कनाडा का खौफनाक आवासीय स्कूल, जहां बच्चों को दी जाती थी मौत, 215 के शव मिले, 6 हजार की हुई मौत
रिपोर्ट में कहा गया था कि स्कूल के अंदर बच्चों से भयानक दुर्वव्यहार किया जाता था और आवासीय स्कूल की लापरवाही और बच्चों को टॉर्चर करने की वजह से इस स्कूस में कम से कम 6000 बच्चों की मौत हो गई।
कैमलूप्स, मई 30: कनाडा के एक स्कूल से 200 से ज्यादा बच्चों के शव मिलने के बाद पूरी दुनिया में सनसनी फैल गई है। ये स्कूल एक वक्त कनाडा का सबसे बड़ा आवासीय स्कूल था, जहां बच्चों को बुरी तरह से टॉर्चर किया जाता था और अब स्कूल के अंदर से 215 बच्चों के शव मिले हैं। इन बच्चों में कई बच्चों की उम्र 3 साल के करीब है। एक कनाडाई अधिकारी के मुताबिक जमीन भेदी रडार की मदद से स्कूल के अंदर बच्चों के शवों को तलाशा गया है।

स्कूल से मिले 215 बच्चों के शव
कनाडा पुलिस के मुताबिक क्रिश्चियन स्कूल के अंदर 215 बच्चों के शव जमीन के अंदर दबे बड़े थे और जांच अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान अभी कई और शव जमीन के अंदर से मिल सकते हैं। 1970 के दशक में चलने वाले इस स्कूल के बारे में कहा जाता था कि यहां बच्चों का पढ़ना जरूरी था और उन्हें क्रिश्चियन की शित्रा दी जाती थी और जो बच्चे क्रिश्चियन नहीं होते थे उनका धर्म परिवर्तन किया जाता था। रिपोर्ट के मुताबिक इस स्कूल में जबरन बच्चों का दाखिला करवाया जाता था। कनाडा के एक जांच अधिकारी के मुताबिक ''कैमलूम्स इंडियन रेजिडेंशियल स्कूल में जो मिला है, उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है'' वहीं, पांच साल पहले ट्रूथ एंड रिकंसीलिएशन कमीशन ने इस स्कूल में बच्चों से होने वाले दुर्वव्यहार को लेकर अपनी रिपोर्ट दी थी।
6000 बच्चों की टॉर्चर से मौत
रिपोर्ट में कहा गया था कि स्कूल के अंदर बच्चों से भयानक दुर्वव्यहार किया जाता था और आवासीय स्कूल की लापरवाही और बच्चों को टॉर्चर करने की वजह से इस स्कूस में कम से कम 6000 बच्चों की मौत हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक कैमलूम्स इंडियन रेजिडेंशियल स्कूल में 1915 से 1963 के बीच कम से कम 51 मौतें हुई हैं। कैमलूम्स इंडियन रेजिडेंशियल स्कूल का संचालन 1890 से 1969 तक हुआ था और बाद में कनाडा की सरकार ने कैथोलिक चर्च से इस स्कूल का संचालन अपने हाथ में ले लिया और फिर 1978 में इस स्कूल को बंद कर दिया गया। रिपोर्ट के मुताकिस इस स्कूल में एक साथ करीब डेढ़ लाख बच्चों को रखा जाता था, जिन्हें क्रिश्चियन की शिक्षा देने के लिए भयानक टॉर्चर किया जाता था। 2006 में कनाडा की सरकार ने बच्चों की मौत पर माफी मांगी थी और संसद में कबूला था कि स्कूल के अंदर बच्चों को भयानक तरीके से टॉर्चर किया गया और उन्हें कई तरह की शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गईं थीं।












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