ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन की तीसरी शादी को चर्च ने बताया धर्म के खिलाफ, शादी को मान्यता देने से इनकार
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन कैथोलिक चर्च से बपतिस्मा प्राप्त कर चुके हैं और बाद में उन्होंने एटन में प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हुए एंग्लिकनिज्म धर्म को अपना लिया था और इसी बात को लेकर अब विवाद शुरू हो गया है।
लंदन, मई 30: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की सिक्रेट शादी के बाद कैथोलिक चर्च ने उनकी तीसरी शादी पर सवाल उठा दिए हैं। चर्च ने साफ तौर बोरिस जॉनसन की तीसरी शादी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि भला बोरिस जॉनसन चर्च में तीसरी शादी कैसै कर सकते हैं क्योंकि उन्हें चर्च में शादी करने की इजाजत ही नहीं है। लंदन के एक प्रमुख चर्च के पादरी ने बोरिस जॉनसन और कैरी साइमंड्स की शादी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि बोरिस जॉनसन को 'कैथोलिक की प्रैक्टिस' करने के लिए कहा गया था क्योंकि वो तलाकशुदा हैं और उन्हें चर्च में तीसरी शादी करने की इजाजत नहीं दी गई थी।

बोरिस जॉनसन की शादी पर सवाल
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन कैथोलिक चर्च से बपतिस्मा प्राप्त कर चुके हैं और बाद में उन्होंने एटन में प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हुए एंग्लिकनिज्म धर्म को अपना लिया था और इसी बात को लेकर अब विवाद शुरू हो गया है और चर्च ने प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की शादी पर ही सवाल उठा दिए हैं। बोरिस जॉनसन और कैरी साइमंड्स ने वेस्टमिंस्टर कैथोलिक चर्च में अपने नजदीकी रिश्तेदारों और दोस्तों के बीच शादी सिक्रेट शादी की है, लेकिन अब कैथोलिक चर्च ने कहा है कि बोरिस जॉनसन कैथोलिक चर्च में शादी कर ही नहीं सकते हैं क्योंकि उन्होंने बपतिस्मा प्राप्त करने के बाद एंग्लिकनिज्म को अपना लिया था और वापस कैथोलिक बनने के लिए उन्हें 'शुद्ध' होना पड़ेगा। बोरिस जॉनसन इससे पहले दो और शादियां कर चुके हैं और दोनों पत्नियों से उन्होने तलाक ले लिया था। दूसरी शादी के वक्त कैथोलिक चर्च से जुड़ा एक भी व्यक्ति उनकी शादी में मौजूद नहीं था और ब्रिटिश अखबार डेली मेल के मुताबिक कैथोलिक चर्च ने बोरिस जॉनसन की शादी को मान्यता देने से इनकार कर दिया है।
चर्च में दोबारा शादी की इजाजत नहीं
ब्रिटिश अखबार डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक रोमन कैथोलिक चर्च की मान्यता के अनुसार जो शख्स तलाकशुदा होता है, वो फिर से चर्च के अंदर जाकर शादी नहीं कर सकता है। बोरिस जॉनसन और कैरी साइमंड्स की सिक्रट शादी की बात जैसे ही सामने आई है, कैथोलिक चर्च के पादरी फादर मार्क ड्रू ने ट्विटर पर बोरिस जॉनसन की शादी पर सवाल उठा दिया। उन्होंने ट्विटर पर बोरिस जॉनसन की शादी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि 'क्या कोई मुझे बता सकता है कि जब बोरिस जॉनसन ने स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही कैथोलिक चर्च को छोड़ दिया था और दो बार तलाकशुदा हैं, वो वेस्टमिंस्टर कैथोलिक चर्च में फिर से कैसे शादी कर सकते है? जबकि मैं कहना चाहता हूं कि सच्ची आस्था से कैथोलिक चर्च मे दूसरी शादी के लिए प्रार्थना करना भला कैसे संभव है?' आपको बता दें कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री जब बेहद छोटे थे उस वक्त उनकी मां की ईच्छा से उन्हें रोमन कैथोलिक में बपतिस्मा दिया गया था। बपतिस्मा ईसाईयों की एक धार्मिक आस्था है, जिसमें जल द्वारा किसी को कैथोलिक चर्च की सदस्यता प्रदान की जाती है। लेकिन बाद में बोरिस जॉनसन एंग्लिकनिज्म की तरफ से चले गये, जिसकी पुष्टि चर्च ऑफ इंग्लैंड ने की थी।

दो बार तलाकशुदा हैं बोरिस जॉनसन
ब्रिटिश प्रधानमंत्री इससे पहले दो शादियां कर चुके है। पहली शादी उन्होंने 1987 में की थी और उस वक्त वो सिर्फ 23 साल के थे। 1993 में बोरिस जॉनसन ने अपनी पहली पत्नी से तलाक ले लिया था। बोरिस जॉनसन पर उस वक्त उनकी बचपन की दोस्त मरीना व्हीलर से संबंध रखने का आरोप लगा था। पहली पत्नी से तलाक लेने के बाद बोरिस जॉनसन ने मरीना व्हीलर से दूसरी शादी कर ली थी। लेकिन, 2018 में बोरिस जॉनसन और मरीना व्हीलर भी अलग हो गये। रिपोर्ट के मुताबिक बोरिस जॉनसन की दूसरी शादी टूटने की वजह उनका कैरी साइमंड्स से अफेयर की शुरूआत होना था। 2019 में बोरिस जॉनसन और कैरी साइमंड्स ने सगाई कर ली थी और फिर उन्होंने सिक्रेट शादी कर ली है। जिसपर अब चर्च ने सवाल उठाया है।

शादी को मान्यता देने से इनकार
वहीं, बोरिस जॉनसन की शादी की खबर आने के बाद कैथोलिक लेखक और ब्रोडकास्टर कैथरीन पेपिंस्टर ने कहा कि कैथोलिक मान्यताओं के मुताबिक तलाकशुदा व्यक्ति फिर से चर्च में जाकर शादी नहीं कर सकता है। और चूंकी बोरिस जॉनसन की शादी कैथोलिक मान्यता के खिलाफ है, लिहाजा चर्च उनकी शादी को मान्यता देने से इनकार करता है। वहीं, बोरिस जॉनसन के करीबियों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने शादी करने से पहले हर आवश्यक कदम उठाए थे, जिसमें धार्मिक और कानूनी दोनों शामिल हैं।












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