चीन की सबसे बड़ी झील सूख गई! पहली बार Poyang की वजह से रेड अलर्ट, ड्रैगन ने खोजा ये विकल्प
बीजिंग, 23 सितंबर: चीन इस साल बहुत बड़े सूखे की मार झेल रहा है। वहां के कई इलाकों में इस बार अप्रत्याशित गर्मी पड़ी है और बारिश ने पूरी तरह से मुंह फेर लिया है। इसका सबसे बड़ा और गंभीर असर सेंट्रल चीन के जिआंग्क्शी प्रांत में देखने को मिल रहा है, जहां पोयांग झील में पानी खत्म होने की स्थिति में आ गया है। चारों तरफ हाहाकार मचा है। चीन की इस सबसे बड़ी झील के जल संकट की वजह से रेड अलर्ट जारी करना पड़ गया है। हालांकि, चीन की सरकार ने आफत में अवसर की तलाश करना बंद नहीं दिया है।

चीन की सबसे बड़ी पोयांग झील पर सूखे की मार
चीन की सबसे बड़ी ताजे पानी की झील पोयांग पहली बार बहुत बड़े सूखे का संकट झेल रही है। हालात ऐसे हो चुके हैं, इसकी वजह से सेंट्रल चीन के प्रांत जिआंग्क्शी को इसके चलते पहली बार पानी की सप्लाई को लेकर रेड अलर्ट घोषित करना पड़ा है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक जिआंग्क्शी की सरकार को शुक्रवार को पहली बार यह कदम उठाया गया है, क्योंकि झील का जल स्तर जितना नीचे गया है, वह एक रिकॉर्ड है।

पहली बार पानी की सप्लाई को लेकर रेड अलर्ट
पोयांग झील सामान्य तौर पर चीन की सबसे लंबी नदी यांगत्जे के लिए बाढ़ के पानी के महत्वपूर्ण आउटलेट की काम करती रही है, लेकिन इस बार जून से ही यह बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है। पोयांग झील में जिस जगह पर पानी के स्तर पर निगरानी रखी जाती है, वहां तीन महीने में इसका जल स्तर 19.43 मीटर से घटकर मात्र 7.1 मीटर रह गया है। जिआंग्क्शी वाटर मॉनिटरिंग सेंटर ने कहा है कि कि झील का पानी आने वाले दिनों में और भी घटेगा।

हाइड्रोपावर पर भी पड़ा असर
दरअसल, चीन के इस इलाके में इस बार अबतक बारिश नहीं के बराबर हुई है। जुलाई से अबतक यहां हुई बारिश पिछले साल के मुकाबले 60% कम दर्ज की गई है। पूरे चीन के 267 मौसम केंद्रों ने अगस्त में इस बार रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया है और यांगत्जे नदी बेसिन में सूखे की स्थिति है, जिसके चलते हाइड्रोपावर से बिजली उत्पादन प्रभावित हुई है और शरद ऋतु की खेती से पहले की फसल को भी नुकसान हो चुका है।

पड़ोसी प्रांत के हालात में भी खराब
हालांकि, दक्षिण-पश्चिम चीन में भारी बारिश के बाद सूखे से छुटकार मिली है, लेकिन सेंट्रल चीन में अभी भी अत्यंत शुष्क स्थिति बनी हुई है और जिआंग्क्शी में 70 दिनों से हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है। दिक्कत ये है कि बगल के अनहुई प्रांत के सभी 10 जलाशय भी 'डेड पूल' स्तर के नीचे आ चुके हैं। मतलब ये है कि यहां से भी पानी छोड़े जाने की स्थिति नहीं है। एक स्थानीय वाटर ब्यूरो ने इसी हफ्ते की शुरुआत में इस तथ्य की जानकारी दी थी।

क्लाउड सीडिंग की दी जा रही है सलाह
चीन के सरकारी मौसम विभाग ने इसी हफ्ते कहा था कि अभी भी यांगत्जे के मध्यवर्ती और निम्न इलाकों में सूखे की स्थिति बनी हुई है। इसकी ओर से सीड क्लाउडिंग करवाने (कृत्रिम बारिश) और दूसरे इलाकों से पानी डायवर्ट करने की भी सलाह दी गई थी। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि चीन की सरकार ऐसे अप्रत्याशित जल संकट से उबरने के लिए क्या करने वाली है। विशेषज्ञों की ओर से काफी समय से कहा जा रहा है कि पूरी दुनिया में जो मौसम में उथल-पुथल हो रहा है, उसकी वजह जलवायु परिवर्तन है। (पहली तीनों तस्वीरें सौजन्य-ट्विटर वीडियो, बाकी दोनों फाइल और सांकेतिक)
आफत में भी अवसर की तलाश में जुटा है चीन
चीन की एक सरकारी अधिकारी झैंग मेइफैंग ने अपने ट्विटर हैंडल से एक एडिटेड वीडियो शेयर किया है, जिसमें बड़े गर्व से दावा किया गया है कि कैसे वह सूखे की समस्या से निपटने के लिए कृत्रिम बारिश का सहारा ले रहा है। चीन इस बात से खुश है कि वह क्लाउड सीडिंग के लिए यूएवी का सफलतापूर्वक इस्तेमाल करने लग गया है।












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