हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड पर कनाडाई NSA का बहुत बड़ा दावा, क्या सबूतों के आधार पर सहयोग कर रहा भारत?
India-Canada Row: कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की निवर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जोडी थॉमस ने कहा है, कि 'खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर' हत्याकांड पर भारत अब सहयोग कर रहा है। कनाडा ने कथित तौर पर भारत सरकार के एजेंटों को कनाडा की धरती पर एक 'कनाडाई नागरिक' की हत्या से जोड़ा है, जिसके बाद से दोनों देशों के संबंध काफी खराब हो गये हैं।
कनाडा की एनएसए ने कहा है, कि दोनों देशों के बीच के रिश्ते में फिर से 'विकास' हो रहे हैं। रविवार को प्रसारित होने वाले सीटीवी के क्वेश्चन पीरियड होस्ट वैसी कपेलोस के साथ एक इंटरव्यू में, थॉमस ने कहा, कि कनाडा ने "उस रिश्ते में प्रगति की है।"

थॉमस ने कहा, "भारत में अपने समकक्ष के साथ मेरी चर्चा महत्वपूर्ण रही है और मुझे लगता है कि उन्होंने चीजों को आगे बढ़ाया है।"
भारत-कनाडा में तनावपूर्ण संबंध
पिछले साल सितंबर में, प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने हाउस ऑफ कॉमन्स में खड़े होकर कहा था, कि "विश्वसनीय आरोप" हैं कि भारत सरकार ब्रिटिश कोलंबिया में सिख अलगाववादी नेता और कनाडाई नागरिक, हरदीप सिंह निज्जर की जून में की गई हत्या में शामिल हो सकती है।
भारत ने जस्टिन ट्रूडो के आरोपों से फौरन इनकार कर दिया और भारत ने उसके बाद से लगातार कनाडा से सहूत मांगे हैं और हमारे पास जो जानकारी है, उसके मुताबिक अभी तक कनाडा ने भारत को भारतीय एजेंट की संलिप्तता को लेकर सबूत नहीं सौंपे हैं, जबकि कनाडा ने भारत से जांच में सहयोग करने का आह्वान किया है।
जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के बाद कई महीनों तक कनाडा और भारत के बीच संबंध तनावपूर्ण रहे। अक्टूबर में, भारत ने कनाडा के 40 डिप्लोमेट्स को देश से बाहर निकल जाने के लिए कहा था और भारत सरकार ने कहा था, कि अगर तय समय के अंदर कनाडाई नागरिक नई दिल्ली नहीं छोड़ते हैं, तो उनकी डिप्लोमेटिक इम्युनिटी छीन ली जाएगी।
लेकिन, इस बीच अमेरिका ने भी भारत पर इसी तरह के आरोप लगा दिए।
पिछले साल दिसंबर में, अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने घोषणा की थी, कि उसने अमेरिकी धरती पर एक सिख अलगाववादी नेता की हत्या के असफल प्रयास के सिलसिले में जून में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को गिरफ्तार किया है। निखिल गुप्ता पर अमेरिका ने आरोप लगाए हैं, कि उन्होंने गुरपतवंत सिंह पन्नून की हत्या की सुपारी एक अमेरिकी नागरिक को दी थी, तो एक अमेरिकी एजेंट था।
निखिल गुप्ता फिलहाल चेक रिपब्लिक की जेल में बंद हैं, जिन्हें चेक कोर्ट ने अमेरिका प्रत्यर्पित करने की इजाजत दे दी है।
वहीं, दिसंबर में द फाइनेंशियल टाइम्स के साथ एक इंटरव्यू में, भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, "अगर हमारे किसी नागरिक ने कुछ भी अच्छा या बुरा किया है, तो हम इस पर गौर करने के लिए तैयार हैं। हमारी प्रतिबद्धता कानून के शासन के प्रति है।"












Click it and Unblock the Notifications