कोरोना की नई लहर की आशंका, चीन में हाहाकार, वैक्सीनेशन के लिए छटपटा रहा है ड्रैगन

चीन में कोरोना की नई लहर की आशंका से हाहाकार मच गया है। फीवर क्लिनिक के बाहर लोग रात में कतारों में नजर आ रहे हैं। सरकार ने वैक्सीनेशन बढ़ाने पर फोकस किया है। अमेरिका ने भी मदद की पेशकश की है।

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चीन दावा तो करता रहा है कि वह अपनी अधिकतर आबादी को वैक्सीन लगा चुका है। लेकिन, जैसे ही वहां संक्रमण को लेकर खतरनाक रिपोर्ट आ रही हैं, चीन में वैक्सीनेशन अभियान पर जोर दिया जाने लगा है। कुछ ही दिनों के अंतर में वहां वैक्सीनेशन की संख्या कई गुना बढ़ गई है। आलम ये है कि संयुक्त राष्ट्र भी उसे कम वैक्सीनेशन को लेकर आगाह कर रहा है और अमेरिका भी हर संभव मदद की पेशकश कर रहा है। लेकिन, चीन एक तरफ तो कह रहा है कि उसके पास हर तरह की लहर का सामना करने की क्षमता है, वहीं दवा की किल्लत से उबरने के लिए दवा कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने के लिए भी कह रहा है। इस बीच कुछ वीडियो भी आए हैं, जिससे अंदाजा लग रहा है कि वहां हालात बिगड़ते जा रहे हैं।

कोरोना की नई लहर की आशंका के बीच चीन में वैक्सीन पर जोर

कोरोना की नई लहर की आशंका के बीच चीन में वैक्सीन पर जोर

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक कोविड-19 संक्रमण की नई लहर की आशंका को देखते हुए चीन ने गुरुवार से सेहत से कमजोर लोगों को वैक्सीन लगाने पर जोर देना शुरू कर दिया है। दरअसल, जब से कुछ वैज्ञानिकों ने यह आशंका जताई है कि चीन में तीन वर्षों से जारी सख्ती में ढील दिए जाने की वजह से कोरोना से मौत के आंकड़े में बेतहाशा वृद्धि हो सकती है, वहां हड़कंप मचा हुआ है। चीन ने तब जाकर वैक्सीनेशन पर ध्यान दिया है, जब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस बात पर चिंता जताई है कि वहां कि 1.4 अरब की आबादी को पर्याप्त रूप से वैक्सीन नहीं लग पाई है। अमेरिका ने भी संक्रमण बढ़ने के बीच में चीन को मदद देने का भरोसा दिया है।

जीरो-कोविड के समय से ही शुरू हुआ संक्रमण- WHO एक्सपर्ट

जीरो-कोविड के समय से ही शुरू हुआ संक्रमण- WHO एक्सपर्ट

चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने पिछले बुधवार को जीरो-कोविड नीति से पीछे हटने का फैसला लिया था। इसकी वजह से वहां टेस्टिंग की आवश्यकता कम हुई है और क्वारंटाइन के नियम भी ढील कर दिए गए हैं। इसके चलते चीन की करोड़ों की जनसंख्या तीन साल से परेशान थी। इससे दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी मुश्किल झेल रही थी। जिनपिंग की सरकार ने जीरो-कोविड नीति में ढील देने का फैसला तब लिया, जब देशव्यापी विरोध शुरू हो गए थे। वैसे, विश्व स्वास्थ्य संगठन के इमरजेंसी डायरेक्टर माइक रायन ने कहा कि चीन में सख्त नियम वापस लेने के फैसले से पहले से ही संक्रमण फैलना शुरू हो गया था।

हमारे पास इंस्टीट्यूशनल एडवांटेज है- चीन

हमारे पास इंस्टीट्यूशनल एडवांटेज है- चीन

जिनेवा में एक ब्रीफिंग के दौरान रायन ने बताया, 'इस समय एक यह भावना बनी है कि चीन ने पाबंदियां खत्म की हैं और अचानक यह बीमारी नियंत्रण से बाहर हो गई है।' उन्होंने कहा, 'बीमारी बहुत ही ज्यादा तेजी से फैल रही थी, क्योंकि मेरा विश्वास है कि नियंत्रण के उपाय अपने आप में ही बीमारी को नहीं रोक पा रहे थे।' वैसे चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वैंग वेनबिन ने गुरुवार को कहा है कि उसके पास कोविड से लड़ने के लिए 'इंस्टीट्यूशनल एडवांटेज' है। वो बोले कि 'हम निश्चित रूप से महामारी के पीक से आसानी से उबरने में सफल होंगे।' उन्होंने व्हाइट हाउस के नेशनल सिक्योरिटी के प्रवक्ता जॉन किर्बी की ओर से यह कहे जाने पर कि चीन की ओर से अनुरोध किए जाने पर वह मदद के लिए तैयार है यह प्रतिक्रिया दी है।

दवा कंपनियों से कोविड की दवा सप्लाई में तेजी लाने को कहा

दवा कंपनियों से कोविड की दवा सप्लाई में तेजी लाने को कहा

चीन में कोविड संक्रमण की छटपटाहट बढ़ने के कई तरह के संकेत मिल रहे हैं। मसलन, फीवर क्लिनिक्स के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं, दवाएं खत्म हो रही हैं और लोग घबराहट में खरीदारी करने लगे हैं। चीन की सरकार की ओर से बड़ी दवा कंपनियों से भी कहा गया है कि कोरोना के इलाज से जुड़ी दवाओं की सप्लाई में कमी नहीं होनी चाहिए। इन कंपनियों में चाइना रिसोर्सेज, चाइना जेनरल टेक्नोलॉजी एं सानोफार्म शामिल हैं। यह कोविड से जुड़ी दवाएं बनाती हैं।

जीरो-कोविड पॉलिसी के चलते भुगतेंगे चीन के लोग ?

जीरो-कोविड पॉलिसी के चलते भुगतेंगे चीन के लोग ?

सेंट्रल हुबेई प्रांत का तो हाल ये है कि ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिसमें लोग सर्दी के कपड़ों में रात के समय ड्रिप के साथ फीवर क्लिनिक के बाहर सड़क पर स्टूलों पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। चीन में कोविड की रफ्तार देखने के बाद हॉन्ग कॉन्ग, मकाऊ और ऑस्ट्रेलिया तक में लोग अपने परिवार वालों और दोस्तों तक दवा पहुंचाने के लिए उसकी तलाश करते देखे गए हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि चीन ने तीन साल से लोगों को बंद में रखकर 'हर्ड इम्यूनिटी' पैदा नहीं होने दी और जिसकी कीमत अब वहां के लोगों को भुगतना पड़ सकता है।

मंगलवार को 14.30 लाख लोगों को लगे टीके-रिपोर्ट

मंगलवार को 14.30 लाख लोगों को लगे टीके-रिपोर्ट

वैसे चीन का दावा रहा है कि उसकी 90% आबादी को वैक्सीन लग चुकी है और उसने हाई-रिस्क ग्रुप और 60 साल से ऊपर के लोगों को सेकंड बूस्टर डोज लगाने का फैसला किया है। नेशनल हेल्थ कमीशन के प्रवक्ता मी फेंग ने कहा कि वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ानी जरूरी है। ताजा आंकड़े बता रहे हैं कि मंगलवार को चीन में 14.30 लाख लोगों को कोविड के टीके लगाए गए हैं। जबकि, नवंबर में यह रफ्तार रोजाना 1 लाख से 2 लाख डोज ही लग रहे थे।

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