पाकिस्तानी सीनेटर बोले, चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कोरिडोर बन सकता है ईस्ट इंडिया कंपनी
पाकिस्तान के कुछ सीनेटर ने इस बात का डर जताया है कि 46 अरब डॉलर की कीमत से बनने वाला चीन-पकिस्तान इकोनॉमिक कोरिडोर प्रोजेक्ट एक और ईस्ट इंडिया कंपनी बन सकता है।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के कुछ सीनेटर ने इस बात का डर जताया है कि 46 अरब डॉलर की कीमत से बनने वाला चीन-पकिस्तान इकोनॉमिक कोरिडोर प्रोजेक्ट एक गेम चेंजर साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर देश के हितों की रक्षा नहीं की गई तो यह प्रोजेक्ट एक और ईस्ट इंडिया कंपनी बन सकता है।

पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक सोमवार को योजना और विकास से जुड़ी सीनेट स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन सीनेटर ताहिर मशादी ने कहा- एक और ईस्ट इंडिया बनने वाला है... देश के हितों की रक्षा नहीं हो रही है।
जब कमेटी के कुछ सदस्यों ने सवाल उठाया कि सरकार पाकिस्तान के नागरिकों के हितों और अधिकारों की रक्षा नहीं कर रही है तो मशादी ने कहा कि हमें चीन और पाकिस्तान की दोस्ती पर गर्व है, लेकिन देश का हित सबसे पहले आता है।
क्या है ईस्ट इंडिया कंपनी
'द ईस्ट इंडिया कंपनी' ब्रिटेन के कारोबारी मिशन का नाम था जो करीब 400 साल पहले भारत आया था। उपमहाद्वीप में ब्रिटिश उपनिवेश का आधार तैयार करने का ये पहला कदम था। उस समय मुगलों का शासन था, जिन्हें हटाकर ब्रिटेन ने अपना राज स्थापित कर लिया था।
बिजली के दाम भी चीन कर रहा तय
प्लानिंग कमीशन के सचिव यूसुफ नदीम खोखर की तरफ से ब्रीफिंग के बाद कमेटी के कई सदस्यों ने कहा कि चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कोरिडोर के लिए लोकल फाइनेंसिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है, बजाय चीन या किसी अन्य विदेशी निवेश के।
कमेटी के सदस्यों ने चीन पाकिस्तान इकोनोमिक कोरिडोर से जुड़े पावर प्रोजेक्ट के लिए बिजली के दाम भी चीन की कंपनियों के द्वारा ही तय किए जा रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications