BRICS Summit: ब्रिक्स सम्मेलन के बिजनेस फोरम में नहीं शामिल हुए शी जिनपिंग, चीन ने साधी चुप्पी
BRICS Summit: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दक्षिण अफ्रीका गये हैं, लेकिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के ही सबसे अहम कार्यक्रम, बिजनेस समिट में उन्होंने हिस्सा नहीं लिया, जो काफी आश्चर्यजनक है और दुनिया भर में इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं, कि आखिर शी जिनपिंग के बिजनेस समिट में शामिल नहीं होने के पीछे क्या वजह है, लेकिन चीन ने चुप्पी साध रखी है।
चीनी नेता शी जिनपिंग मंगलवार को अप्रत्याशित रूप से दक्षिण अफ्रीका में ब्रिक्स आर्थिक समूह के एक व्यापार मंच में शामिल नहीं हुए और उन्होंने अपने वाणिज्य मंत्री को अपने नाम पर एक उग्र भाषण देने के लिए भेजा, जिसमें अमेरिकी आधिपत्य की निंदा की गई है।

प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के वार्षिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए सोमवार को जोहान्सबर्ग पहुंचे शी जिनपिंग को मंगलवार दोपहर को, भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं के साथ अपने व्यापार मंच पर भाषण देना था। लेकिन, बीजिंग की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा या जानकारी नहीं दी गई और शी जिनपिंग इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
बिजनेस समिट क्यों नहीं पहुंचे शी जिनपिंग?
शी जिनपिंग की जगह पर कार्यक्रम में शामिल हुए चीन के वाणिज्य मंत्री वांग वेन्ताओ ने भाषण के दौरान अमेरिका पर कई कटाक्ष किए और कहा, कि चीन के डीएनएन में 'अधिपत्यवाद' नहीं है।
शी जिनपिंग की तरफ से बयान देते हुए चीन के वाणिज्य मंत्री ने दुनिया से "नए शीत युद्ध की खाई में जाने" से बचने का आह्वान किया। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर अमेरिका का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने परोक्ष तौर पर कहा, कि "कुछ देश, अपना आधिपत्य बनाए रखने के जुनून में, उभरते बाजारों और विकासशील देशों को पंगु बनाने के रास्ते पर चल रहे हैं।"
चीनी मंत्री ने कहा, कि "जो कोई भी तेजी से विकास करना शुरू करता है, वो उसे रोकने की कोशिश में लग जाते हैं, जो उन्हें पकड़ने की दिशा में आगे बढ़ता है, वो उनका निशाना बनने लगते हैं, लेकिन ये कोशिश निरर्थक है।"
शी जिनपिंग एकमात्र ब्रिक्स नेता थे, जो बिजनेस फोरम में शामिल नहीं हुए। यहां तक कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, जो यूक्रेन पर आक्रमण के लिए अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट के कारण व्यक्तिगत रूप से शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं हो सके, वो भी ऑनलाइन इस बैठक में शामिल हुए।
शी जिनपिंग का कार्यक्रम में शामिल नहीं होना, काफी हैरानी भरा है और अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षक के बीच कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
जर्मन मार्शल फंड का इंडो-पैसिफिक कार्यक्रम के प्रबंध निदेशक बोनी ग्लेसर ने कहा, "एक चीनी नेता के लिए बहुपक्षीय बैठक की मेजबानी करने वाले देश में आना बेहद असामान्य है, खासकर वहां, जिसमें चीन ने ब्रिक्स की तरह गहरा निवेश किया है और उसके उद्घाटन समारोह में उपस्थित रहना काफी अजीब है।"
वहीं सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज में चाइना पावर प्रोजेक्ट के फेलो, ब्रायन हार्ट ने कहा, कि शी जिनपिंग की अनुपस्थिति "बेहद असामान्य" है। उन्होंने कहा, कि चीनी नेता इस तरह के हाई-प्रोफाइल कार्यक्रमों में शायद ही कभी बाहर जाते हैं।
उन्होंने कहा, कि "ऐसा लगता है कि किसी चीज़ ने शी जिनपिंग को बैठक से दूर खींच लिया है। शायद ये उनके स्वास्थ्य को लेकर आई कोई दिक्कत हो सकती है या फिर कोई घरेलू गंभीर मसला हो सकता है, जिसपर उन्हें ध्यान देने की जरूरत थी।"
उन्होंने कहा, कि "यह भी संभव है, कि शी जिनपिंग किसी अन्य कारण से कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए - शायद शिखर सम्मेलन के घटनाक्रम को वो देखना चाहते हों।"
सबसे हैरान करने वाली बात ये है, कि शी जिनपिंग बिजनेस फोरम की बैठक में शामिल नहीं हुए, लेकिन इस बैठक से पहले और बाद में वो सारे कार्यक्रमों में दिखे, इससे पता चलता है, कि कुछ तीव्र बात थी, जिसने उन्हें इस बैठक के दौरान दूर खींच लिया। लेकिन वो क्या वजह थी, इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।
इंटरनेशनल ऑब्जर्वर हार्ट ने कहा, कि चीनी राज्य मीडिया और राजनयिकों ने शी जिनपिंग की गैर-मौजूदगी के लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है। इसके बजाय, वे "इतने आगे बढ़ गए हैं, कि प्रतीत होता है कि वे शी जिनपिंग की अनुपस्थिति को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं।"












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