कनाडाई नेता ने फिर मोदी सरकार पर उठाए सवाल, भारतीय मुसलमानों को लेकर लगाए बड़े आरोप

कनाडा की न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता जगमीत सिंह ने गुरुवार 14 अप्रैल को भारत में मुसलमानों के खिलाफ हिंसा के बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त की है।

ओटावा, अप्रैल 14: कनाडा के नेता जगमीत सिंह ने भारतीय मुसलमानों को लेकर मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की है। कनाडाई नेता जगमीत सिंह ने मोदी सरकार के दौरान भारत में मानवाधिकार की स्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं। जगमीत सिंह न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हैं, जो प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की अहम सहयोगी है और जगमीत सिंह अपनी पार्टी में बड़ा कद रखते है। भारतीय मूल के जगमीत सिंह ने कहा है कि, भारत में मुस्लिम विरोधी भावनाएं रोकने के लिए मोदी सरकार को कदम उठाने चाहिए।

कनाडाई नेता ने जताई चिंता

कनाडाई नेता ने जताई चिंता

कनाडा की न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता जगमीत सिंह ने गुरुवार 14 अप्रैल को भारत में मुसलमानों के खिलाफ हिंसा के बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त की है। जगमीत सिंह भारतीय मूल के हैं और रामनवमी समारोह के दौरान कई भारतीय शहरों और कस्बों में हिंसा भड़कने के कुछ दिनों बाद उनका ट्वीट आया है, जिसमें भारत में मुसलमानों पर अत्याचार की बात कही गई है। जगमीत सिंह ने अपने ट्वीट में कहा कि, 'मैं भारत में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हिंसा की तस्वीरों, वीडियो और उन्हें निशाना बनाने वाले खतरों के बारे में गहराई से चिंतित हूं। मोदी सरकार को मुस्लिम विरोधी भावना को बंद करना चाहिए। मानवाधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए। और कनाडा को हर जगह शांति की दिशा में काम करने में एक मजबूत भूमिका निभानी चाहिए।'

मध्यप्रदेश में हिंसा

इसमें कोई शक नहीं है, कि रामनवमी के मौके पर देश के कई हिस्सों में हिंसक झड़पें हुई हैं औऱ मध्य प्रदेश और बिहार से भी ऐसी तस्वीरें सामने आईं हैं, जो विचलित करने वाली हैं। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में हिंसा के कारण सरकार ने 16 घरों और 29 दुकानों को ध्वस्त कर दिया, जिनमें से ज्यादातर मुस्लिम समुदाय के थे। और इस घटनाओं की जितनी निंदा की जानी चाहिए, वो कम है। लेकिन, इन घटनाओं को लेकर कनाडाई सांसद को हमें ज्ञान देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि भारत के मुसलमान अपनी लड़ाई संवैधानिक तरीके से लड़ने के लिए पर्याप्त हैं और कनाडा के सांसद को अपना घर देखना चाहिए।

अब याद आया मानवाधिकार?

अब याद आया मानवाधिकार?

आपको बता दें कि, कनाडाई नेता जगमीत सिंह ने अपनी 'तीसरी आंख' से भारतीय मुसलमानों के खिलाफ कथित हिंसा को तो देख लिया, लेकिन जब फरवरी महीने में कनाडा में लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे ट्रक ड्राइवर्स पर प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने ग्रेनेड हमले करवाए थे, हथगोले चलवाए थे, उस वक्त जगमीत सिंह और उनकी पार्टी के सांसद आंखों पर पट्टी बांधे कनाडाई लोकतंत्र के मजे ले रहे थे। भारत सरकार को लोकतंत्र की नसीहत देने वाले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और कनाडाई सांसद अपने देश में तीन हफ्ते भी प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं कर पाए और आंदोलन को कुचलने के लिए हर तानाशाही तरीका इस्तेमाल कर बैठे, जो किसी लोकतांत्रिक देश के हालिया इतिहास में ये पहला मौका है, जब आंदोलनकारियों पर कोई सरकार ग्रेनेड का इस्तेमाल करे।

प्रदर्शनकारियों पर थर्ड डिग्री

प्रदर्शनकारियों पर थर्ड डिग्री

आपको बता दें कि, 20 फरवरी को अलजजीरा ने रिपोर्ट दी थी, कि कनाडाई पुलिस ने ओटावा शहर में आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारियों को राजधानी से खदेड़ने के लिए काली मिर्च स्प्रे और स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल किया था। सरकार ने नाकाबंदी के एक हिस्से को हटाने के लिए सैकड़ों ट्रक ड्राइवर्स को गिरफ्तार किया था और जिस जगह पर प्रदर्शन हो रहा था, उसके चारों तरफ नाकेबंदी कर दी थी, ताकि प्रदर्शनकारियों तक खाने-पीने की कोई भी चीज नहीं पहुंचे। यानि, लोकतांत्रिक प्रदर्शनकारियों पर कनाडा की सरकार ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दी थी और कनाडा के सांसद भारत को ज्ञान दे रहे है। इतना ही नहीं, कनाडा में खालिस्तानी आतंकियों का स्वागत किया जाता है, उसके बारे में कनाडाई सांसद जगमीत सिंह मुंह पर पट्टी लगाकर बैठे हुए हैं।

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