शिनजियांग में बसे उइगर मुसलमानों को 'वफादार' बनाने के लिए चीन का 'स्‍पेशल' प्रोग्राम!

बीजिंग। चीन के शिनजियांग प्रांत में बसे उइगर मुसलमान फिर से खबरों में हैं। इस बार अमेरिकी अखबार न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन में उइगर मुसलमानों को चीन के प्रति देशभक्‍त बनाने के लिए सरकार ने खासतौर पर ट्रॉन्‍सफॉर्मेशन कैंप्‍स खोले हैं। इन कैंप्‍स को खोलने का मकसद मुसलमानों को चीन की सरकार और कम्‍यूनिस्‍ट पार्टी के लिए वफादार बनाने के लिए खोला गया है। यहां पर मुसलमानों को जबरदस्‍ती लाया जाता है। न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स की रिपोर्ट की मानें तो इन मुसलमानों को यहां पर कम से कम दो माह रखा जाता है। चीन की सरकार की मानें तो इन्‍हें चीनी भाषा सीखाने, कानून की पढ़ाई और रोजगार के लिए ट्रेनिंग यहां पर दी जा रही है। लेकिन कई मानवाधिकार संगठनों की मानें तो चीन की सरकार उइगर मुसमानों की पहचान को खत्‍म करने के लिए उन पर अत्‍याचार कर रही है।

कंटीले तारों से घिरी बिल्डिंग्‍स में रखे गए उइगर

कंटीले तारों से घिरी बिल्डिंग्‍स में रखे गए उइगर

इन मुसलमानों को जिन बिल्डिंग में रखा जाता है वे चारों ओर से कंटीले तारों से घिरी रहती हैं। चेहरे पर लाल रंग का मुखौटा पहने कुछ लोग यहां पर आते हैं और उनसे अपील करते हैं वे चीनी भाषा सीखें, कानून पढ़े और नौकरी के लिए जरूरी सभी क्षमताओं को सीखें। बिल्डिंग पर तैनात गार्ड यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई भी बाहरी व्‍यक्ति यहां दाखिल न होने पाए। यहां पर उइगर मुसलमान एक तरह के डॉक्‍ट्राइन प्रोग्राम के तहत काफी दबाव भरे दिन गुजारने के लिए मजबूर किए जाते हैं। यहां उन्‍हें जबरदस्‍ती लेक्‍चर सुनना पड़ता है, कम्‍यूनिस्‍ट पार्टी की तारीफों वाले गीतों को गाना पड़ता है और साथ ही अपनी आलोचना करने वाले लेख जबरन लिखने पड़ते हैं।

माओ के शासन के बाद सबसे बड़ा कैंप

माओ के शासन के बाद सबसे बड़ा कैंप

न्यूयार्क टाइम्स से बात करते हुए 41 वर्षीय अब्दुसलाम मुहमेत बताते हैं, 'पुलिस ने मुझे उस वक्त हिरासत में लिया था, जब मैं मैयत से लौटकर कुरान की कुछ आयतें पढ़ रहा था। कैंप में करीब दो महीने तक रहने के बाद मुझे रिहा कर दिया गया।' उनके मुताबिक इस तरह से तो या फिर इस तरह के कैंप्‍स से चरमपंथ को खत्म नहीं किया जा सकता, बल्कि इससे तो बदले की भावनाएं और मजबूत होंगी। न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स का कहना है कि माओ के शासनकाल के बाद यह विचार परिवर्तन का सबसे बड़ा कैंप है। चीन सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में ऐसे सैकड़ों कैंप खोले हैं।

चीन में हैं 2.3 करोड़ मुसलमान

चीन में हैं 2.3 करोड़ मुसलमान

चीन में करीब 2.3 करोड़ मुस्लिम आबादी है, जिसमें लगभग एक करोड़ उइगर मुस्लिम शिनजियांग प्रांत में रहते हैं। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन में अल्‍पसंख्‍यक मुसलमान समुदाय पर और आक्रामक तरीके से नजर रखी जा रही है। इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि हजारों मुसलमानों को रि-एजुकेशन कैंप में हिरासत में रखा गया है। कम्‍युनिस्‍ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) के हजारों कैडर्स को इस बात की जिम्‍मेदारी दी गई है कि वह शिनजियांग प्रांत में रह उइगर मुसलमान समुदाय के घरों में रुकें और उनकी गतिविधियों पर नजर रखें। शिनजियांग उइगर जो एक स्‍वायत्‍त प्रदेश है वहां पर एक स्‍कीम के तहत इस काम को पूरा किया जा रहा है।

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