लूला डा सिल्वा ने जेयर बोल्सोनारो को हराया, बनेंगे ब्राजील के नए राष्ट्रपति, वामपंथ का उदय

ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में जेयर बोल्सोनारो बेहद कम अंतर से हार गए हैं। वह 1990 के दशक के बाद दूसरा कार्यकाल हासिल न करने वाले पहले राष्ट्रपति बन गए हैं।

ब्राजील (Brazil) के पूर्व राष्ट्रपति लुइस इनासियो लूला डा सिल्वा ( Luiz Inácio Lula da Silva) ने रविवार को मौजूदा राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो ( Jair Bolsonaro) को हरा दिया है। लूला की यह आश्चर्यजनक वापसी है। देश में दक्षिणपंथी सरकार के अंत के साथ वामपंथी सरकार का उदय हो गया । एक दशक के बाद लूला ने बोल्सनारो के 49.2 फीसद वोटों की तुलना में 50.8 फीसद वोट पाकर चुनाव (Brazil Presidential Elections) जीत लिया है।

लूला जनता के पसंदीदा उम्मीदवार बन गए थे

लूला जनता के पसंदीदा उम्मीदवार बन गए थे

बता दें कि अधिकांश चुनावों के सर्वे में भी लूला फिर से चुने जाने के लिए पसंदीदा उम्मीदवार थे। बोल्सोनारो ने 2 अक्टूबर को पहले दौर के मतदान में जनमत सर्वे से बेहतर प्रदर्शन किया था, हालांकि, इसके बाद भी उनका जीतना मुश्किल माना जा रहा था।वहीं, इतिहास को देखें, तो 1998 में फर्नांडो हेनरिक कार्डसो, 2006 में लूला और 2014 में डिल्मा रूसेफ सभी ने चार साल का दूसरा कार्यकाल हासिल किया था। इधर चुनावी अधिकारियों ने लूला की जीत की घोषणा की। उन्हें 51 फीसदी वोट मिले हैं। जबकि बोल्सोनारो को 49 फीसदी वोट मिले हैं। दोनों प्रतिद्वंदियों के बीच का यह अंतर बेहद ही कम है।

पहले दौर में नहीं हो सका था फैसला

पहले दौर में नहीं हो सका था फैसला

बता दें कि, इससे पहले 2 अक्टूबर को कोई भी उम्मीदवार पहले दौर में जीतने के लिए आवश्यक 5 प्रतिशत अंक हासिल नहीं कर सका था। विशेष रूप से, इस साल के चुनावों में 156 मिलियन से अधिक लोगों को वोट डालने की अनुमति मिली थी, जो कि अपने आप में एक बड़ा रिकार्ड था।

लूला का जनता से वादा

लूला का जनता से वादा

बता दें कि 76 वर्षीय लूला ने बोल्सोनारो को पद से हटाने के लिए अपने अभियान में अपनी पिछली उपलब्धियों पर गिनाया था। उनके चनावी अभियान में एक नई कर व्यवस्था का वादा किया गया था जो उच्च सार्वजनिक खर्च की अनुमति देगा। उन्होंने देश में भूख खत्म करने का संकल्प भी लिया है।

मिल रही बधाइयां

मिल रही बधाइयां

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रविवार को ब्राजील के निर्वाचित राष्ट्रपति को स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय चुनावों में उनकी जीत के लिए बधाई दी। बाइडेन ने अपने बयान में कहा कि वह दोनों देशों के बीच निरंतर सहयोग के लिए तत्पर हैं। वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्वीट कर लूला को बधाई दी। उन्होंने कहा कि, दोनों देशों के बीच के संबंधों को फिर से नई ऊंचाईयां प्रदान करेंगे।

लूला का विवादों से रहा नाता

लूला का विवादों से रहा नाता

लूला का विवादों से नाता रहा है। वे 2017 में सरकारी तेल कंपनी पेट्रोब्रास में व्यापक ऑपरेशन कार वॉश जांच से उपजे आरोपों में भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए दोषी ठहराए गए थे। हालांकि, दो साल से कम समय के बाद सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश ने मार्च 2021 में लूला की सजा को रद्द कर दिया था, जिससे उनके लिए छठी बार राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने का रास्ता साफ हो गया था।

बोल्सोनारो ने कोरोना काल में बड़ी गलती की थी..

बोल्सोनारो ने कोरोना काल में बड़ी गलती की थी..

बोल्सोनारो ने आज से चार साल पहले बड़ी जीत हासिल की थी। हालांकि, वह कोरोना महामारी के दौरान गलत प्रबंधन को लेकर आलोचना के शिकार हुए। उनकी गलत नीतियों की वजह से देश में 6 लाख 80 हजार लोगों ने अपनी जान गंवा दी। उनके कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई, लोकतांत्रिक संस्थानों पर हमले हुए। खबर के मुताबिक अमेजन के जंगलों में बीते 15 साल में सबसे अधिक पेड़ों की कटाई हुई।

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