चीन का दावा- अमेरिका की एक लैब से निकला है कोरोना वायरस, WHO से जांच की मांग
बीजिंग, 25 अगस्त: चीन ने कोरोना वायरस की उत्पत्ति अमेरिका के मैरीलैंड स्थित एक लैब से हुई है। चीन ने ये बात अमेरिकी एजेंसियों की उस रिपोर्ट के आने से ठीक पहने कही है, जिसमें उनको यह पता बताना है कि कोरोना वायरस की किसी उत्पत्ति लैब में हुई या फिर प्राकृतिक रूप से यह आया है। चीन ने इस जांच को लेकर अमेरिका पर हमलावर होते हुए कहा है कि हमें बलि का बकरा बना देने से अमेरिका के पाप धुल नहीं जाएंगे।

क्या कहा है चीन ने
चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि अमेरिका की ओर से चीन को बलि का बकरा बनाने की कोशिश हो रही है। उनको लगता है कि इससे अमेरिका पाक-साफ हो जाएगा लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है। अमेरिका ने कहा कि कोरोना वायरस वुहान शहर की एक प्रयोगशाला से निकला है लेकिन इसमें कोई सच नहीं है। बहुत आशंका इस बात की है कि ये वायरस 2019 में मैरीलैंड के फोर्ट डेट्रिक स्थित एक लैब से निकला है। अमेरिका के पास अगर छुपाने को कुछ नहीं है तो उसे अपनी लैब की जांच होने देनी चाहिए। मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र में चीन के प्रतिनिधि ने भी विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख के सामने भी इस मुद्दे उठाते हुए अमेरिका की लैब्स की जांच की मांग की है।

जो बाइडेन ने दिया था जांच का आदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने 26 मई को अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को यह पता लगाने को कहा था कि कोरोना वायरस की उत्पत्ति लैब में हुई या यह प्राकृतिक रूप से उत्पन्न हुआ। उन्होंने यह पता लगाने के लिए 90 दिनों का समय दिया था। इस रिपोर्ट को देने की एंजेंसियों की डेडलाइन पूरी हो गई है। ऐसे में जल्दी ही इसके नतीजों के बारे में बताया जा सकता है। ऐसे में दोनों देशों में आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।

कोरोना पर चीन-अमेरिका कई बार भिड़ चुके
कोरोना वायरस के मामले सबसे पहले चीन में मिलना शुरू हुए थे। ऐसे में अमेरिका की ओर से बार-बार ये कहा गया है कि चीन की एक लैब से वायरस निकला और दुनियाभर में फैल गया। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तो इसे चीनी वायरस तक कहा था और ये भी कहा था कि जानबूझकर चीन ने इसे फैलाया है। ऐसे में दोनों देशों के बीच इस पर काफी विवाद रहा है।












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