कनाडा के PM को ट्रंप से क्यों मांगनी पड़ी माफी? ट्रंप ने इसे कहा, 'अमेरिकी हितों पर हमला', क्या है पूरा मामला

Canada US Trade War: कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। एक विवादित विज्ञापन के कारण कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से माफी मांगी है। इस विज्ञापन में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन की आवाज का इस्तेमाल किया गया था, जिसे रीगन फाउंडेशन ने 'भ्रामक' बताया।

ट्रंप ने इसे "अमेरिकी हितों पर हमला" करार दिया, जिसके बाद व्हाइट हाउस ने कनाडाई उत्पादों पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है। कार्नी ने सुलह की बात कही है, लेकिन ट्रंप ने कहा है कि जब तक कनाडा अपनी 'गलत सूचना नीति' बंद नहीं करता, तब तक कोई व्यापार वार्ता नहीं होगी। यह घटना 2018 के टैरिफ विवाद की याद दिलाती है।

Canada US Trade War

रीगन विज्ञापन विवाद: कनाडा ने मांगी माफी

कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव एक विवादित विज्ञापन के कारण बढ़ गया है। ओंटारियो प्रीमियर डग फोर्ड द्वारा साझा किए गए एक राजनीतिक विज्ञापन में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के पुराने भाषण की क्लिप का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें वे टैरिफ के खतरों की बात कर रहे थे। रीगन फाउंडेशन ने इस विज्ञापन को 'भ्रामक' और अनधिकृत बताया। इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति की नाराजगी के बाद, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने माफी मांगी है, लेकिन अमेरिका ने कहा है कि जब तक कनाडा अपनी 'गलत सूचना नीति' बंद नहीं करता, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी।

ट्रंप का पलटवार: 'अमेरिकी हितों पर हमला' और 10% टैरिफ

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कनाडा के विज्ञापन को "फर्जी" और "धोखेबाजी भरा कदम" बताया। उन्होंने कहा कि कनाडा का यह व्यवहार "अमेरिकी हितों पर हमला" है और इससे दोनों देशों के बीच विश्वास को गहरा नुकसान हुआ है। विवाद बढ़ने के बाद, व्हाइट हाउस ने घोषणा की कि कनाडाई उत्पादों, विशेष रूप से एल्यूमिनियम और कृषि उत्पादों पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जब तक कनाडा अपनी गलत सूचना नीति बंद नहीं करता, तब तक व्यापार से संबंधित कोई बातचीत नहीं होगी।

ये भी पढ़ें: 'Giorgia Meloni बड़ी हसीन, कहीं खतरे में ना पड़ जाऊं', Donald Trump ने इटली की PM पर क्या-क्या कहा?

कनाडा चाहता है सुलह, टकराव नहीं

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार का उद्देश्य अमेरिका से टकराव नहीं, बल्कि संवाद और सहयोग है। उन्होंने कहा, "हम अमेरिका के साथ स्थायी संबंध चाहते हैं। जब भी वे तैयार होंगे, हम बातचीत के लिए तैयार हैं।" कार्नी ने यह भी स्पष्ट किया कि कनाडा निष्पक्ष व्यापार में विश्वास रखता है और उसका मकसद अमेरिका की नीतियों को चुनौती देना नहीं है। यह बयान तनाव को कम करने और व्यापारिक संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की कनाडा की इच्छा को दर्शाता है।

टैरिफ विवाद का पुराना इतिहास और आर्थिक असर

अमेरिका और कनाडा के बीच टैरिफ को लेकर विवाद नया नहीं है। 2018 में ट्रंप प्रशासन ने कनाडाई स्टील और एल्यूमिनियम पर भारी शुल्क लगाया था, जिससे दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे। इस बार का विवाद एक राजनीतिक विज्ञापन से शुरू हुआ है, लेकिन इसका सीधा असर व्यापार पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर टैरिफ नीतियां कठोर बनी रहीं तो उत्तरी अमेरिका के आर्थिक संबंधों पर दीर्घकालिक नकारात्मक असर पड़ सकता है, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान हो सकता है।

ये भी पढ़ें: Donald Trump का फिर हुआ पोपट! रूस से तेल न खरीदने वाले दावे पर विदेश मंत्रालय ने दिया बड़ा झटका

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+