चीन ने दोहराई पुरानी बात, बॉर्डर पर टकराव के लिए भारत को बताया दोषी
बीजिंग। चीन ने पूर्वी लद्दाख में जारी टकराव के लिए भारत को दोष दिया है और कहा है कि दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों में चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। गुरुवार को चीन के विदेश मंत्रालय की तरफ से पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर जारी टकराव पर बयान दिया गया है। आपको बता दें कि इस वर्ष मई से ही पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं। आठ दौर की वार्ता के बाद भी टकराव का कोई नतीजा नहीं निकल सका है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कह कि चीन और भारत के बीच अच्छे संबंधों को बरकरार रखने के लिए समान प्रयास जारी हैं।

चीन बोला-जिम्मेदारी भारत की
गुरुवार को विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग की तरफ से यह बात उस समय कही गई जब उनसे भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के हालिया बयान से जुड़ा सवाल पूछा गया था। एस जयशंकर ने एक थिंकटैंक की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में कहा था कि इस समय भारत और चीन के रिश्ते सबसे मुश्किल दौर में हैं। उन्होंने इन संबंधों को तीन-चार दशकों में सबसे खराब करार दिया था। जयशंकर ने कहा था, 'अब किन्हीं वजहों से चीन ने हमें एलएसी की पांच अलग-अलग परिभाषाएं दी हैं।' जयशंकर ने चीन पर हर द्विपक्षीय समझौते को तोड़ने का आरोप भी लगाया था। हुआ ने हर बार की तरह इस बयान पर पूछे गए सवाल के जवाब में भारत को टकराव का दोषी बता डाला। हुआ ने कहा, 'बॉर्डर एरिया की स्थितियां बहुत स्पष्ट हैं और जिम्मेदारी पूरी तरह से भारतीय पक्ष पर है। चीन कड़ाई के साथ हर उस समझौते का पालन कर रहा है जो दोनों देशों के बीच साइन हुए हैं और वह बॉर्डर के मसले को सुलझाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हम क्षेत्रीय शांति और बॉर्डर के इलाकों पर स्थिरता की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।' जब से टकराव शुरू हुआ है तब से ही भारत की तरफ से हर बार पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के जवानों को इसके लिए दोष दिया गया है। भारत का कहना है कि चीन के जवानों ने गैर-कानूनी तरह से एलएसी को पार किया था।












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