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शी जिनपिंग आजीवन बने रहेंगे चीन के राष्ट्रपति, संविधान संशोधन के बाद रास्ता साफ

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नई दिल्ली। दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश चीन में बड़ा बदलाव आने जा रहा हैं। यहां दो बार से अधिक किसी भी राष्ट्रपति को पद पर रहने की अनुमति नहीं है, लेकिन संविधान में इस कानून को बदलने की तैयारी पूरी हो चुकी है और इसे आज मंजूरी प्रदान कर दी गई है। संवैधानिक संशोधन के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का आजीवन देश का नेता बने रहने का रास्ता साफ हो गया है। चीन की सत्तारूढ़ पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना ने संविधान में संशोधन का प्रस्ताव दिया है, जिसे आज मंजूरी मिल गई है। जिसके बाद वह शी जिनपिंग आजवीन देश के नेता बने रहेंगे।

प्रस्ताव को मिली मंजूरी

प्रस्ताव को मिली मंजूरी

चीन की संसद में तकरीबन तीन हजार सदस्य हैं, यहां सीपीसी के तमाम प्रस्तावों को मंजूरी मिलना इसलिए भी तय था क्योंकि अधिकतर संसद सदस्य पार्टी के प्रस्तावों को अपनी मंजूरी देते हैं। नेशनल पीपुल्स कांग्रेस सीपीसी के तमाम फैसलों को अपनी सहमति देती है, लिहाजा चीन की संसद को रबर स्टांप माना जाता है। संसद के सालाना सत्र से पहले सीपीसी ने राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के दो कार्यकाल की सीमा के प्रतिबंध को हटाने का प्रस्ताव दिया था। ऐसे में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलना पहले से ही लगभग तय था।

आजीवन बने रहेंगे राष्ट्रपति

आजीवन बने रहेंगे राष्ट्रपति

दरअसल चीन में कम्युनिस्ट पार्टी दो दशक से सत्ता में हैं, ऐसे में तानाशाही की नौबत को टालने के लिए चीन में कानून है कि दो बार से अधिक समय तक एक नेता राष्ट्रपति के पद पर नहीं रह सकता है। लेकिन संविधान में संशोधन के बाद यह शर्त भी खत्म हो गई है। लिहाजा संविधान में संशोधन के बाद 64 वर्षीय शी का आजीवन राष्ट्रपति बने रहने का रास्ता साफ हो गया है।

पार्टी प्रमुख का पद अहम

पार्टी प्रमुख का पद अहम

आपको बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी जिनपिंग के आजीवन राष्ट्रपति बने रहने के प्रस्ताव का समर्थन किया था। जिनपिंग से पहले चीनी क्रांति के बाद पार्टी के संस्थापक माओ जेदोंग भी आजीवन सत्ता में थे। शी जिनपिंग 2012 में चीन के राष्ट्रपति बने थे, इससे पहले वह सीपीसी के अध्यक्ष और सेना प्रमुख थे। चीन में पार्टी के प्रमुख का पद राष्ट्रपति के पद से भी अहम होता है। ऐसे में राष्ट्रपति का पद महज रस्म अदायगी भर का होता है। लिहाजा नए कानून के बाद अब इस बाध्यता को खत्म कर दिया गया है।

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English summary
China President Xi Jinping will be the president of China for lifetime. Constitutional amendment soon to be adopted.
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