चीन में 1.5 करोड़ लोग हुए बेरोजगार, अब प्राइवेट जॉब का मोह छोड़ सरकारी नौकरी तलाश रहे युवा
बीजिंग, 26 जुलाईः चीन के इतिहास में सबसे अधिक शिक्षित पीढ़ी को एक अधिक नवीन और तकनीकी रूप से उन्नत अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर होना चाहिए था लेकिन दुर्भाग्य से ऐसी स्थिति नहीं है। चीन में 16 से 24 साल के युवाओं में बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है। चीन में लगभग डेढ़ करोड़ युवा लोगों के बेरोजगार होने का अनुमान है। ऐसे में चीनी युवा अपनी महत्वाकांक्षाओं को विराम दे रहे हैं और सरकारी दफ्तरों में छोटे-मोटे काम करने के लिए मजबूर हैं।

19.3 % हुई बेरोजगारी दर
2022 में हुई कई रिसर्च में यह डेटा सामने आया कि चीनी युवा लोगों के बीच बेरोजगारी तेजी से बढ़कर 19.3 फीसदी पहुंच चुकी है। वहीं, अमेरिका में इस उम्र में यह दर लगभग आधी है। कोरोना के समय सरकार की कड़ी नीतियों से कई कंपनियों में कर्मचारियों की छंटनी हुई। इससे कई युवा सड़क पर आ गए हैं। वहीं, रियल एस्टेट और शिक्षा से जुड़ी कंपनियों पर भी सरकार नीतियों का असर पड़ा है।

सरकारी नौकरियों की बढ़ी डिमांड
इसका नतीजा यह है कि निजी कंपनियों से युवाओं का मोह भंग हो रहा है और वह सरकारी दफ्तरों में कम वेतन पर छोटे-मोटे काम करने पर विवश हैं। गौरतलब है कि चीन और अमेरिका जैसे विकसित देशों में युवाओं की दिलचस्पी सरकारी क्षेत्रों के बजाए प्राइवेट क्षेत्रों में नौकरियां हासिल करने के प्रति रहती है। जानकारी के मुताबिक करीब 1.5 करोड़ युवाओं ने सरकारी नौकरी के लिए आवेदन दिए है। रिसर्च में यह भी पता चला है कि चीन में मजदूरी दर में 3.5 फीसदी की गिरावट आयी है।

साढ़े चार लाख से अधिक कंपनियां बंद
इससे पहले चीन में पहले वायरल हुए एक वीडियो में बीजिंग की सिंघुआ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर झेंग युहुआंग ने कहा था कि 2022 चीन के लिए मुश्किल साल है। झेंग के अनुसार, 2022 के पहले क्वॉर्टर में चीन में 4.60 लाख कंपनियां बंद हो चुकी हैं और 31 लाख बिजनेस परिवार दिवालिया हो गए हैं। इस साल 1.76 करोड़ कॉलेज ग्रैजुएट निकले हैं, जिससे नौकरियों का संकट पैदा हो गया है। चीन में करीब 8 करोड़ युवा बेरोजगार हैं।

नए लोगों को नहीं मिल रहा मौका
बीजिंग की एक 26 वर्षीय युवती बेया के मुताबिक कंपनियां अब नये लोगों को मौके नहीं देता चाहतीं। बेया के मुताबिक अब युवाओं के लिए निजी क्षेत्रों में अवसर कम बन रहे हैं। बेया ने जब चर्चित कंपनी बाइटडांस में नौकरी करनी चाही तो उससे 3 सालों का अनुभव मांगा गाया। बेया कहती है कि मैं योग्य कैंडिडेट हूं लेकिन जब कहीं नौकरी ही नहीं मिलेगा तो उसे अनुभव कहां से हासिल हो पाएगा। बेया के निराशा है कि अपने कम अनुभव के कारण वह बाइटडांस के स्वामित्व वाली कंपनी टिकटॉक में नौकरी हासिल करने से चूक गई।

कोरोना के कारण अर्थवस्था टूटी
चीनी अर्थशास्त्रियों का कहना है कि चीन को इस साल जीडीपी को 3 से 5 फीसदी बढ़ाने की जरूरत है। अर्थशास्त्री 4 फीसदी के करीब विकास की भविष्यवाणी कर रहे हैं लेकिन कोरोना वायरस के कारण लगाए गए लॉकडाउस से ठप हो चुके कार्यों को कारण यह असंभव बताया जा रहा है। एक चीनी अर्थशास्त्री का कहना है कि पहले चीन की स्थिति अलग थी। जब चीन के शहरों में रोजगार के अवसर कम हो जाते थे तो अधिकांश ग्रामीण जो शहर में काम करते थे वे गांव लौट जाते थे। वहां वह खेती या अन्य छोटे रोजगार कर देश की तरक्की में योगदान देते थे। अब स्थिति उलट गयी है। अब कोई भी गांव वापस नहीं लौटता। चूंकि चीन में मंदी का दौर बेहद लंबे अंतरात के बाद आया है तो यहां के लोग वापस लौटना भूल गए हैं। वे अब खुद को शहरी मानने लगे हैं।

युवा शी जिनपिंग से नहीं हैं नाराज
हालांकि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को इस बात से राहत मिल सकती है कि देश के बेरोजागर युवा सरकार को उखाड़ फेंकने के बजाय सरकार का सहयोग होने की कोशिश कर रहे हैं। जून में दक्षिण-पश्चिमी चीन के सिचुआन प्रांत के एक विश्वविद्यालय के दौरे के दौरान चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ने स्नातकों को सलाह दी कि ऐसी स्थिति को रोकें जिसमें कोई उच्च पद के लिए अयोग्य है, और अपेक्षाकृत कम उच्च पदों को हासिल करने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा, "अमीर बनना और रातोंरात प्रसिद्धि पाना यथार्थवादी नहीं है।"












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