ट्रंप को बधाई देने के लिए जिनपिंग ने किया फोन और दी धमकी
नए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बधाई देने के लिए किया चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने फोन और दे डाली धमकी। कहा ट्रंप के पास सिर्फ सहयोग करना ही इकलौता विकल्प।
बीजिंग। अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनावी अभियान से पहले चीन को लेकर काफी कुछ कहा था। उन्होंने अप्रत्यक्ष तौर पर चीन को धमकाया था। अब राष्ट्रपति बनने के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ट्रंप को धमका रहे हैं।

जिनपिंग की ट्रंप को दो टूक
जिनपिंग ने यूं तो डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति बनने के बाद बधाई देने के लिए फोन किया था। यह बधाई कॉल थोड़ी देर में धमकी कॉल में बदल गई।
चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग ने नए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से साफ-साफ कह दिया है कि अमेरिका और चीन के बीच संबंधों को सही रखने के लिए सिर्फ एक ही विकल्प उनके पास है और वह चीन का सहयोग करना।
अमेरिकी चुनावों के बाद ट्रंप और जिनपिंग के बीच यह पहली बातचीत थी।
ट्रंप ने चुनावी अभभियान में कहा था कि वह राष्ट्रपति बनन के बाद चीन के सामान पर 45 प्रतिशत तक शुल्क लगा देंगे।
ट्रंप के कैंपेन ने अमेरिका और चीन के रिश्तों को काफी हद तक प्रभावित किया था। यह तब हुआ जब अमेरिका और चीन अपने संबंधों में स्थायित्व लाने की कोशिश कर रहे थे।
ट्रंप और शी के बीच क्या बात हुई
चीन में भी वर्ष 2017 के अंत में नेतृत्व परिवर्तन होना है। चीन के न्यूज चैनल सीसीटीवी की ओर से कहा गया है कि यह हकीकत है कि चीन और अमेरिका के पास एक-दूसरे का सहयोग करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा है।
शी ने ट्रंप से कहा कि दोनों पक्षों को आपसी सहयोग मजबूत करनी होगी और दोनों देशों और दुनिया की आर्थिक तरक्की के लिए दोनों देशों को एक साथ आना होगा।
जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों को सभी क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों को ज्यादा फायदा मिल सके ताकि अमेरिका और चीन के संबंधों में अच्छी तरक्की हो।
ट्रंप के बदले सुर
वहीं सीसीटीवी के मुताबिक ट्रंप ने शी से कहा कि वह चीन के साथ मिलकर संबंधों को मजबूत करने के लिए काम करने के इच्छुक हैं।
ट्रंप का मानना है कि चीन और अमेरिका के रिश्ते निश्चित तौर पर एक अच्छी दिशा की ओर बढ़ सकते हैं।
ट्रंप और जिनपिंग दोनों ही बात को लेकर सहमत हुए कि दोनों को करीबी संपर्क रखना होगा और जल्द मुलाकात करनी होगी। शी ने ट्रंप की जीत के कुछ ही देर बाद उन्हें जीत के लिए बधाई संदेश भेजा था।
इस बात को लेकर कई तरह के आशकांए लगाई जा रही हैं कि ट्रंप की जीत दुनिया की दो बड़ी आर्थिक शक्तियों के लिए अहम मुद्दों को प्रभावित कर सकती है।
इसमें क्लाइमेट चेंज से लेकर एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा का संतुलन भी काफी अहम है।
क्या सोचते थे ट्रंप
ट्रंप ने अमेरिका के साथी देशों जैसे जापान की काफी आलोचना की थी। ट्रंप ने कहा था कि जापान जैसे देश अमेरिका की ओर से मिले सुरक्षा आश्वासनों का मुफ्त में फायदा उठा रहे हैं।












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