संयुक्त अरब अमीरात में सीक्रेट सैन्य बंदरगाह बना रहा था चीन, भड़के अमेरिका ने UAE को दी चेतावनी
संयुक्त अरब अमीरात में चीनी बंदरगाह को लेकर अमेरिका ने चेतावनी जारी की है, जिसके बाद कंस्ट्रक्शन काम बंद कर दिया गया है।
वॉशिंगटन, नवंबर 21: संयुक्त अरब अमीरात में चीन सीक्रेट बंदरगाह का निर्माण कर रहा है, जिसको लेकर अमेरिका ने चेतावनी जारी की है। अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने शनिवार को इस मामले के परिचित लोगों के हवाले से लिखा है कि, चीन ने संयुक्त अरब अमीरात में एक गुप्त बंदरगाह परियोजना पर निर्माण रोक दिया है, जिस पर अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को संदेह है कि यह एक सैन्य निर्माण है।

यूएई में सीक्रेट बंदरगाह
अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, बाइडेन प्रशासन ने यूएई को चेतावनी दी थी, कि खाड़ी देश में चीनी सैन्य उपस्थिति दोनों देशों के बीच संबंधों को खतरे में डाल सकती है, जिसके बाद इस परियोजना को रोक दिया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका ने सीक्रेट उपग्रह इमेजरी के आधार पर पता लगाया कि, चीन अबू धाबी की अमीराती राजधानी के पास बंदरगाह पर सैन्य निर्माण कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि, संयुक्त अरब अमीरात में बंदरगाह पर चीन सैन्य निर्माण कर रहा था, इसके बारे में संयुक्त अरब अमीरात प्रशासन को भी खबर नहीं था।

संयुक्त अरब अमीरात था अनजान
डब्ल्यूएसजे ने वाशिंगटन में यूएई दूतावास के प्रवक्ता के हवाले से कहा है कि, "यूएई ने कभी भी चीनी सैन्य अड्डे या किसी भी तरह की सैन्य चौकी अपने देश में बनाने के लिए चीन के साथ किसी भी तरह का समझौता, योजना, वार्ता या इरादा नहीं किया है।" वहीं, जब वाशिंगटन में चीन के दूतावास के एक प्रवक्ता से इस बाबत टिप्पणी मांगी गई, तो वहां से कोई जवाब नहीं दिया गया। डब्ल्यूएसजे ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि, संयुक्त अरब अमीरात के खलीफा बंदरगाह पर चीन एक बड़ी बिल्डिंग के निर्माण के लिए विशालकाय गड्डे की खुदाई कर रहा है। जिस जगह पर चीन सैन्य अड्डे का निर्माण कर रहा है, वो जगह अबू धाबी से करीब 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थिति है और इसका निर्माण चीन के सीओएससीओ शिपिंग ग्रुप कर रहा है और दावा कर रहा है कि, वो कॉमर्शियल कंटेनर टर्मिनल का निर्माण कर रहा है।

खाड़ी देशों में पैर पसारता चीन
हालांकि, चीन ने अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन, खाड़ी देशों में चीन लगातार अपना पैर पसारने की कोशिश करता रहा है। हालांकि, पिछले कुछ सालों में चीन के इरादों से खाड़ी देश वाकिफ जरूर हुए हैं। वहीं, जब इस साल मई और अगस्त के महीने में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यूएई के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जाएद के साथ बातचीत की थी, तो खाड़ी देशों में चीन की बढ़ती मौजूदगी पर चिंता का इजहार किया था। बाइडेन ने यूएई को आगाह करते हुए कहा था कि, चीन की मौजूदगी यूएई के लिए ही खतरनाक साबित हो सकता है और अमेरिका के साथ भी उसके रिश्तों को खराब कर सकता है। आपको बता दें कि, मिस्र और सऊदी अरब में भी चीन इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का निर्माण कर रहा है और ईरान के साथ तो चीन ने 400 अरब डॉलर का समझौता किया है, लिहाजा खाड़ी देशों में चीन की पहुंच ने अमेरिका को टेंशन में डाल दी है।












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