BRICS Summit: ब्रिक्स समिट में रक्षा, व्यापार से लेकर पर्यावरण सुरक्षा तक, कौन- कौन से मुद्दे उठाएगा भारत?
ब्रिक्स देशों के समिट के दौरान भारत वैश्वक समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेगा। रूस में भारतीय दूतावास ने कहा है कि रूस और भारत इससे पहले संयुक्त रूप से 2030 तक 100 बिलियन डॉलर के व्यापार लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। भारत के राजदूत विनय कुमार के मुताबिक, ब्रिक्स देशों के समिट के बाद पीएम मोदी के साथ समकक्ष (पुतिन) की भी मीटिंग होगी, जिसमें भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती के लिए अहम कदम उठाए जा सकते हैं।
ब्रिक्स देशों के समिट (BRICS summit 2024) के दौरान भारत वैश्वक समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेगा। रूस में भारतीय दूतावास ने कहा है कि रूस और भारत इससे पहले संयुक्त रूप से 2030 तक 100 बिलियन डॉलर के व्यापार लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। भारत के राजदूत विनय कुमार के मुताबिक, ब्रिक्स देशों के समिट के बाद पीएम मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के साथ समकक्ष (पुतिन) की भी मीटिंग होगी, जिसमें भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती के लिए अहम कदम उठाए जा सकते हैं।

पीएम मोदी ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए रूस के कजान शहर में 22-23 अक्टूबर मौजूद रहेंगे। पीएम की रूस यात्रा को लेकर रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने वैश्विक दृष्टिकोण से भारत द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों को लेकर बड़ी बात कही है।
राजदूत विनय कुमार ने एक बयान में उन्होंने कहा, "जुलाई में प्रधान मंत्री की मॉस्को यात्रा के बाद से, जब दोनों नेताओं ने 2030 तक 100 बिलियन डॉलर के व्यापार लक्ष्य पर फैसला किया, हम काम कर रहे हैं। उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए गतिविधियों और योजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए कई संयुक्त कार्य समूहों ने अपनी बैठकें की हैं, और अंतर सरकारी आयोग की अगली बैठक नवंबर में निर्धारित की गई है, जहां विभिन्न क्षेत्रों में नए लक्ष्यों को अंतिम रूप दिया जाएगा।"
ब्रिक्स समिट को लेकर राजदूत विनय कुमार ने कहा, "भारत के एशिआई देशों को बीच द्विपक्षीय संबंध तेजी से मजबूत हो रहे हैं। परस्पर सहयोग, भारतीय अध्ययन, भारतीय संस्कृति, भारतीय फिल्मों को लेकर रूस में जबरदस्त रुचि देखी गई है, जिसे बढ़ावा देने पर चर्चा हो सकती है।"
विनय कुमार के बयान के मुताबिक,प्रधानमंत्री की मुख्य व्यस्तता ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भागीदारी है। इसके अलावा शिखर सम्मेलन के मौके पर उनकी कुछ द्विपक्षीय बैठकें भी होंगी। उनमें से एक को राष्ट्रपति पुतिन के साथ पक्का कर लिया गया है, शेड्यूल-संबंधित मुद्दों को हल करने के बाद कुछ अन्य भी काम कर सकते हैं।
भारत के राजदूत विनय कुमार ने कहा "प्रधानमंत्री की मुख्य व्यस्तता ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भागीदारी है। इसके अलावा शिखर सम्मेलन के मौके पर उनकी कुछ द्विपक्षीय बैठकें भी होंगी। इस दौरान पीएम मोदी की राष्ट्रपति पुतिन के साथ भी बैठक होगी।"
राजदूत विनय कुमार ने काह कि भारत ब्रिक्स का संस्थापक सदस्य है और ब्रिक्स के ढांचे के भीतर आर्थिक सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। वैश्विक दक्षिण के कई देशों और अन्य देशों के बीच अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ब्रिक्स के साथ सहयोग कर रहा है। ब्रिक्स आर्थिक सहयोग और विस्तार, राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार, सतत विकास, विशेष रूप से प्रधानमंत्री मोदी का LiFE (Lifestyle For Environmental) मिशन है।
BRICS summit 2024 में इन मुद्दों पर चर्चा
ब्रिक्स देश जलवायु परिवर्तन की समस्याओं का समाधान करना, आगे डिजिटल समावेशन, समाज के हाशिए पर मौजूद वर्गों के वित्तीय समावेशन की दिशा में काम करना और ब्रिक्स के साथी सदस्यों के साथ भारत में कुछ उपलब्धियां साझा करना, महिलाओं के नेतृत्व वाला विकास, डीपीआई या यूपीआई को बेहतर बनाने समेत कई अहम मुद्दों पर काम कर रहा है। ऐसे में समिट के दौरान इन विषयों वैश्विक दृष्टिकोण के साथ अहम चर्चा होगी।












Click it and Unblock the Notifications