चीन में एक नई महामारी की दस्तक, कोरोना वायरस की तरह इंसानों से इंसानों में फैलने का खतरा
नई दिल्ली: कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है। अब तक एक करोड़ से ज्यादा लोग इस वायरस से ग्रसित हो चुके हैं। वैक्सीन नहीं होने की वजह से हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। इस बीच चीन से एक और चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां पर ब्यूबानिक प्लेग के मामले सामने आए हैं। जिसके लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है।

बयन्नुर में आया मामला
चीनी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक आंतरिक मंगोलियाई स्वायत्त क्षेत्र बयन्नुर में ब्यूबानिक प्लेग का संदिग्ध मामला सामने आया है। जिसके लिए हाई लेवल चेतावनी जारी की गई है, जो दिसंबर 2020 तक जारी रहेगी। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इस शहर में प्लेग फैलने की आशंका है। ऐसे में लोगों से सावधानियां बरतने की अपील की गई है। साथ ही जागरुकता बढ़ाने का भी काम किया जा रहा है। ये संक्रमण भी जानलेवा हो सकता है, हालांकि मेडिकल साइंस में इसके लिए ऐंटिबायॉटिक की खोज हो चुकी है।

नए वायरस का नाम G-4
चीनी मीडिया के मुताबिक इससे पहले पश्चिम मंगोलिया में ब्यूबानिक प्लेग के दो मामले सामने आए थे। जिसका शिकार दो भाई हुए। दोनों का इलाज स्थानीय अस्पताल में जारी है। वैज्ञानिक के मुताबिक जो नए वायरस मिले हैं, वो कोरोना वायरस की तरह घातक हैं। साथ ही भविष्य में महामारी का रूप ले सकते हैं। इनका भी इंसानों से इंसानों में फैलने का खतरा है। फिलहाल अभी इसको G-4 नाम दिया गया है और इसके बारे में ज्यादा जानने के लिए रिसर्च जारी है।

ब्यूबानिक प्लेग को कहा जाता है ब्लैक डेथ
ये बीमारी जंगली चूहों में पाए जाने वाले यर्सिनिया पेस्टिस बैक्टीरियम नामक बैक्टीरिया से होती है। इसमें मरीज को तेज बुखार होने लगता है और उसे शरीर में काफी दर्द होता है। दो-तीन दिन बाद शरीर में गिलटियां निकलने लगती हैं और बाद में ये पक जाती हैं। वहीं खून और फेफड़े पर वायरस का हमला होने की वजह से अंगुलियां भी काली पड़कर सड़ने लगती हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक जंगली चूहों में ये बीमारी सबसे पहले आई। उनके मरने के बाद ये वायरस पिस्सुओं में चल गया। फिर पिस्सुओं के काटने से इंसानों में आ जाता है। ये बीमारी इतनी घातक है कि इसे ब्लैक डेथ भी कहा जाता है।












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