विदेश मंत्री के बाद चीनी सेना के दो कमिश्नर लापता, बदला गया न्यूक्लियर लीडरशिप, शी जिनपिंग क्या करने वाले हैं?
China replaces nuclear leadership: चीन ने एक आश्चर्यजनक फैसला लेते हुए अपनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी रॉकेट फोर्स के दो प्रमुखों को बदल दिया है, जिसके बाद चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के अंदर प्रमुख लीडरशिप के बीच के टकराव का खुलासा किया है।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आदेश के बाद राज्य मीडिया की एक रिपोर्ट में कहा गया है, कि वांग हुबिन को पीएलए रॉकेट फोर्स के कमांडर और जू ज़िशेंग को पीएल फोर्स के नये पॉलिटिकल कमिश्नर के रूप में नामित किया गया है। अखबार ने कहा है, कि शी जिनपिंग के आदेश के बाद इन दोनों को प्रमोशन दिया गया है।

हालांकि, राज्य मीडिया ने अभी तक पिछले प्रमुख ली युचाओ के बारे में कोई जानकारी जारी नहीं की है, जो पीएलए फोर्स के एक अनुभवी नता रहे हैं और जिन्होंने पिछले साल की शुरुआत से ही, कमांडर के रूप में काम किया था। लिहाजा, पिछले कमिश्नर जू झोंगबो की तुलना में उनका कार्यकाल काफी छोटा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि रॉकेट फ़ोर्स में दो शीर्ष अधिकारियों को एक ही बार में शाखा के बाहर के सैन्य अधिकारियों से बदलना एक असामान्य कदम है। और यह चीन के पूर्व विदेश मंत्री किन गैंग को बिना किसी स्पष्टीकरण के अचानक और नाटकीय रूप से उनके कार्यालय से बाहर कर दिए जाने के एक सप्ताह बाद फैसला लिया गया है।
चीन ने न्यूक्लियर फोर्स में परिवर्तन क्यों किए?
रॉकेट फोर्स में फेरबदल कई हफ्तों की अफवाहों के बाद हुआ है, जिसमें चर्चा चल रही थी, कि रॉकेट फोर्स में कभी भी नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है, क्योंकि उसके कमिश्नर ली युचाओ के साथ साथ पीएलए फोर्स के कमिश्नर जू झोंगबो भी लंबे वक्त से लापता चल रहे हैं। लिहाजा, अब उनके हटने के बाद चीन की अपारदर्शी राजनीतिक व्यवस्था के भीतर उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में पुष्टि की कमी ने इसे और हवा दे दी है।
इससे पहले किन गैंग पिछले दो महीने से गायब चल रहे हैं और अब रॉकेट फोर्स का भी कोई सुराग नहीं है।
सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आखिरी बार ली युचाओ और जू झोंगबो का जिक्र रॉकेट फोर्स नेताओं के रूप में सूज़ौ शहर में बनी स्थानीय सरकार के दौरान आयोजित कार्यक्रम में 6 अप्रैल को किया गया था, जहां ये दोनों मौजूद थे और उन्होंने पुष्पांजलि समारोह में भाग लिया था, लेकिन इसके बाद से ही ये दोनों लापता हैं।
फिलहाल, इसके बारे में कोई भी जानकारी नहीं है, कि पीएलए के दो कमिश्नरों को अचानक क्यों बदल दिया गया है, क्या बदले गये दोनों कमिश्नरों को कोई नई जिम्मेदारी दी गई है, या फिर उनके साथ क्या किया गया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है, कि इस फेरबदल से शी जिनपिंग के नेतृत्व के बारे में संभावित चिंताओं का पता चलता है।
पिछले दिनों शी जिनपिंग ने कहा था, कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी को कम्युनिस्ट पार्टी के प्रति और वफादार होना पड़ेगा। आपको बता दें, कि कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख भी शी जिनपिंग ही हैं, लिहाजा दो कमिश्नरों के बदलाव के बाद सवाल उठ रहे हैं, कि क्या शी जिनपिंग के नेतृत्व को लेकर चीन की राजनीति और सेना में विरोध बढ़ता जा रहा है?
पीएलए के जिस रॉकेट फोर्स और बीएलए फोर्स के प्रमुखों को बदला गया है, इन दोनों शाखाओं का काफी ज्यादा महत्व है, क्योंकि यही शाखाएं चीन के मिसाइल कार्यक्रमों को, और उसके परमाणु-युक्त हथियारों से लेकर स्व-शासित ताइवान को हाल ही में डराने-धमकाने में इस्तेमाल की जाने वाली छोटी दूरी की मिसाइलों को संभालती है, लिहाजा एक्सपर्ट्स का कहना है, कि इन दोनों कमिश्नरों के बारे में कब जानकारी आएगी, फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता है, क्योंकि पूर्व विदेश मंत्री किम गैंग का अभी तक कोई सुराग नहीं है।












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