कोरोना वायरस से भारी तबाही की आशंका, सालों तक लगाना होगा मास्क, साइंटिस्टों ने जारी की नई चेतावनी
कोरोना वायरस से बचना है तो अभी कई सालों तक मास्क लगाना होगा और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। ब्रिटेन के साइंटिस्ट ने चेतावनी जारी की है।
लंदन: दुनिया को अभी मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का सामना सालों तक करना पड़ेगा। विश्व के टॉप साइंटिस्ट ने कोरोना वायरस को लेकर दुनिया के लिए नई चेतावनी जारी की है। जिसमें उन्होंने कहा है कि अगर आपको कोरोना वायरस से बचना है तो सालों तक मास्क लगाना पड़ेगा और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना पड़ेगा। इंग्लैंड के पब्लिक हेल्थ इम्यूनाइजेशन के हेड मैरी रामसे ने दुनिया के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 'अब लोगों को मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग की आदत पड़ गई होगी और अभी दुनिया को इन प्रतिबंधों के साथ ही जीना होगा। देश की अर्थव्यवस्था को इन्हीं प्रतिबंधों के आधार पर बढ़ाना होगा। और जहां कम खतरा है, वहां इकोनॉमी को बढ़ाने पर जोर देना होगा'
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सरकार को चेतावनी
इंग्लैंड के पब्लिक हेल्थ इम्यूनाइजेशन के हेड मैरी रामसे ने ब्रिटेश सरकार के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 'किसी भी जगह पर कोरोना वायरस की वजह से लागू प्रतिबंध को हटाने से पहले बेहद सावधानी से वहां की स्थिति को देखना चाहिए'। उन्होंने कहा कि 'किसी आयोजन से पहले सरकार को तमाम सेफ्टी मेजर्स का पालना करवाने पर जोर देना होगा और सावधानी से आयोजनों पर नजर रखनी होगी'। बीबीसी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि 'मुझे निश्चित तौर पर लगता है कि कई सालों तक अभी लोगों को मास्क लगाना होगा। तब तक तो मास्क निश्चित तौर पर लगाना होगा, जबतक कि दुनिया के दूसरे जगहों पर भी वैक्सीनेश का काम पूरी तरह से पूरा हो जाए और हर जगह पर कोरोना वायरस के मामले कम होने लगे। और उसके बाद जाकर एक वक्त आएगा जब हम नॉर्मल जिंदगी जीना शुरू करेंगे

ब्रिटेन में वैक्सीनेशन
इस वक्त दुनिया में वैक्सीनेशन काफी तेज रफ्तार के साथ चल रही है। आधे ब्रिटेन में लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है। वहीं शुक्रवार को ब्रिटेन में सबसे ज्यादा लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी गई है। शुक्रवार को ब्रिटेन में 7 लाख 11 हजार 156 लोगों को वैक्सीन की पहली और दूसरी खुराक दी गई है। ब्रिटेन के हेल्थ सेक्रेटरी मैट हैंकॉक ने ब्रिटिश सरकार के इस रफ्तार को अभूतपूर्व उपलब्धि करार दिया है। आपको बता दें कि ब्रिटेन में अभी भी सरकार ने लॉकडाउन लगा रखा है जिसके खिलाफ ब्रिटेन में जमकर प्रदर्शन किया जा रहा है।

लॉकडाउन के अलावा विकल्प
ब्रिटेन में सरकार ने 31 मार्च तक के लिए लॉकडाउन लगा रखा है। और माना जा रहा है कि ब्रिटेन सरकार लॉकडाउन को आगे भी बढ़ा सकती है। वहीं, प्रोफेसर क्रिस व्हिटी ने पहले ब्रिटिश सांसदों से कहा था कि लॉकडाउन की जगह उन्हें सावधानी के ऊपायों पर ध्यान देना चाहिए। बार बार हाथ धोना, फेस मास्क, टेस्ट एंड ट्रेस और इन सबसे ऊपर लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीन की खुराक देनी चाहिए। वहीं, ब्रिटेन के सर पैट्रिक वलांस, जो सरकार के चीफ साइंटिफिक एडवाइजर है, उन्होंने सरकार को सलाह दी थी कि फेसमास्क अभी लोगों के लिए बेहद जरूरी है, खासकर उन जगहों पर जहां कोरोना वायरस मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है।

सरकार की प्लानिंग
ब्रिटेन की बोरिस जॉनसन सरकार 21 जून तक कानूनी प्रावधानों के साथ प्रतिबंध को बनाए रखना चाहती है। वहीं, सरकार के एडवाइजर ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस बार गर्मियों में विदेशियों के लिए ब्रिटेन का द्वारा खोलना एक मुसीबत बढ़ाने वाला फैसला हो सकता है। प्रोफेसर पीटर ओपनशॉ ने कहा कि 'पिछले साल क्या हुआ था, हमें उसे भूलना नहीं चाहिए।' उन्होंने सरकार से कहा है कि सांस संबंधी बीमारियों को लेकर सरकार को तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि 'ब्रिटेन में दूसरे देशों से कोरोना वायरस के मरीज आ रहे हैं। ग्रीस, क्रोशिया, और स्पेन के साथ कई और देशों से इम्पोर्टेड कोरोना वायरस ब्रेटिन तक पहुंचे थे, जिसकी वजह से हमने देखा था कि ब्रिटेन में कोरोना वायरस ने किस कदर तबाही मचाई थी'। उन्होंने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 'मुझे डर है कि ब्रिटेन में कोरोना वायरस पिछले साल की तरह फिर से कहर बरपा सकता है, क्योंकि इस वायरस को किसी भी तरह से अभी तक हराया नहीं जा सका है'।












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