ब्रिटेन के इतिहास की सबसे बड़ी तेल चोरी! युद्धपोत से चोरों ने निकाला ढ़ाई करोड़ का डीजल
लंदन, 07 अप्रैल: रूस और यूक्रेन युद्ध के चलते पूरी दुनिया में तेल की कीमतों के भाव आसमान छू रहे हैं। इसी बीच ब्रिटेन से तेल चोरी की एक बेहद ही चौंका देने वाली घटना सामने आई है। ईंधन चोरों ने ब्रिटेन के एक रॉयल नेवी के युद्धपोत से £250,000 यानि करीब 2.48 करोड़ रुपए मूल्य का डीजल चोरी कर लिया है। इसे ब्रिटेन के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी तेल चोरी करार दिया गया है।

युद्धपोत से कई हफ्तों तक डीजल चोरी करते रहे डीजल
तेल चोरों ने प्लायमाउथ में एचएमएनबी डेवोनपोर्ट में खडे एचएमएस बुलवार्क युद्धपोत से कई हफ्तों तक डीजल चोरी करते रहे और नेवी के सुरक्षा गार्डों को इसकी भनक नहीं लगी। द सन के अनुसार, इस असाधारण चोरी का खुलासा तब हुआ जब एक सिविल गार्ड ने साइट से तेल लेकर जा रहे टैंकर को चैक किया। जिसके बाद ब्रिटेन के इतिहास की सबसे बड़ी तेल चोरी का खुलासा हुआ। घटना की जांच शुरू कर दी गई है।

ब्रिटेन की सेना में हडकंप मचा
तेल चोरी की इस घटना के सामने आने के बाद ब्रिटेन की सेना में हडकंप मच गया है। घटना सामने आने के बाद नेवी के बड़े अधिकारियों को डर है कि ये चोरी कई हफ्तों से चल रही थी। सन ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि, इस घटना के बाद नेवी में दहशत का माहौल है। हालांकि नेवी के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक इस चोरी में नेवी के किसी कर्मी की संलिप्तता का पता नहीं चला है।

चोरी को नेशनल थ्रेट माना जा रहा है
ऐसा माना जा रहा है कि जब तक चोरों को तेल चोरी करने से रोका गया तब तक ज्यादातर ईंधन काला बाजार में बिक चुका था। प्लायमाउथ सटन और डेवोनपोर्ट के सांसद ल्यूक पोलार्ड ने कहा: "रॉयल नेवी के युद्धपोत से ईंधन की चोरी न केवल आपराधिक है, यह राष्ट्रीय संकट के समय में हमारी सेना से दुर्लभ संसाधनों को छीनना है। उन्होंने चोरी की घटना शर्मनाक है। ये घटना ऐसे समय में हुई है जब सशस्त्र बलों को लागत में कटौती का सामना करना पड़ रहा है।

सेना के जानकार चोरी से हैरान हैं
एम्फीबियस टास्क ग्रुप के पूर्व कमांडर रियर एडमिरल डॉ क्रिस पैरी ने कहा कि यह अविश्वसनीय लापरवाही की है। पूर्व फ्रिगेट कैप्टन टॉम शार्प ने कहा कि उन्होंने ऐसी "असाधारण" स्थिति के बारे में पहले कभी नहीं सुना था। मैंने इससे पहले वाणिज्यिक जहाजों से समुद्र में ईंधन की चोरी की खबरें सुनी हैं लेकिन रॉयल नेवी युद्धपोत इस तरह की चोरी एक "पूरी तरह से अलग घटना है।

चोरी हुआ डीजल शिप के जनरेटर के लिए था
बताया जा रहा है कि, चोरी किया गया डीजल एचएमएस बुलवार्क को पावर देने वाले जनरेटर को फिर से भरने के लिए था। 19,560 टन के युद्धपोत में 405 सैनिक और 325 नाविकों तैनात रहते हैं। यह नौसेना के शस्त्रागार में मौजूद दो युद्धपोतों में से एक है। बता दें कि रॉयल नेवी को दुनिया की सबसे खतरनाक और शक्तिशाली नौसेना में गिना जाता है।












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