श्रीलंका की गरीबी से चीन का भद्दा मजाक, भेजे चावल-दाल और चीनी के घटिया पैकेट्स, फूटा गुस्सा
कोलंबो, 18 मईः श्रीलंका आजादी के बाद से सबसे बड़े राजनीतिक-आर्थिक संकट से गुजर रहा है। देश में विदेशी मुद्रा की भारी कमी ने राजपक्षे की सरकार को आवश्यक वस्तुओं के आयात के लिए भुगतान करने में असमर्थ बना दिया है। इस बीच चीन द्वारा विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को बांटे गए फूड पैकेट्स को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने अपने कर्मचारियों से कहा है कि वे चीन से आए खाद्य सामान न लें। इसके साथ ही श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने चीन के फॉरेन मिनिस्ट्री से अधिकारियों को फूड पैकेट भेजे जाने को लेकर विरोध जताया है।

एक अफसल की गलती से खुला मामला
कोलंबो गजट की रिपोर्ट के मुताबिक ये सभी फूड पैकेट्स चीनी सरकार द्वारा वितरित किए गए थे। इन पैकेट्स में चावल, दाल और चीनी थे। कोलंबो में मौजूद चीनी ऐंबैसी ने श्रीलंका-चीन फ्रेंडशिप एसोसिएशन के जरिए ये फूड पैकेट्स बांटने की कोशिश की थी। यह मामला शायद नजर में नहीं आता, लेकिन एक श्रीलंकाई अफसर ने गलती कर दी। इस अफसर ने फॉरेन मिनिस्ट्री के उन कर्मचारियों के एड्रेस मांगे, ताकि उनके घर यह पैकेट्स पहुंचाए जा सकें। इसके बाद मामला खुल गया जिसके बाद फूड पैकेट को लेकर भारी हंगामा हो गया।

विदेश मंत्रालय ने जतायी आपत्ति
मामला सामने आने के बाद फॉरेन सर्विस एसोसिएशन के डेलिगेशन ने फॉरेन सेक्रेटरी जयंत से मुलाकात की। फॉरेन सेक्रेटरी कोलंबेज ने कहा कि उन्हें इस बारे में तो जानकारी थी, लेकिन यह नहीं पता था कि इन पैकेट्स में क्या है। फॉरेन सेक्रेटरी और फॉरेन सर्विस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने कहा कि इस तरह के डोनेशन देने के हम सख्त खिलाफ हैं। एसोसिएशन ने चीन के इस तरीके पर सख्त विरोध जताया है। एसोसिएशन ने कहा कि श्रीलंका विदेश मंत्रालय को चावल, शक्कर और दाल की जरूरत नहीं है। इस तरह की हरकत की वजह से हमारी फॉरेन सर्विस और फॉरेन मिनिस्ट्री का अपमान होता है। इससे हर कीमत पर बचा जाना चाहिए।

श्रीलंकाई अखबारों ने भी जताई नाराजगी
श्रीलंकाई अखबारों ने लिखा है कि दुनिया में कहीं भी एक दूतावास विदेश मंत्रालय को इस तरह रिश्वत देने की पेशकश नहीं करेगा। खासकर श्रीलंका जैसे देश में जहां चीन अपने महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के साथ आगे बढ़ने के लिए चुनौतियों का सामना कर रहे राजनेताओं के साथ गंभीरता से जुड़ा हुआ है।

पहले भी चीनी सरकार पर लगते रहे हैं आरोप
कोलंबो गजट की रिपोर्ट के मुताबिक यह पहली बार नहीं है जब चीनी दूतावास ने मेजबान देश का फायदा उठाने की कोशिश की है। चीन पर पहले भी सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देकर कई परियोजनाओं को हासिल करने का आरोप लग चुका है। फिलहाल श्रीलंका में कोई भी अधिकारी अब चीनी फूड्स आयटम के लेने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।












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