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अब चीन ने ब्राजील को ठगा: ट्रायल के दौरान सिर्फ 50.4% ही कारगर हुआ कोरोना वैक्सीन, राष्ट्रपति बोल्सनारो नाराज

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Corona vaccine update: ब्रासीलिया: कोरोना वायरस(corona virus) को जन्म देने वाला चीन(china) अब वैक्सीन(vaccine) के नाम पर अलग अलग देशों को ठगने में लगा हुआ है। चीन की चतुराई का ताजा शिकार बना है ब्राजील(Brazil)। जहां चीनी वैक्सीन ट्रायल के दौरान बुरी तरह से फ्लॉप हुआ है। जबकि, चीन ने ब्राजील को गलत आंकड़ा देते हुए वैक्सीन को बेहद कारगर बताया था।

VACCINE

सिर्फ 50.4% ही कारगर चीनी वैक्सीन

चीन के सिनोवैक(Sinovac) बायोटेक द्वारा विकसित कोरोनो वायरस वैक्सीन ब्राजील में ट्रायल के दौरान बुरी तरह से नाकामयाब रहा। चीनी कोरोना वैक्सीन ब्राजील में परीक्षण के दौरान सिर्फ 50.4% ही कारगार साबित हुआ। जबकि संक्रामक रोगों के लिए बनाया गया वैक्सीन कम से कम 95 फीसदी से ज्यादा कारगर होना चाहिए। चीनी वैक्सीन के इस रिजल्ट से ब्राजील सरकार और उसके स्वास्थ्य विभाग को बहुत बड़ा झटका लगा है, क्योंकि, ब्राजील में कोरोना संक्रमण का दूसरा फेज काफी कहर बरपा रहा है, जिसे रोकने के लिए ब्राजील सरकार ने चीन के साथ कोरोना वैक्सीन के लिए करार किया है। ब्राजील सरकार की कोशिश है, वो जल्द से जल्द अपनी जनता का वैक्सीनेशन कर उन्हें कोरोना संक्रमित होने से बचाए। लेकिन, चीनी वैक्सीन के फ्लॉप होने से ब्राजील सरकार को भारी निराशा हुई है।

ब्राजील के वैज्ञानिक और राष्ट्रपति चीन पर भड़के

चीनी वैक्सीन के फ्लॉप होने पर ब्राजील के कई वैज्ञानिकों ने कड़ी आलोचना की है। वहीं, ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सनारो ने चीन के सामने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। दरअसल, चीन ने ब्राजील के साथ वैक्सीन के करार के वक्त ब्राजील को गलत डेटा दिया था, जिसका खुलासा चीनी वैक्सीन के फ्लॉप होने के बाद हुआ है, जिसपर ब्राजील के कई वैज्ञानिकों ने ब्यूटानन बायोमेडिकल सेंटर (Butantan biomedical center) की कड़ी आलोचना की है। ब्राजील के वैज्ञानिकों का कहना है, कि चीन ने वैक्सीन की गलत जानकारी देकर उन्हें धोखा दिया है।

चीनी वैक्सीन में पारदर्शिता नहीं- वैज्ञानिक

चीनी की राजधानी बीजिंग में सिनोवैक(Sinovac) नाम की बायोफार्मास्यूटिकल कंपनी वैक्सीन बना रही है। और इस वैक्सीन को ब्यूटानन इंस्टीट्यूट ब्राजील में लोगों पर ट्रायल कर रहा है। पिछले हफ्ते ब्यूटानन ने कहा था, कि ये वैक्सीन करीब 78 प्रतिशत लोगों पर कारगार हो रहा है, लेकिन अब पता चला है, कि आंकड़ों में 'माइल्ड टू सीवियर' लोगों को शामिल ही नहीं किया गया था। और जब 'माइल्ड टू सीवियर' लोगों को डेटा में शामिल किया गया तो वैक्सीन सिर्फ 50.4 प्रतिशत ही कारगर हो पाया।

ब्राजील में कहर बरपा रहा है कोरोना

चीन ने वैक्सीन के नाम पर ब्राजील को उस वक्त धोखा दिया है, जब ब्राजील में कोरोना की वजह से सबसे ज्यादा मौतें हो रही हैं। कोरोना के मामलों में ब्राजील, अमेरिका और भारत के बाद तीसरे नंबर पर है, लेकिन, ब्राजील में कोरोना से सबसे ज्यादा मौतें इसलिए हुई हैं, क्योंकि, कोरोना वायरस के जन्मस्थान वुहान से ब्राजील का सीधा संपर्क है। वुहान से ब्राजील के लिए डायरेक्ट फ्लाइट है। और वुहान से चीनी वायरस को लेकर लोग सीधे ब्राजील पहुंचे थे। ब्राजील में अब तक कोरोना के करीब 81 लाख मरीज मिल चुके हैं। और ब्राजील सरकार जल्द से जल्द अपने नागरिकों को वैक्सीनेशन कर उनकी जिंदगी की रक्षा करना चाहती है।

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English summary
Only 50.4% chine’s corona vaccine has been effective in Brazil
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