चीन में कोरोना के XBB सब-वेरिएंट से कहर... हर हफ्ते करोड़ों संक्रमित, भारत को क्यों नहीं डरना चाहिए, जानिए

चीन में इस वक्त हर हफ्ते करीब 3 करोड़ लोगों के कोविड से संक्रमित होने की आशंका है, जिसका ग्राफ अगले महीने के अंत तक करीब साढ़े 6 करोड़ को पार कर जाएगा।

XBB subvariant

China Corona: चीन में कोरोना वायरस का नया XBB वेरिएंट कहर मचा रहा है और आशंका है, कि जून के आखिरी दिनों में चीन में एक हफ्ते में कोविड से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या करीब साढ़े 6 करोड़ पहुंच जाएगी।

यानि, चीन में एक हफ्ते में लाखों-करोड़ों कोविड के मामले सामने आ सकते हैं। लिहाजा, भारत की नजर भी पड़ोसी देश पर बनी हुई है। भारत ने काफी मुश्किलों के बाद कोविड पर काबू पाया है और ऐसे में भारत के लोग कभी नहीं चाहेंगे, कि देश कोविड के फिर उस पुराने दलदल में फंसे, जहां जीवन एक कमरे में कैद हो जाता है।

लेकिन, चीन में कोरोना का जो वेरिएंट खतरनाक तरीके से फैल रहा है, उसका भारत पर क्या असर होगा? आईये एक्सपर्ट्स से जानने की कोशिश करते हैं।

भारत को घबराने की जरूरत नहीं

विशेषज्ञों का कहना है, भारत में पहले ही कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट का सब-वेरिएंट फैल चुका है, जिसकी वजह से भारत में लाखों-करोड़ों लोग पहले ही संक्रमित हो चुके हैं, इसीलिए भारत में कुछ दिन पहले कोविड मामलों में थोड़ा उछाल आया था, लिहाजा, अब भारत को चिंता करने की जरूरत नहीं है।

चीन में अप्रैल के बाद से कोविड मामलों में बेतहाशा इजाफा हुआ है और इसके पीछे XBB सब-वेरिएंच बैष

ब्लूमबर्ग समाचार एजेंसी ने एक स्थानीय मीडिया आउटलेट का हवाला देते हुए बताया, कि इस सब-वेरिएंट की वजह से मई के अंत में हर हफ्ते करीब 4 करोड़ लोग इस वेरिएंट से संक्रमित हो सकते हैं, जो एक महीने के बाद करीब साढे 6 करोड़ के आंकड़े तक पहुंच जाएगा।

भारत के स्वास्थ्य विभाग के अधीन आने वाले INSACOG (डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के अधीन कोविड पर रिसर्च करने वाली टीम) के एक सदस्य ने नाम नहीं छापने की शर्त पर हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया, कि "चीन में अभी जो दिख रहा है, भारत उससे काफी आगे निकल चुका है और भारत पर उसका कोई फर्क नहीं पड़ा था। भारत उससे बचकर निकल चुका है।"

उन्होंने आगे कहा, कि "अगर आप पिछले साल उस समय के आसपास जारी किए गये INSACOG के कोविड बुलेटिन्स को देखें, तो उसमें साफ तौर पर जिक्र किया गया है, कि भारत में उस दौरान बीमारी की गंभीरता नहीं देखी गई और ना ही अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में ही इजाफा हुआ।"

INSACOG, या भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम... भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद की एक संयुक्त पहल है, जिसमें 54 प्रयोगशालाएं शामिल हैं, जो SARS-CoV-2 की जीनोमिक विविधताओं की निगरानी करती हैं।

XBB subvariant

क्या है XBB सब वेरिएंट?

XBB सब वेरिएंट, जो Omicron के BA.2.10.1 और BA.2.75 सबवैरिएंट्स का एक संयोजन है, को लैंसेट अध्ययन के अनुसार, सबसे इम्युनो-इवेसिव सबलाइनेज कहा गया है। यह पहली बार पिछले साल अगस्त में सिंगापुर में पाया गया था और वहां कोविड मामलों में तेज उछाल के लिए जिम्मेदार था।

भारत में, XBB सबवैरिएंट पिछले साल के अंत में संक्रमण में मामूली उछाल के लिए जिम्मेदार था। हालांकि इससे अस्पताल में भर्ती होने की दर या मृत्यु में कोई वृद्धि नहीं हुई। वहीं, भारत ने पिछले 24 घंटों में सिर्फ 571 पॉजिटिव केस दर्ज किए हैं, जो बताता है कि भारत में करीब करीब कोविड पर काबू पा लिया गया है।

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    INSACOG ने कहा, कि XBB सब-वेरिएंट पिछले साल नवंबर-दिसंबर के आसपास पूरे भारत में सबसे प्रचलित सबलाइनेज था, जो जीनोम अनुक्रमित कुल नमूनों का कम से कम 60% था। यानि, कुल पॉजिटिव मामलों में करीब 60 प्रतिशत मामले XBB सब-वेरिएंट के होते थे।

    हालांकि, इससे घबराने या चिंता करने की जरूरत नहीं है और भारत पर इस वेरिएंट का कोई असर नहीं दिखने वाला है, हां हमें कोविड के किसी और वेरिएंट को लेकर तैयार रहने की जरूरत निश्चित तौर पर है, क्योंकि ये वायरस कौन सा नया रूप बना ले, इसपर कुछ कहना मुश्किल है।

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