होश में नहीं आ रहे ट्रूडो, फिर दिया उकसाने वाला बयान, कहा- भारत बढ़ा रहा लाखों लोगों की मुश्किलें
भारत से 41 डिप्लोमैट्स निकालने के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने बड़ा बयान दिया है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने शुक्रवार को कहा कि नई दिल्ली की कार्रवाई भारत और कनाडा में लाखों लोगों के लिए जीवन को बहुत कठिन बना रही हैं।
ट्रूडो ने यह बात कनाडा द्वारा यह कहने के एक दिन बाद कही कि उसने अपने 41 राजनयिकों का दर्जा एकतरफा रद्द करने की भारतीय धमकी के बाद उन्हें वापस बुला लिया है।

कनाडाई विदेश मंत्री मेलेनी जोली ने भारत से 41 राजनयिकों के हटाए जाने की पुष्टि करते हुए कहा था कि इस तरह से राजनयिकों की डिप्लोमैटिक इम्यूनिटी खत्म करना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है।
मेलेनी जोली ने कहा कि कनाडा के 21 राजनयिक अभी भी भारत में हैं, लेकिन 41 डिप्लोमैट्स की वापसी का मतलब है कि कनाडा को कर्मचारियों की कमी के कारण देश में अपनी सेवाओं को सीमित करना होगा।
इस कदम से बेंगलुरु, मुंबई और चंडीगढ़ में वन-ऑन-वन वर्किंग पर रोक लग जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि ये सेवाएं कब फिर से शुरू होंगी, इसकी कोई जानकारी नहीं है।
इस पर भारत सरकार का भी जवाब सामने आया। भारतीय विदेश मंत्रालय हमने किसी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन नहीं किया है और न ही इसे इस तरह का रंग देकर पेश किया जाना चाहिए।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत चाहता है कि नई दिल्ली और ओटावा के बीच डिप्लोमैटिक प्रजेंस एक जैसी रहे। हमारे देश में कनाडाई डिप्लोमैट्स ज्यादा था और वो लगातार अंदरूनी मामलों में दखलंदाजी कर रहे थे। यही वजह है कि हमने राजनयिक बराबरी पर जोर दिया।
आपको बता दें कि कनाडा ने भारत जाने वाले अपने नागरिकों के लिए नई ट्रैवल ए़डवाइजरी जारी की है। कनाडा ने तीन सप्ताह पहले जारी की गई ट्रैवल एडवाइजरी को अपडेट करते हुए उसमें कुछ बदलाव किए हैं।
कनाडा ने नई ट्रैवल एडवाइजरी में भारत में रहने वाले अपने नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है। इस यात्रा सलाह में कहा गया है कि भारत में कनाडा के नागरिकों को डराया-धमकाया जा सकता है और उनका शोषण किया जा सकता है। उनके साथ सार्वजनिक स्थानों पर बदसलूकी भी की जा सकती है।












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