चीन और रूस की इस NATO सदस्य देश से है 'दुश्मनी',अब 'ड्रैगन' ने उनके मंत्री पर लगाया बड़ा प्रतिबंध

ताइपे को लेकर अमेरिका से बढ़ती दुश्मनी के बीच चीन ने लिथुआनिया के उप परिवहन मंत्री एग्ने वैसीयूकेविशिएट (Agne Vaiciukeviciute) ताइवान की यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है।

बीजिंग, 13 अगस्त : भारत समेत दुनिया चीन की चाल को समझ चुका है। बीजिंग समय देखकर अपना रंग बदलता रहता है। अमेरिकी सीनेटर नैन्सी पेलोसी की ताइवान दौरे को लेकर चीन अमेरिका से खासा नाराज चल रहा है। जब नैन्सी चीन का दौरे पर थी तो रूस ने इसका कड़ा विरोध किया था। वहीं, चीन ने भी यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस का कभी भी विरोध नहीं किया। वह धीरे-धीरे रूस के करीब जा रहा है। इससे भारत को सतर्क हो जाना चाहिए, क्योंकि सामरिक और आर्थिक दृष्टिकोण से रूस भारत का पुराना मित्र रहा है। अब खबर है, कि 13 अगस्त से चीन और रूस नया मिलिट्री गेम शुरू करने वाले हैं। वहीं, एक और बड़ी खबर यह है कि, रूस का कट्टर विरोधी नाटो सदस्य देश लिथुआनिया पर ड्रैगन देश ने शिकंजा कस दिया है।

Recommended Video

    China-Taiwan Conflict: पहली बार India ने China-Taiwan पर दिया बड़ा बयान| वनइंडिया हिंदी |*News
    चीन ने लिथुआनिया के मंत्री पर लगाया प्रतिबंध

    चीन ने लिथुआनिया के मंत्री पर लगाया प्रतिबंध

    ताइपे को लेकर अमेरिका से बढ़ती दुश्मनी के बीच चीन ने लिथुआनिया के उप परिवहन मंत्री एग्ने वैसीयूकेविशिएट (Agne Vaiciukeviciute) ताइवान की यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है। बता दें कि, अमेरिका का करीबी लिथुआनिया ने हाल ही में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा का भी समर्थन किया था। इससे नाराज चीन ने उसके उपर भी शिकंजा कस दिया है। वहीं, चीनी विदेश मंत्रालय ने भी जवाबी कार्रवाई में परिवहन क्षेत्र में लिथुआनिया के साथ सहयोग को निलंबित कर दिया है। चीन और अमेरिका के बीच मौजूदा तनावों के बावजूद, वैसीयूकेविशिएट 7 अगस्त को यात्रा कर ताइपे पहुंची थीं।

    चीन का शिकंजा

    चीन का शिकंजा

    स्थानीय समाचार एजेंसी ने शुक्रवार को चीनी विदेश मंत्रालय के हवाले से कहा कि वैसीयूकेविशिएट ने बीजिंग के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप किया और देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को ठेस पहुंचाया। उन्होंने बताया कि लिथुआनियाई परिवहन और संचार मंत्रालय के साथ सभी प्रकार के आदान-प्रदान को निलंबित कर दिया गया है।

    लिथुआनिया की चीन से रार

    लिथुआनिया की चीन से रार

    लिथुआनिया ने हाल ही में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा का भी समर्थन किया था। लिथुआनिया के इस कदम को चीन ने गलत बताते हुए आरोप लगाया कि बाल्टिक नाटो देश वन चाइना पॉलिसी का उल्लंघन कर रहे हैं। बता दें कि, नैन्सी पेलोसी पेलोसी की ताइवान की यात्रा के जवाब में चीन पिछले सप्ताह से द्वीप के चारों ओर बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास कर रहा है। चीनी ताइवान को अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है लेकिन ताइपे लंबे समय से खुद को स्वतंत्र मानता रहा है। हाल के दिनों में लिथुआनिया और चीन के बीच तनाव भी पैदा हुआ। चीन ने बाल्टिक यूरोपीय संघ राज्य के साथ अपने राजनयिक संबंधों को डाउनग्रेड कर दिया।

    रूस से दुश्मनी लेता है लिथुआनिया

    रूस से दुश्मनी लेता है लिथुआनिया

    बताते चले कि, हाल ही में लिथुआनिया ने रूस की ओर जाने वाली ट्रेन को बंद कर दिया था। उसने कहा कि उसने ऐसा यूरोपियन यूनियन के प्रतिबंधों के चलते किया। लिथुआनिया ने यूरोपियन यूनियन के प्रतिबंधों के नियमों का हवाला देते हुए कैलिनिनग्राद से आने और जाने वाले सामान पर रोक लगा दी थी जिसके बाद रूस ने लिथुआनिया को सबक सिखाने की धमकी दे दी थी।

    लिथुआनिया सैन्य संगठन NATO में शामिल है

    लिथुआनिया सैन्य संगठन NATO में शामिल है

    बता दें कि, लिथुआनिया कभी सोवियत संघ का ही हिस्सा हुआ करता था। 1991 में सोवियत संघ के टूटने के बाद लिथुआनिया अलग देश बना था। 2004 में लिथुआनिया सैन्य संगठन NATO में शामिल हो गया था। NATO यानी नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन की शुरुआत 1949 में हुई थी। अमेरिका इसका नेतृत्व करता है। इस समय NATO में 30 देश शामिल हैं।

    (Photo Credit: PTI & Twitter)

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+