की सुरक्षा जानकारी जुटा रहा अमेरिका!

चीन के एक सरकारी चैनल का आरोप है कि अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी एप्पल का आइफोन देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है। इसके जरिये उपयोक्ता के स्थान व समय पर नजर रखी जा सकती है।अमेरिका के अग्रणी न्यूजपेपर वॉल स्ट्रीट जनरल ने इस बाबत जानकारी दी है।
चीन के पीपुल्स पब्लिक सिक्योरिटी युनिवर्सिटी में इंस्टीट्यूट फॉर सिक्योरिटी ऑफ इंटरनेट के निदेशक मा दिंग ने कहा कि आईफोन के फ्रिक्वेंट लोकेशंस टूल का इस्तेमाल अत्यधिक संवेदनशील आंकड़ों और यहां तक कि सरकार के गोपनीय आंकड़ों को एकत्र करने के लिए किया जा सकता है।
एप्पल पिछले कुछ वर्षों से चीन में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने की कोशिशों में लगा हुआ है। चीन में एप्पल आईफोन इसकी क्वार्टली सेल से 20 प्रतिशत ज्यादा हिस्सा मैन्यूफैक्चर करता है।
एप्पल ने पिछले वर्ष दिसंबर में चीन की एक मोबाइल कंपनी के साथ करार किया है जिसके तहत वह 760 मिलियन सब्सक्राइबर्स को वायरलेस कैरियर्स पर लाना चाहती है।
उस समय विश्लेषकों ने अनुमान लगाया क्था कि एप्पल वर्ष 2014 में 20 से 30 मिलियन आईफोन बेचे सकती है। फिलहाल चीन के स्मार्ट फोन मार्केट पर एप्पल को सिर्फ छह प्रतिशत हिस्सा है।
वॉल स्ट्रीट जनरल की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया है कि यह खबरें नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी, एनएसए के पूर्व अधिकारी एडवर्ड जे स्नोडेन के एक ऐसे खुलासे की वजहें से आ रही हैं जिसके बाद चीन की आतंरिक और बाहृय सुरक्षा दोनों ही खतरे में पड़ सकती हैं।
स्नोडेन ने न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि एनएसए हुआवेई, जो कि चीन की एक बड़ी टेलीकॉम कंपनी है, उसके जरिए चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी के संबंधों पर नजर रख सकते हैं।












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