Who is Cardinal Kevin Farrell: वेटिकन के कार्यवाहक प्रमुख कार्डिनल केविन फैरेल कौन हैं? क्या बन सकते हैं पोप?
Who is Cardinal Kevin Farrell: पोप फ्रांसिस के निधन के बाद, वेटिकन की कमान एक ऐसे व्यक्ति के हाथों में गई है, जिनका नाम भले ही आम जनता के लिए नया हो, लेकिन कैथोलिक चर्च के अंदर उनकी भूमिका बेहद अहम है। ये हैं कार्डिनल केविन जोसेफ फैरेल, जो अब वेटिकन के कैमरलेंगो (Chamberlain) के तौर पर कार्य कर रहे हैं।
77 वर्षीय कार्डिनल फैरेल का जन्म 2 सितम्बर 1947 को डबलिन में हुआ था। उन्होंने 1966 में लीजियोनरीज ऑफ क्राइस्ट धार्मिक संघ में प्रवेश किया और 1978 में मैक्सिकन-आधारित संघ के लिए पुजारी नियुक्त किए गए। उन्होंने छह साल बाद संघ छोड़ दिया और वाशिंगटन आर्चडायोसिस में एक डायोसेसन पुजारी बन गए। आइए आपको विस्तार से रूबरू कराते हैं...

कैमरलेंगो का क्या मतलब है?
कैमरलेंगो वह अधिकारी होता है, जो पोप की मृत्यु या इस्तीफे के बाद वेटिकन का संचालन करता है। जब तक नया पोप चुना नहीं जाता, तब तक वेटिकन की सभी प्रशासनिक जिम्मेदारियां कैमरलेंगो संभालते हैं।
कार्डिनल केविन फैरेल: जीवन और सेवा का सफर
- जन्म: 1947, डबलिन, आयरलैंड
- शिक्षा: सलामांका विश्वविद्यालय (स्पेन) और पोंटिफिकल ग्रेगोरियन यूनिवर्सिटी (रोम)
- प्रारंभिक सेवा: मैक्सिको, अमेरिका और रोम में पादरी के रूप में
- 2007: अमेरिका के डलास में बिशप नियुक्त
- 2016: पोप फ्रांसिस ने उन्हें वेटिकन में परिवार मामलों के विभाग का प्रमुख बनाया
- 2019: कैमरलेंगो नियुक्त किए गए
- 2023: वेटिकन सिटी स्टेट के सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष भी बनाए गए
पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में कैमरलेंगो की भूमिका
- मृत्यु की औपचारिक घोषणा - कार्डिनल फैरेल ने दुनिया को बताया कि पोप "पिता के घर लौट गए हैं।"
- पोप की अंगूठी का विनाश - पोप की "फिशरमैन रिंग" हथौड़े से नष्ट की जाती है, जिससे नए दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर नहीं किए जा सकें।
- डोमस सांता मार्ता को सील करना - पोप का निवास स्थान औपचारिक रूप से बंद कर दिया जाता है।
- कॉन्क्लेव की तैयारी - कैमरलेंगो कार्डिनल कॉलेज को बुलाते हैं और नए पोप के चुनाव की प्रक्रिया (कॉन्क्लेव) शुरू करते हैं।
- अंतिम संस्कार और जुलूस - पार्थिव शरीर को सेंट पीटर्स बेसिलिका तक ले जाने वाले जुलूस का नेतृत्व करते हैं।
क्या कैमरलेंगो खुद पोप बन सकते हैं?
हां, इतिहास में दो बार ऐसा हुआ है, जब कोई कैमरलेंगो बाद में पोप बना। हालांकि, इसका कोई तय नियम नहीं है।
- 1878: गियोचिनो पेची (पोप लियो XIII)
- 1939: यूजेनियो पैसेली (पोप पायस XII)

पोप कैसे चुना जाता है? (कॉन्क्लेव प्रक्रिया)
- सभी कार्डिनल्स (जो 80 साल से कम उम्र के हैं) कॉन्क्लेव में भाग लेते हैं।
- यह प्रक्रिया सिस्टीन चैपल में आयोजित की जाती है।
- कार्डिनल्स तब तक वोट डालते हैं जब तक किसी एक उम्मीदवार को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल जाता।
- सफेद धुआं (white smoke) चर्च की छत से निकलता है, जिससे जनता को संकेत मिलता है कि नया पोप चुन लिया गया है।
पोप फ्रांसिस की अंतिम इच्छा और अंतिम संस्कार
उन्होंने अपने अंतिम संस्कार को सरल और सादगीपूर्ण रखने का आग्रह किया था। कोई प्राइवेट अंतिम दर्शन नहीं होंगे। उनका पार्थिव शरीर एक ही ताबूत में रखा जाएगा (पिछले पोपों के तीन ताबूत की परंपरा से हटकर)। बेसिलिका ऑफ सेंट मैरी मेजर में उन्हें दफनाया जाएगा, जहां उनका मकबरा पहले से तैयार है।
कैथोलिक चर्च के अंतिम 10 पोप
- पायस एक्स: 1903-1914
- बेनेडिक्ट XV : 1914-1922
- पायस XI : 1922-1939
- पायस XII : 1939-1958
- जॉन XXIII : 1958-1963
- पॉल VI: 1963-1978
- जॉन पॉल प्रथम : 1978
- जॉन पॉल द्वितीय : 1978-2005
- बेनेडिक्ट XVI : 2005-2013
- फ्रांसिस : 2013-2025
कैमरलेंगो कार्डिनल केविन फैरेल: एक शांत लेकिन शक्तिशाली उपस्थिति
कार्डिनल फैरेल अब 1.4 बिलियन कैथोलिक अनुयायियों के सबसे अहम संक्रमणकालीन दौर के संचालक हैं। उनकी विनम्रता, प्रशासनिक क्षमता और वैश्विक अनुभव उन्हें इस भूमिका के लिए बिल्कुल उपयुक्त बनाते हैं।












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