चीन ने सुदर्शन चक्र की तरह हमला करने वाले मिसाइल का किया परीक्षण, पश्चिमी देशों में खौफ
चीन ने हाल ही में एक ऐसे हथियार का सफल परीक्षण किया है जो हुबहू भगवान श्रीकृष्ण के अस्त्र सुदर्शन चक्र की तरह दुश्मन पर हमला करता है। इस हथियार के परीक्षण के बाद से पश्चिमी देशों में खौफ पैदा हो गया है।
बीजिंग, 24 जूनः चीन ने हाल ही में एक ऐसे हथियार का सफल परीक्षण किया है जो हुबहू भगवान श्रीकृष्ण के अस्त्र सुदर्शन चक्र की तरह दुश्मन पर हमला करता है। इस हथियार के परीक्षण के बाद से पश्चिमी देशों में खौफ पैदा हो गया है। फिलहाल चीन द्वारा इस नए हथियार के बारे में कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गयी है। लेकिन बताया जा रहा है कि यह हथियार बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने के लिए तैयार किया गया है।

चीन ने सफल परीक्षण का किया दावा
चीन ने एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भूमि आधारित बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्ट प्रणाली के सफल परीक्षण का दावा किया है। चीन के रक्षा मंत्रालय ने इस कदम को "रक्षात्मक और किसी भी देश के उद्देश्य से नहीं" के रूप में वर्णित किया है। चीन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह जमीन से छोड़ी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट करने के लिए बनाया गया हथियार है। मंत्रालय के मुताबिक उनका यह हथियार देश की मिलिट्री ताकत को और बढ़ाएगा।

बैलिस्टिक मिसाइल रोकने के लिए किया तैयार
चीन के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनका यह परीक्षण चीन की सीमा के अंदर किया गया है और यह पूरी तरह से सुरक्षात्मक है। हाल में ही इससे जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया है जो सुदर्शन चक्र की तरह घूमते हुए अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता दिख रहा है। तकनीकी रूप से बैलिस्टिक मिसाइल उस प्रक्षेपास्त्र को कहते हैं जिसका पथ अर्ध चंद्राकार या सब ऑर्बिटल होता है। इसका उपयोग किसी पूर्व निर्धारित लक्ष्य को नष्ट करने के लिए किया जाता है। आमतौर पर बैलिस्टिक मिसाइल अंतरमहाद्वीपीय यानी होती हैं, उन्हें रोकने के लिए चीन ने यह इंटरसेप्टर हथियार बनाया है। फिलहाल इस हथियार के नाम का खुलासा नहीं किया गया है।

हिट 2 किल तकनीक पर चीन कर रहा काम
बीजिंग स्थित कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के न्यूक्लियर पॉलिसी प्रोग्राम के एक्सपर्ट तोंग झाओ ने कहा, " ऐसा लगता है कि चीन हिट-टू-किल मिसाइल रक्षा प्रौद्योगिकी यानी कि एक अत्याधुनिक रणनीतिक सैन्य क्षमता पर लगातार काम कर रहा है।" उन्होंने दावा किया कि चीन, कई लेयर्स का मिसाइल डिफेंस सिस्टम बना रहा है। इसमें कम दूरी, मध्यम दूरी और लंबी दूरी की मिसाइलों को मार गिराने की क्षमता शामिल है।
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मध्यम दूरी तक कर सकता है हमला
चीन के हथियार की टेक्नीक और जारी वीडियो से पता लगता है कि यह मिसाइल मध्यम दूरी तक मार कर सकती है। सीएनएन ने चीन के सरकारी मीडिया संस्थान ग्लोबल टाइम्स के हवाले से लिखा है कि यह चीन का छठा लैंड बेस्ड एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण था। चीन लगातार साल 2010 से इस तरह के परीक्षण कर रहा है। इस टेस्ट से पहले फरवरी 2021 में चीन ने इसी तरह का परीक्षण किया था।

थार की तैनाती का चीन करता है विरोध
युद्ध से जुड़े एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये अमेरिका के टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम की तरह है। अमेरिका का थार सिस्टम दुश्मन की कम, मध्यम और इंटरमीडिएट बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने के लिए बनाया गया था। इसे गुआम और हवाई में तैनात किया गया है ताकि उनकी सुरक्षा की जा सके। आपको बता दें कि चीन, अमेरिका द्वारा तैनात किये गए टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) एंटी-मिसाइल सिस्टम का बार-बार विरोध करता रहा है। चीन बार-बार तर्क देता है कि यह शक्तिशाली रडार उसके क्षेत्र में प्रवेश कर सकता है। कुछ समय पहले चीन और रूस ने नकली मिसाइल रोधी अभ्यास भी किया है।

चीन को है बैलिस्टिक मिसाइल से खतरा
विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका, चीन के लिए बैलिस्टिक मिसाइल खतरों का सबसे बड़ा स्रोत है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर अमेरिका, चीन के पास मध्यम दूरी की मिसाइलों को तैनात करने में सफल हो जाता है, तो इसका मतलब यह होगा कि चीन को न केवल अधिक मिसाइल खतरों का सामना करना पड़ेगा, बल्कि अधिक अनिश्चितताओं का भी सामना करना पड़ेगा। ऐसे में किसी संभानित खतरे से बचने के लिए चीन द्वारा इस मिसाइल का परीक्षण किया गया है। बीजिंग ने कहा कि राष्ट्रीय रक्षा और सुरक्षा के लिए ऐसी तकनीक की जरूरत है।












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