दुनिया का सबसे दुर्भाग्यशाली बच्चा! डॉक्टरों ने कहा जिंदा रहेगा, फिर भी हो गई मौत
ब्रिटेन में एक नौ साल के बच्चे की सर्जरी के बाद मौत हो गयी। हैरानी के बात यह है कि सर्जनी से पहले डॉक्टरों ने बताया था कि बच्चे के ठीक होने के 99 फीसदी चांसेज हैं।
लंदन, 06 मई: ब्रिटेन के ग्रेट ओरमंड स्ट्रीट अस्पताल में 9 साल के बच्चे नोवा डिक्सी की सर्जरी के दौरान मौत हो गई। नोवा, एलाजील सिंड्रोम नामक एक विलक्षण बीमारी से जूझ रहा था। हैरानी की बात ये है कि सर्जरी से पूर्व डॉक्टरों ने उसके मरने की मात्र एक फीसदी संभावना बतायी थी।

जन्मदिन के तीन दिन बाद मौत
नोवा डिक्सी सिर्फ 8 सप्ताह का था जब उसकी इस बीमारी के बारे में पता चला था। नोवा को जीवित रखने के लिए पंद्रह प्रकार की दवाईयां दी जाती थीं। वह अपने पूरे जीवनकाल में अस्पताल के चक्कर लगाता रहा। बीते वर्ष उसे ग्रेट ओरमंड अस्पताल ले जाया गया था ताकि उसकी किडनी को दूसरे रक्त स्रोत से जोड़ा जा सके और पिछले ऑपरेशन के दौरान जोड़े गए धातु के पाइप को हटाया जा सके। इस दौरान 14 घंटे तक उसका ऑपरेशन चला जो कि असफल रहा। हालांकि ऑपरेशन के बाद ऐसा लग रहा था कि वह ठीक हो रहा है लेकिन तीन दिन बाद ही 29 अक्टूबर को उसकी मृत्यु हो गयी।
20 रोगियों का हो चुका था सफल ऑपरेशन
उसकी मृत्यु की जांच पर बोलते हुए नोवा के माता पिता ने कहा कि उनका बेटा बहुत बहादुर था। नोवा के निराश पिता ने कहा कि हम पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं। हमने एक पवित्र आत्मा को देखा। यह महसूस किया कि कोई इतना सुंदर, दयालु औऱ मजबूत भी हो सकता है। अस्पताल के सर्जन डॉ कॉलिन फोरमैन ने बताया कि इस बीमारी का ऑपरेशन पिछले 20 रोगियों में सफल रहा था। लेकिन नोवा के मामले में उनके धातु के स्टेंट ने ऑपरेशन को कठिन बना दिया था। इस स्टेंट की वजह से उसकी धमनियां फट गयी थीं। नोवा की किडनी उम्मीद के मुताबिक काम नहीं कर रही थी।
क्या है ऐलाजील सिंड्रोम
एलाजील सिंड्रोम नामक बीमारी प्रति लाख बच्चों में से एक को प्रभावित करती है और इस पर नियंत्रण पाना बेहद मुश्किल माना जाता है। नोवा अपने छोटे से जीवनकाल में ही कई ऑपरेशन से जूझता रहा। यह एक आनुवांशिक सिंड्रोम है जो लिवर, हृदय और शरीर के अन्य भागों को प्रभावित कर सकता है। इसमें पित्त नलिकाओं में असामान्यता आ जाती है। दरअसल, सामान्य लिवर की तुलना में जब लिवर में पित्त वाहिनी कम और छोटी होती है तो लिवर संबंधी समस्याएं शुरू हो जाती हैं जिससे लिवर को नुकसान पहुंचता है। आमतौर पर जब शिशु नवजात होता है या फिर बचपन के शुरुआती दिनों में ही एलाजील सिंड्रोम के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। खास बात यह है कि एक ही परिवार के लोगों के बीच भी इस बीमारी के लक्षण और गंभीरता का प्रकार अलग अलग हो सकता है, इसलिए कुछ मामलों में बीमारी के लक्षण हल्के और कुछ में गंभीर हो सकते हैं।












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