सैनिकों की मौत के बाद ईरान पर हमला कर सकता है अमेरिका.. मिडिल ईस्ट में खुलेगा जंग का नया फ्रंट!
Iran-America News: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रविवार को जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ड्रोन हमले के लिए ईरान समर्थित आतंकवादियों को दोषी ठहराया है, जिसमें तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा है, कि अपराधियों को उनके किए की सजा जरूर मिलेगी।
तीन सैनिकों की मौत के बाद अमेरिका में गुस्सा फूट पड़ा है और ईरान पर हमला करने की मांग की जा रही है और बाइडेन प्रशासन, जिसे इसी साल चुनाव में जाना है, उसके लिए हमले को लेकर जवाब देना भारी पड़ रहा है, लिहाजा आशंका बन रही है, कि अमेरिका, ईरान पर हमला कर सकता है।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा, कि "आज, अमेरिका का दिल भारी है। कल रात, सीरिया सीमा के पास पूर्वोत्तर जॉर्डन में तैनात हमारे बलों पर एक मानव रहित हवाई ड्रोन हमले के दौरान तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और कई घायल हो गए हैं।"
उन्होंने कहा, "हालांकि हम अभी भी इस हमले के तथ्य जुटा रहे हैं, लेकिन हम जानते हैं कि इसे सीरिया और इराक में सक्रिय कट्टरपंथी ईरान समर्थित आतंकवादी समूहों द्वारा अंजाम दिया गया है।"
क्षेत्रीय संघर्ष भड़कने का खतरा
हमास के साथ इज़राइल के युद्ध की शुरुआत के बाद यह पहली बार है, कि मध्य पूर्व में शत्रुतापूर्ण गोलीबारी में अमेरिकी सैन्यकर्मी मारे गए हैं। मध्य पूर्व के कई हिस्सों में बढ़ती हिंसा ने सीधे तौर पर ईरान से जुड़े एक व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका बढ़ा दी है। दक्षिण कैरोलिना चर्च बैंक्वेट सेंटर में बोलते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रतिशोध की अपनी प्रतिज्ञा को दोहराया है और कहा, कि "हम जवाब देंगे।"
वहीं, हमास के प्रवक्ता सामी अबू ज़ुहरी ने इस हमले को "अमेरिकी प्रशासन के लिए एक संदेश बताया और कहा, कि कि जब तक गाजा में निर्दोष लोगों की हत्या नहीं रुकती, इसका सामना पूरे (मुस्लिम) राष्ट्र को करना पड़ सकता है।"
अबू जुहरी ने कहा, कि "गाजा पर अमेरिकी-ज़ायोनी आक्रामकता जारी रहने से क्षेत्रीय विस्फोट का खतरा है।"
इस बीच, जॉर्डन सरकार के प्रवक्ता मुहन्नद मुबैदीन ने हमले के पीड़ितों के लिए अपने देश की ओर से संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रति संवेदना व्यक्त की।
मध्य पूर्व में बढ़ता संघर्ष, चुनावी वर्ष में बाइडेन के लिए एक चुनौती है। रिपब्लिकन पार्टी, सरकार पर दबाव बनाने के लिए घातक हमले का इस्तेमाल करना चाहते हैं, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी शामिल हैं, जिन्होंने स्थिति को "बाइडेन की कमजोरी का परिणाम" बताया है।
ट्रम्प ने रविवार को ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा है, कि "जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान पर ड्रोन हमला, जिसमें 3 अमेरिकी सेवा सदस्यों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए, यह अमेरिका के लिए एक भयानक दिन है।"
जॉर्डन हमले में तीन अमेरिकी सेवा सदस्यों के मारे जाने और 34 अन्य के घायल होने के बाद कई रिपब्लिकन नेताओं ने रविवार को बाइडेन से ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने का आह्वान किया है।
सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, कि "अब ईरान पर हमला करो,जोर से हमला करो।"
उन्होंने आगे लिखा है, कि "जब बाइडेन प्रशासन कहता है 'मत करो', तो ईरानी 'करते हैं'। ग्राहम ने कहा, बाइडेन प्रशासन की बयानबाजी ईरान में अनसुनी हो रही है। उन्होंने कहा, ''ईरान निश्चिन्त है। ईरानी शासन जो एकमात्र चीज़ समझता है, वह है बल प्रयोग। जब तक वे अपने बुनियादी ढांचे और अपने कर्मियों के साथ कीमत नहीं चुकाते, अमेरिकी सैनिकों पर हमले जारी रहेंगे।"
ऐसी स्थिति में आशंका जताई जा रही है, कि अमेरिका ईरान के अंदर सैन्य ठिकानों पर हमला कर सकता है। हालांकि, ये उतना आसान नहीं होगा, लेकिन सीरिया और ईराक में आतंकी ठिकानों पर अमेरिकी हमलों में इजाफा होने की पूरी संभवना है।












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