China ने भी पाकिस्तान को दिया बड़ा झटका, BRICS मंच पर की पहलगाम हमले की निंदा
China BRICS Parliamentry Forum: पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करते हुए भारत के साथ ज्यादातर देशों ने एकजुटता जताई है। अब ब्रिक्स (BRICS) संसदीय मंच पर भी इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए एक्शन लेने का संकल्प लिया गया है। पाकिस्तान के लिए यह एक और झटका है, क्योंकि ब्रिक्स फोरम में चीन भी शामिल है। चीन ने भी पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की है। ब्रिक्स में चीन और भारत के अलावा, कुछ मुस्लिम देश भी शामिल हैं। ऑपरेशन सिंदूर पर भारत के ऑल पार्टी डेलिगेशन को विदेशों में भी समर्थन मिला है।
China के साथ कई मुस्लिम देश भी भारत के समर्थन में
ब्रिक्स संसदीय मंच ने भारत के जम्मू-कश्मीर में 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। ब्राजील के ब्रासीलिया में आयोजित 11वें ब्रिक्स पार्लियामेंट्री फोरम में संयुक्त घोषणापत्र पारित किया गया। इसे भारत, ब्राजील, चीन, दक्षिण अफ्रीका, रूस, ईरान, UAE, इथियोपिया, इंडोनेशिया और इजिप्ट समेत10 सदस्यीय देशों ने स्वीकार किया है। पाकिस्तान के लिए यह बड़ा झटका है, क्योंकि उससे सबसे करीबी दोस्त चीन ही नहीं कई मुसलमान देशों ने भी अपनी एकजुटता का इजहार भारत के साथ किया है।

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लोकसभा अध्य ओम बिड़ला के नेतृत्व में सांसदों के दल ने इस समिट में हिस्सा लिया था। भारत का पक्ष रखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, 'आतंकवाद आज सिर्फ भारत की समस्या नहीं है। यह एक वैश्विक समस्या बन गई है। आतंकवाद को समाप्त करने के लिए आतंकी संगठनों की आर्थिक मदद रोकना, इंटेलिजेंस साझा करने की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होनी चाहिए। साथ ही, तकनीक के गलत इस्तेमाल को रोका जाना चाहिए।' बिड़ला के प्रस्ताव पर बैठक में मौजूद सभी देशों ने अपनी सहमति जताई और इसे घोषणा पत्र में शामिल किया है।
पाकिस्तान को चीन के साथ मुस्लिम देशों ने भी दिया झटका
पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के बीच अपना पक्ष मजबूत करने के लिए चीन के अलावा मुस्लिम देशों को लुभाने की कोशिश करता रहा है। तुर्किए, ईरान, सऊदी अरब जैसे देशों के साथ अक्सर अपनी एकजुटता का आह्वान भी करता है। हालांकि, सऊदी अरब, यूएई समेत कई मुस्लिम देशों ने पहलगाम अटैक के बाद भारत के साथ अपनी संवेदना जाहिर की है। भारत अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की आतंक परस्त नीतियों का खुलासा करने के लिए गंभीर कूटनीतिक प्रयास कर रहा है और इसमें सफलता मिलती भी दिख रही है।
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